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305 लोगों को लेकर जा रही नाव अचानक पलटी, 109 की मौत, 116 अब भी लापता

जिबूती के तट पर 305 प्रवासियों से भरी नाव पलटने से 109 लोगों की मौत हो गई, जिनमें 15 बच्चे शामिल हैं। 116 लोग लापता हैं और रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है।

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Djibouti Boat Accident: पूर्वी अफ्रीकी देश जिबूती के तट पर प्रवासियों से भरी एक नाव पलटने से बड़ा हादसा हो गया। इस दुर्घटना में कम से कम 109 लोगों की जान चली गई, जबकि 116 लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं। मृतकों में 15 बच्चे भी शामिल हैं। अंतरराष्ट्रीय प्रवासन संगठन (IOM) के मुताबिक, नाव में करीब 305 लोग सवार थे। हादसे के बाद बचाव दल ने अभियान शुरू किया और 80 से अधिक लोगों को सुरक्षित निकालने में सफलता मिली। यह दुर्घटना गुरुवार रात और शुक्रवार सुबह के बीच हुई बताई जा रही है। फिलहाल लापता लोगों की तलाश जारी है। इस घटना ने एक बार फिर बेहतर जिंदगी और रोजगार की उम्मीद में जोखिम भरा समुद्री रास्ता अपनाने वाले प्रवासियों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

समुद्र में मौत का मंजर, महिलाओं और बच्चों की भी गई जान

IOM की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, हादसे में जान गंवाने वालों में 52 पुरुष, 42 महिलाएं और 15 बच्चे शामिल हैं। नाव जिबूती से यमन की ओर जा रही थी, तभी समुद्र में पलट गई। हालांकि, नाव किन परिस्थितियों में पलटी, इसकी विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है। हादसे के बाद राहत और बचाव अभियान चलाया जा रहा है, ताकि लापता लोगों का पता लगाया जा सके। 116 लोगों के लापता होने के कारण मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। बचावकर्मी समुद्री क्षेत्र में तलाश कर रहे हैं। इतनी बड़ी संख्या में लोगों के हताहत होने से इस समुद्री मार्ग पर यात्रा करने वाले प्रवासियों के सामने मौजूद खतरों की गंभीरता उजागर हुई है।

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आखिर क्यों जान जोखिम में डालकर समुद्री रास्ता चुनते हैं प्रवासी?

अंतरराष्ट्रीय प्रवासन संगठन के मुताबिक, हॉर्न ऑफ अफ्रीका क्षेत्र से बड़ी संख्या में लोग बेहतर रोजगार, आर्थिक अवसरों और सुरक्षित भविष्य की तलाश में जिबूती पहुंचते हैं। यहां से वे बाब-अल-मंदेब जलडमरूमध्य पार कर यमन और आगे खाड़ी देशों की ओर जाने की कोशिश करते हैं। यमन में संघर्ष और अस्थिरता के बावजूद इस रास्ते से लोगों की आवाजाही जारी है। जिबूती में IOM के मिशन प्रमुख एलेक्जेंडर कोयसैक ने इस हादसे को बड़ी मानवीय त्रासदी बताते हुए कहा कि यह घटना प्रवासियों को यात्रा के दौरान होने वाले गंभीर जोखिमों की याद दिलाती है। इस दुर्घटना के बाद अब सबसे बड़ी चुनौती लापता लोगों का पता लगाना और प्रभावित परिवारों तक सहायता पहुंचाना है। बचाव अभियान के नतीजों पर सभी की नजर बनी हुई है।

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