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‘दृश्यम’ देखकर रची पिता की हत्या की साजिश, 36 घंटे बंद रखा फोन… एक गलती ने पहुंचा दिया जेल

बिहार में पिता की हत्या के बाद बेटा 36 घंटे तक मोबाइल बंद रखकर सूरत भाग गया। ‘दृश्यम’ से प्रभावित आरोपी तक पुलिस कैसे पहुंची, जानिए पूरी कहानी।

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Bihar News: बिहार में पिता की हत्या के मामले में पुलिस ने आरोपी बेटे को सूरत से गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, आरोपी शिव शंकर ने वारदात को अंजाम देने के बाद जांच से बचने के लिए फिल्मी अंदाज में कई सावधानियां बरतीं। उसने अपना मोबाइल बंद रखा, रात में गांव पहुंचकर पिता की हत्या की और वारदात के कुछ ही घंटे बाद वापस सूरत निकल गया। उसे भरोसा था कि पुलिस उस तक नहीं पहुंच पाएगी, लेकिन मोबाइल कुछ देर के लिए चालू करना उसकी सबसे बड़ी गलती साबित हुई।

जमीन विवाद ने बढ़ाई पिता से नाराजगी, फिल्म देखकर बनाया प्लान

पुलिस की जांच के अनुसार, शिव शंकर का अपने पिता रघुवीर सहनी से जमीन को लेकर विवाद चल रहा था। उसकी पत्नी ने भी उसे बताया था कि उसके पिता अक्सर जमीन के मुद्दे पर उससे झगड़ा करते हैं और गाली-गलौज करते हैं। इसी वजह से वह पिता से नाराज था। सूरत में रहने के दौरान उसने अजय देवगन की फिल्म ‘दृश्यम’ देखी। पुलिस का दावा है कि फिल्म से प्रभावित होकर उसने हत्या के बाद पुलिस की जांच से बचने की योजना तैयार की। इसके बाद वह ट्रेन से Bihar के लिए रवाना हुआ और पटना व हाजीपुर होते हुए पटोरी स्टेशन पहुंचा।

रात में गांव पहुंचा और कुल्हाड़ी से कर दी हत्या

पुलिस के मुताबिक, पटोरी स्टेशन से ऑटो लेने के बाद शिव शंकर कुछ दूरी तक गया और फिर करीब चार किलोमीटर पैदल चलकर रात में अपने गांव पहुंचा। उसने घर में पीछे के रास्ते से प्रवेश किया। इसके बाद कोठरी में रखी कुल्हाड़ी निकाली और घर के बाहर सो रहे अपने पिता रघुवीर सहनी पर हमला कर दिया। हमले में रघुवीर की मौत हो गई। वारदात के बाद आरोपी ने गांव में रुकने के बजाय उसी रात वापस निकलने का फैसला किया। वह पटोरी स्टेशन पहुंचा और ट्रेन से सूरत लौट गया। पुलिस ने घटनास्थल से सबूत जुटाए और FSL टीम की मदद से जांच आगे बढ़ाई।

36 घंटे बंद रहा फोन, लेकिन स्टेशन पर ऑन करना पड़ गया भारी

पुलिस के अनुसार, हत्या के बाद आरोपी ने यात्रा के दौरान अपना मोबाइल बंद कर लिया था। उसे लगा कि फोन बंद रहने से उसकी लोकेशन ट्रेस नहीं हो पाएगी। लेकिन पटोरी स्टेशन पहुंचने के बाद उसने कुछ समय के लिए मोबाइल ऑन किया और पत्नी से बातचीत की। इसके बाद फोन फिर बंद कर दिया। यही कुछ मिनट पुलिस की जांच में बड़ा सुराग बन गए। तकनीकी जांच के दौरान मोबाइल की लोकेशन हत्या वाली रात पटोरी स्टेशन के आसपास मिली। इसके बाद करीब 36 घंटे बाद वही मोबाइल सूरत में सक्रिय मिला। कॉल डिटेल और मोबाइल टावर की जानकारी का मिलान करने पर पुलिस का शक शिव शंकर पर गहरा गया।

श्राद्ध में भी नहीं पहुंचा तो पुलिस का शक और पक्का हुआ

पुलिस ने परिवार के लोगों से पूछताछ की और मोबाइल लोकेशन समेत दूसरे सबूतों को जोड़ना शुरू किया। जांच के दौरान यह भी सामने आया कि पिता की मौत के बाद शिव शंकर उनके श्राद्ध कार्यक्रम में शामिल होने गांव नहीं आया। इसके बाद पुलिस टीम सूरत पहुंची और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस का कहना है कि आरोपी ने जांच से बचने के लिए काफी सावधानी बरती, लेकिन मोबाइल को थोड़ी देर के लिए चालू करना उसके खिलाफ अहम तकनीकी सबूत बन गया। फिलहाल पुलिस हत्या की पूरी वजह और वारदात से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच कर रही है।

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