Homeदेश‘22 मिनट की कार्रवाई, आतंक का सफाया!’ ऑपरेशन सिंदूर पर सेना का...

‘22 मिनट की कार्रवाई, आतंक का सफाया!’ ऑपरेशन सिंदूर पर सेना का संदेश, क्या फिर होगा ऐसा एक्शन?

ऑपरेशन सिंदूर की सालगिरह से पहले भारतीय सेना ने सख्त संदेश जारी किया। 22 मिनट में आतंकी ठिकानों को तबाह करने वाले ऑपरेशन की पूरी कहानी और चेतावनी जानिए।

-

ऑपरेशन सिंदूर की पहली वर्षगांठ से ठीक पहले भारतीय सेना ने एक ऐसा संदेश जारी किया है, जिसने एक बार फिर क्षेत्रीय सुरक्षा और आतंकवाद के खिलाफ भारत के रुख को चर्चा में ला दिया है। सेना ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर पोस्ट करते हुए साफ कहा कि “सबूत बहस नहीं करते, वे फैसला करते हैं।” इस संदेश के साथ एक तस्वीर भी साझा की गई, जिसमें 22 मिनट के भीतर पूरी कार्रवाई को दर्शाया गया है। सेना ने इस ऑपरेशन को तेज, सटीक और निर्णायक बताते हुए यह संकेत दिया कि जब भी जरूरत होगी, इसी तरह की कार्रवाई दोहराई जा सकती है। इस पोस्ट के बाद सुरक्षा मामलों को लेकर नई बहस छिड़ गई है।

पहलगाम हमले का जवाब बना ‘ऑपरेशन सिंदूर’

यह पूरा घटनाक्रम 22 अप्रैल 2025 की उस दर्दनाक घटना से जुड़ा है, जब पहलगाम में पर्यटकों पर हमला हुआ था। हमलावरों ने कथित तौर पर धर्म पूछकर 26 निर्दोष लोगों की हत्या कर दी थी, जिससे पूरे देश में आक्रोश फैल गया था। इसके बाद भारतीय सशस्त्र बलों ने जवाबी कार्रवाई करते हुए 6 और 7 मई को ‘ऑपरेशन सिंदूर’ को अंजाम दिया। इस ऑपरेशन के तहत सीमापार मौजूद आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया गया और उन्हें पूरी तरह ध्वस्त कर दिया गया। सेना के अनुसार, यह कार्रवाई बेहद सटीक योजना के तहत की गई थी, जिसमें कई अहम ठिकानों को एक साथ निशाना बनाया गया।

22 मिनट में तबाह हुए ठिकाने

सेना के मुताबिक, ऑपरेशन सिंदूर की खास बात उसकी गति और सटीकता थी। महज 22 मिनट के भीतर आतंकी ढांचे को भारी नुकसान पहुंचाया गया और उनके कमांड सिस्टम को भी कमजोर कर दिया गया। इस ऑपरेशन में कुल नौ ठिकानों को निशाना बनाया गया, जो आतंकी गतिविधियों के लिए इस्तेमाल किए जा रहे थे। सेना ने इसे आतंकवाद के खिलाफ भारत की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति का उदाहरण बताया है। इसके साथ ही ‘ऑपरेशन महादेव’ का भी जिक्र किया गया, जिसके तहत 93 दिनों तक कठिन इलाकों में अभियान चलाकर हमले से जुड़े मुख्य आरोपियों को ढूंढकर निष्क्रिय किया गया।

आतंक के खिलाफ जारी रहेगा एक्शन

सेना के हालिया संदेश को सिर्फ एक याद दिलाने वाला पोस्ट नहीं, बल्कि एक चेतावनी के तौर पर भी देखा जा रहा है। इसमें साफ संकेत है कि यदि भविष्य में इस तरह की घटनाएं दोहराई जाती हैं, तो जवाब भी उतना ही तेज और निर्णायक होगा। सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के संदेश न केवल आतंकी संगठनों के लिए, बल्कि उनके समर्थकों के लिए भी एक स्पष्ट चेतावनी हैं। फिलहाल, ऑपरेशन सिंदूर की सालगिरह ने एक बार फिर उस घटना की याद दिला दी है और यह दिखाया है कि देश अपनी सुरक्षा और नागरिकों की रक्षा के लिए किसी भी हद तक जा सकता है।

Read More-Video: रेस्क्यू ऑपरेशन में हिज्बुल्लाह के अचानक हमले से कांपा दक्षिणी लेबनान, इजरायली सैनिकों ने भागकर बचाई जान

Related articles

Leave a reply

Please enter your comment!
Please enter your name here

Stay Connected

0FansLike
0FollowersFollow
0FollowersFollow
0SubscribersSubscribe

Latest posts