बिहार के भोजपुर में हुए चर्चित भरत तिवारी एनकाउंटर को लेकर अब धार्मिक जगत से भी प्रतिक्रियाएं सामने आने लगी हैं। प्रसिद्ध कथावाचक बाबा अनिरुद्धाचार्य ने इस मामले पर अपनी राय व्यक्त करते हुए सरकार और प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल उठाए हैं। उनका एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें वे एनकाउंटर की घटना को लेकर चिंता जताते नजर आ रहे हैं। बाबा अनिरुद्धाचार्य का कहना है कि किसी भी लोकतांत्रिक व्यवस्था में जनता की समस्याओं को सुनना और उनका समाधान करना सरकार की जिम्मेदारी होती है। यदि लोगों की बात नहीं सुनी जाएगी तो असंतोष बढ़ना स्वाभाविक है।
‘जनता की आवाज सुनना सरकार का कर्तव्य’
अपने बयान में बाबा अनिरुद्धाचार्य ने कहा कि शासन और प्रशासन को जनता की परेशानियों को गंभीरता से लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि जब लोगों की समस्याएं लंबे समय तक अनसुनी रह जाती हैं तो समाज में नाराजगी पैदा होती है। बाबा का मानना है कि किसी भी व्यक्ति को कानून हाथ में लेने की अनुमति नहीं दी जा सकती, लेकिन साथ ही व्यवस्था को भी यह सुनिश्चित करना चाहिए कि आम नागरिकों की बात सुनी जाए। उन्होंने कहा कि सरकार और प्रशासन का दायित्व केवल कानून लागू करना ही नहीं, बल्कि लोगों का विश्वास बनाए रखना भी है। इसी वजह से उन्होंने संवाद और संवेदनशीलता को किसी भी शासन की सबसे बड़ी ताकत बताया।
पुलिस कार्रवाई और व्यवस्था पर उठाए सवाल
बाबा अनिरुद्धाचार्य ने अपने बयान में पुलिस व्यवस्था को लेकर भी कई बातें कहीं। उन्होंने कहा कि कानून व्यवस्था बनाए रखना जरूरी है, लेकिन इसके साथ मानवीय दृष्टिकोण भी होना चाहिए। उनके अनुसार समाज में अपराध और आतंक फैलाने वाले लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए, लेकिन हर मामले को उसके तथ्यों के आधार पर देखा जाना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि समाज में शांति और विश्वास बनाए रखने के लिए पुलिस और प्रशासन को जनता के साथ बेहतर संवाद स्थापित करना चाहिए। उनका मानना है कि केवल कठोर कदमों से समस्याओं का स्थायी समाधान नहीं निकलता, बल्कि लोगों का भरोसा जीतना भी उतना ही जरूरी है।
सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो
बाबा अनिरुद्धाचार्य का यह बयान सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई है। कुछ लोग उनके विचारों का समर्थन कर रहे हैं, जबकि कई लोग इस मामले में कानून और सुरक्षा एजेंसियों की कार्रवाई को सही ठहरा रहे हैं। फिलहाल भरत तिवारी एनकाउंटर को लेकर जांच और प्रशासनिक स्तर पर अलग-अलग पहलुओं पर चर्चा जारी है। इसी बीच बाबा अनिरुद्धाचार्य की टिप्पणी ने इस पूरे मामले को एक नया आयाम दे दिया है। आने वाले दिनों में इस बयान पर राजनीतिक और सामाजिक प्रतिक्रियाएं भी देखने को मिल सकती हैं, क्योंकि यह मुद्दा अब केवल एक पुलिस कार्रवाई तक सीमित नहीं रह गया है।
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