विजय दिवस 2025 के अवसर पर भारतीय वायुसेना प्रमुख ए.पी. सिंह का बयान पूरे देश के लिए आत्मविश्वास बढ़ाने वाला रहा। दिल्ली में आयोजित भव्य हवाई प्रदर्शन में हिस्सा लेने के बाद मीडिया से बात करते हुए उन्होंने साफ कहा कि भारतीय वायुसेना किसी भी शत्रु देश के दुस्साहस का ऐसा जवाब देने में सक्षम है, जिसे वह लंबे समय तक भूल न सके। उनका यह बयान सीधे तौर पर पाकिस्तान को चेतावनी माना जा रहा है, क्योंकि उन्होंने 1971 के युद्ध का जिक्र करते हुए बताया कि कैसे मात्र 13 दिनों में पाकिस्तान घुटनों पर आ गया था और युद्धविराम की भीख मांगने लगा था।
एयर चीफ मार्शल सिंह ने कहा कि वायुसेना आज उतनी ही नहीं बल्कि उससे कई गुना ज्यादा मजबूत है। तकनीक, ताकत, प्रशिक्षण, रणनीति—हर मोर्चे पर भारत कहीं आगे खड़ा है।
1971 की जीत का जिक्र कर बताया
अपने भाषण में एयर चीफ मार्शल सिंह ने 1971 के युद्ध का विस्तार से उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि भारतीय सशस्त्र बलों ने जिस मजबूती और संयम के साथ पाकिस्तान को जवाब दिया, वह इतिहास में दर्ज है। उन्होंने याद दिलाया कि भारतीय वायुसेना की 13 दिनों की त्वरित कार्रवाई ने पाकिस्तान को इतना दबाव में ला दिया था कि उसने खुद युद्धविराम की अपील की।
उन्होंने कहा कि दिन के समय चलाए गए अभियान, अंतिम हवाई प्रहार और बांग्लादेश में राज्यपाल भवन पर हुआ हमला—इन सभी ने युद्ध का रुख भारत की ओर मोड़ दिया और निर्णायक जीत दिलाई। सिंह ने कहा कि वही आत्मविश्वास, वही जज्बा और वह क्षमता आज भी भारतीय वायुसेना में मौजूद है, बल्कि अब यह कहीं ज्यादा मजबूत हो चुकी है।
आधुनिक रणनीति और ‘स्टील्थ’ क्षमता से मजबूत हुई वायुसेना
वायुसेना प्रमुख ने बताया कि पिछले अनुभवों से सीख लेकर भारतीय वायुसेना ने अपनी आधुनिक रणनीतियों को और तेज किया है। स्टील्थ तकनीक, बेहतर रडार सिस्टम, अत्याधुनिक लड़ाकू विमान और सटीक निशाने की क्षमता—ये सभी भारतीय वायुसेना को दुनिया की सबसे सक्षम वायु सेनाओं में खड़ा करते हैं।
उन्होंने कहा कि आज भारतीय वायुसेना सिर्फ रक्षा ही नहीं, बल्कि दुश्मन के हमले को उसके ठिकानों पर जाकर भी रोकने में सक्षम है। इसके लिए उन्नत हथियार, स्मार्ट तकनीक और हाई-टेक कमांड सिस्टम का इस्तेमाल किया जा रहा है। यह सब देश की सुरक्षा को पूरी तरह अटूट बनाता है।
दो मोर्चों पर युद्ध के लिए भी तैयार—वायुसेना प्रमुख
भारत पड़ोसी देशों से घिरा हुआ है और कई बार पाकिस्तान व चीन की संयुक्त गतिविधियों की खबरें आती रहती हैं। इसी संदर्भ में वायुसेना प्रमुख ने दो टूक कहा कि भारत किसी भी आपात स्थिति में दो मोर्चों पर युद्ध लड़ने के लिए तैयार है। चाहे उत्तरी सीमा हो या पश्चिमी सीमा—वायुसेना दोनों तरफ से आने वाली चुनौती का सटीक जवाब देने में सक्षम है।
उन्होंने कहा कि किसी भी शत्रु देश को यह गलतफहमी नहीं होनी चाहिए कि भारत कमजोर है या हिचकिचाएगा। “अगर कोई दुश्मन दुस्साहस करता है, तो हम उसे उसी समय और उसी भाषा में जवाब देंगे,” यह कहते हुए सिंह ने पाकिस्तान की सेना और उसके नेतृत्व को अप्रत्यक्ष रूप से आगाह किया।
