Twisha Sharma case: भोपाल के चर्चित ट्विशा शर्मा मौत मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने जांच को एक नए और महत्वपूर्ण चरण में पहुंचा दिया है। मामले की तह तक पहुंचने के लिए एजेंसी की टीम ट्विशा के ससुराल पहुंची, जहां कथित तौर पर घटना हुई थी। अधिकारियों के साथ महिला कर्मी भी मौजूद रहीं और पूरे परिसर का बारीकी से निरीक्षण किया गया। जांच एजेंसी अब केवल दस्तावेजों, गवाहों और डिजिटल रिकॉर्ड तक सीमित नहीं रहना चाहती, बल्कि घटनास्थल पर जाकर यह समझने की कोशिश कर रही है कि उस दिन वास्तव में क्या हुआ था। इसी उद्देश्य से सीबीआई टीम एक विशेष डमी लेकर मौके पर पहुंची है, जिसके जरिए पूरे घटनाक्रम को दोबारा दोहराया जाएगा। अधिकारियों का मानना है कि सीन रिक्रिएशन से कई ऐसे सवालों के जवाब मिल सकते हैं, जो अब तक जांच के दौरान स्पष्ट नहीं हो पाए हैं।
80 किलो की डमी से परखे जाएंगे बयान और परिस्थितियां
जांच के दौरान सबसे अधिक ध्यान उस कथित घटनाक्रम पर है, जिसके बारे में मृतका के पति समर्थ ने पूछताछ में जानकारी दी थी। बताया गया था कि उन्होंने ही ट्विशा को फंदे से नीचे उतारा था, जबकि उनकी मां और ट्विशा की सास गिरिबाला सिंह ने फंदे की गांठ खोली थी। अब सीबीआई इन्हीं दावों की वास्तविकता को परखने के लिए करीब 80 किलोग्राम वजनी डमी का इस्तेमाल कर रही है। जांच अधिकारी यह देखना चाहते हैं कि घटनास्थल की स्थिति, कमरे की बनावट और उपलब्ध परिस्थितियों को देखते हुए बताए गए घटनाक्रम को उसी तरीके से अंजाम देना संभव था या नहीं। सीन रिक्रिएशन के दौरान प्रत्येक कदम को सावधानीपूर्वक रिकॉर्ड किया जाएगा, ताकि बाद में तकनीकी और फोरेंसिक विश्लेषण किया जा सके। एजेंसी का उद्देश्य किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले हर पहलू को वैज्ञानिक तरीके से समझना है।
गिरिबाला और समर्थ की मौजूदगी में दोहराया जाएगा पूरा घटनाक्रम
सूत्रों के अनुसार, सीन रिक्रिएशन के दौरान गिरिबाला सिंह और समर्थ दोनों को घटनास्थल पर मौजूद रखा जाएगा। सीबीआई अधिकारी उनसे वही प्रक्रिया दोहराने के लिए कह सकते हैं, जिसका जिक्र उन्होंने पूछताछ के दौरान किया था। जांच एजेंसी यह जानना चाहती है कि कथित तौर पर फंदे से नीचे उतारने और गांठ खोलने की प्रक्रिया वास्तव में कैसे हुई थी। इसके अलावा यह भी देखा जाएगा कि उस समय कमरे में मौजूद वस्तुएं, स्थान और परिस्थितियां बयानों से मेल खाती हैं या नहीं। घटनास्थल के आसपास सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं और पुलिस बल को भी तैनात किया गया है ताकि जांच प्रक्रिया बिना किसी व्यवधान के पूरी की जा सके। अधिकारियों का मानना है कि इस अभ्यास से जांच को महत्वपूर्ण दिशा मिल सकती है और कई बिंदुओं पर स्पष्टता सामने आ सकती है।
डिजिटल सबूतों से लेकर घटनास्थल तक, हर पहलू की जांच जारी
ट्विशा शर्मा मामले में सीबीआई पहले से ही कॉल रिकॉर्ड, डिजिटल डेटा, गवाहों के बयान और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की जांच कर रही है। अब घटनास्थल पर सीन रिक्रिएशन को भी उसी कड़ी का हिस्सा माना जा रहा है। जांच एजेंसी यह सुनिश्चित करना चाहती है कि आरोपियों या संबंधित व्यक्तियों द्वारा दिए गए बयान उपलब्ध साक्ष्यों से मेल खाते हैं या नहीं। इस बीच गिरिबाला सिंह की ओर से पूछताछ के दौरान घबराहट और बेचैनी की शिकायत किए जाने की भी चर्चा है। हालांकि जांच अधिकारी सभी तथ्यों का मूल्यांकन साक्ष्यों और परिस्थितियों के आधार पर कर रहे हैं। फिलहाल पूरे मामले पर लोगों की नजर बनी हुई है, क्योंकि सीन रिक्रिएशन के बाद जांच में कुछ अहम तथ्य सामने आने की संभावना जताई जा रही है। आने वाले दिनों में सीबीआई की रिपोर्ट और फोरेंसिक विश्लेषण इस मामले की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
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