Bangladesh News: बांग्लादेश में एक बार फिर कला और संस्कृति पर हिंसा का साया मंडराता नजर आया। ढाका से करीब 120 किलोमीटर दूर फरीदपुर में मशहूर पॉप सिंगर जेम्स का बहुप्रतीक्षित कॉन्सर्ट शुरू होने से पहले ही रद्द करना पड़ा। यह कार्यक्रम एक स्कूल की वर्षगांठ के मौके पर आयोजित किया गया था और स्थानीय लोगों के साथ-साथ दूर-दराज से आए फैंस इसमें शामिल होने वाले थे। शुक्रवार रात करीब 9 बजे जेम्स के मंच पर आने से पहले ही माहौल बिगड़ गया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, बाहरी भीड़ ने कार्यक्रम स्थल पर जबरन घुसने की कोशिश की। देखते ही देखते हालात इतने खराब हो गए कि भीड़ ने ईंट और पत्थर फेंकना शुरू कर दिया। मंच, साउंड सिस्टम और आसपास मौजूद लोगों को निशाना बनाया गया। अफरा-तफरी के बीच आयोजकों और छात्रों ने स्थिति संभालने की कोशिश की, लेकिन हिंसा थमने का नाम नहीं ले रही थी। आखिरकार सुरक्षा को देखते हुए स्थानीय प्रशासन के निर्देश पर कॉन्सर्ट को रद्द करने का फैसला लेना पड़ा।
कैसे भड़की हिंसा: स्कूल समारोह बना टकराव का मैदान
स्थानीय रिपोर्टों के अनुसार, यह कॉन्सर्ट पूरी तरह शांतिपूर्ण तरीके से आयोजित किया जा रहा था। स्कूल परिसर में सुरक्षा के इंतजाम भी किए गए थे। लेकिन कार्यक्रम शुरू होने से पहले ही कुछ असामाजिक तत्वों ने भीड़ के साथ मिलकर गेट तोड़ने और बिना अनुमति अंदर घुसने की कोशिश की। जब आयोजकों और छात्रों ने उन्हें रोकने का प्रयास किया, तो विवाद बढ़ गया। कुछ ही मिनटों में पथराव शुरू हो गया, जिससे वहां मौजूद लोग दहशत में आ गए। कई छात्रों को सुरक्षित जगहों पर ले जाना पड़ा। मंच पर कब्जा करने की भी कोशिश की गई, जिससे साफ हो गया कि मामला सिर्फ अव्यवस्था का नहीं बल्कि जानबूझकर पैदा की गई हिंसा का है। पुलिस और प्रशासन मौके पर पहुंचा, लेकिन हालात इतने तनावपूर्ण थे कि कार्यक्रम को जारी रखना संभव नहीं रहा। जेम्स को मंच पर लाए बिना ही वापस लौटना पड़ा। यह घटना सिर्फ एक कॉन्सर्ट के रद्द होने तक सीमित नहीं रही, बल्कि इसने बांग्लादेश में कलाकारों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए।
Islamist mob attacks concert of Bangladesh’s biggest rockstar James at Faridpur. James has sung for Bollywood also. The mob wants no music or cultural festivals to be held in Bangladesh. James somehow managed to escape. pic.twitter.com/0yNeU0Us9h
— Deep Halder (@deepscribble) December 26, 2025
बांग्लादेश कलाकारों पर बढ़ते हमले
फरीदपुर की यह घटना कोई पहली नहीं है। पिछले कुछ वर्षों में बांग्लादेश में कलाकारों, परफॉर्मर्स और सांस्कृतिक कार्यक्रमों पर हमलों की कई घटनाएं सामने आ चुकी हैं। कभी थिएटर शो रोके जाते हैं, तो कभी संगीत कार्यक्रमों को निशाना बनाया जाता है। कई कलाकारों का कहना है कि कट्टरपंथी सोच के चलते खुले मंचों और आधुनिक संगीत को पसंद नहीं किया जा रहा। पॉप, रॉक और आधुनिक सांस्कृतिक कार्यक्रमों को ‘अनैतिक’ बताकर विरोध किया जाता है। जेम्स जैसे लोकप्रिय सिंगर का कॉन्सर्ट रद्द होना इस बात का संकेत है कि अब बड़े नाम भी सुरक्षित नहीं हैं। कलाकारों के बीच डर का माहौल बनता जा रहा है। कई आयोजक अब खुले कार्यक्रम करने से हिचकिचा रहे हैं। सवाल यह भी उठ रहा है कि अगर कला और संगीत के लिए मंच ही सुरक्षित नहीं रहेंगे, तो समाज की अभिव्यक्ति की आज़ादी कैसे बचेगी। फरीदपुर की घटना ने एक बार फिर यह बहस छेड़ दी है कि बांग्लादेश किस दिशा में जा रहा है।
तस्लीमा नसरीन का तीखा हमला: ‘यह कला नहीं, सोच पर हमला है’
इस घटना पर मशहूर लेखिका तस्लीमा नसरीन ने भी तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए लिखा कि जिहादियों ने जेम्स को परफॉर्म नहीं करने दिया। तस्लीमा ने इसे बांग्लादेश में बढ़ते कट्टरपंथ का नतीजा बताया और कहा कि यह सिर्फ एक सिंगर या एक कॉन्सर्ट पर हमला नहीं है, बल्कि पूरी कला और संस्कृति को दबाने की कोशिश है। उनके बयान के बाद यह मुद्दा और ज्यादा चर्चा में आ गया है। सोशल मीडिया पर कई लोग कलाकारों के समर्थन में सामने आए हैं और सरकार से सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। वहीं कुछ लोगों का मानना है कि अगर ऐसे मामलों पर सख्ती नहीं दिखाई गई, तो आने वाले समय में हालात और खराब हो सकते हैं। फरीदपुर में जेम्स का रद्द हुआ कॉन्सर्ट अब सिर्फ एक घटना नहीं, बल्कि बांग्लादेश में बदलते सामाजिक और सांस्कृतिक माहौल का प्रतीक बनता जा रहा है, जहां सवाल यह है कि क्या संगीत और कला के लिए जगह अब धीरे-धीरे खत्म की जा रही है?
