पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच तनाव एक बार फिर अचानक बढ़ गया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक पाकिस्तान की ओर से अफगानिस्तान के कुछ इलाकों में हवाई हमले किए गए, जिसके बाद हालात तेजी से बिगड़ गए। इन हमलों के बाद तालिबान प्रशासन ने इसे अपनी संप्रभुता पर हमला बताते हुए कड़ी प्रतिक्रिया दी। बताया जा रहा है कि एयरस्ट्राइक के कुछ ही घंटों के भीतर पाकिस्तान के कई शहरों के आसमान में संदिग्ध ड्रोन देखे गए, जिससे सुरक्षा एजेंसियों में हड़कंप मच गया। पाकिस्तान की सुरक्षा एजेंसियों ने तुरंत एंटी-ड्रोन सिस्टम सक्रिय कर दिए और कई इलाकों में हाई अलर्ट जारी कर दिया गया। इस घटना ने दोनों देशों के बीच पहले से चल रहे तनाव को और ज्यादा गंभीर बना दिया है।
कई शहरों में दिखे ड्रोन, सुरक्षा एजेंसियां सतर्क
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार पाकिस्तान के उत्तर-पश्चिमी हिस्सों के कुछ शहरों और सैन्य ठिकानों के आसपास छोटे ड्रोन देखे गए। सुरक्षा अधिकारियों का कहना है कि इन ड्रोन की गतिविधियों को ट्रैक किया गया और कई जगह उन्हें हवा में ही निष्क्रिय कर दिया गया। स्थानीय प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत देने की अपील की है। हालांकि अब तक यह साफ नहीं हो पाया है कि इन ड्रोन से कोई बड़ा नुकसान हुआ या नहीं, लेकिन इस घटना ने पाकिस्तान की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर नई चिंता जरूर पैदा कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि ड्रोन गतिविधि सीमा के पास से शुरू हुई और कुछ समय तक अलग-अलग शहरों के ऊपर मंडराती रही।
तालिबान ने कहा – हमले का जवाब देना जरूरी
अफगानिस्तान की तालिबान सरकार ने पाकिस्तान की एयरस्ट्राइक पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। तालिबान के प्रवक्ताओं ने बयान जारी कर कहा कि किसी भी देश को अफगानिस्तान की सीमा के भीतर सैन्य कार्रवाई करने का अधिकार नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि यदि इस तरह की कार्रवाई दोहराई गई तो उसका जवाब दिया जाएगा। माना जा रहा है कि ड्रोन गतिविधि इसी जवाबी कार्रवाई का हिस्सा हो सकती है, हालांकि इस पर आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। तालिबान प्रशासन का आरोप है कि पाकिस्तान ने जिन इलाकों पर हमला किया, वहां आम नागरिक भी रहते हैं। वहीं पाकिस्तान का कहना है कि उसकी कार्रवाई आतंकवादी ठिकानों को निशाना बनाकर की गई थी।
क्यों बढ़ रहा है पाकिस्तान-अफगानिस्तान विवाद
पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच तनाव की जड़ सीमा सुरक्षा और आतंकवादी संगठनों की मौजूदगी को लेकर है। पाकिस्तान का आरोप है कि कुछ आतंकी संगठन अफगानिस्तान की जमीन का इस्तेमाल करके उसके भीतर हमले कर रहे हैं। दूसरी ओर अफगानिस्तान की तालिबान सरकार इन आरोपों को खारिज करती रही है। इसी मुद्दे को लेकर दोनों देशों के बीच कई बार सीमा पर झड़पें भी हो चुकी हैं। हालिया एयरस्ट्राइक और उसके बाद ड्रोन गतिविधि ने इस विवाद को फिर से अंतरराष्ट्रीय चर्चा का विषय बना दिया है। सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि अगर दोनों देशों के बीच बातचीत के जरिए समाधान नहीं निकला, तो यह तनाव आगे और गंभीर रूप ले सकता है।
