अफगानिस्तान की राजधानी काबुल में पाकिस्तान की वायुसेना ने बीती रात भयंकर हमला किया। स्थानीय समयानुसार रात साढ़े 9 बजे, पाकिस्तानी JF-17 और F-16 विमानों ने काबुल के विभिन्न हिस्सों को निशाना बनाया। इस हमले में खासकर रिहायशी इलाके, अफगान रक्षा मंत्रालय के पास के क्षेत्रों और GDI खुफिया एजेंसी के हेडक्वार्टर के आसपास के इलाके शामिल थे। सबसे गंभीर हमला पार्की सनाई कोचक इलाके में 2 हजार बेड वाले नशा मुक्ति अस्पताल पर हुआ, जो पूरी तरह धधक उठी। विस्फोटक इतने भयंकर थे कि आसमान आग और धुएँ से भर गया।
जान-माल का भारी नुकसान: मौतें और घायल
काबुल में कुल पांच जगहों पर किए गए इस हमले में 23 मिनट के भीतर ही 400 से ज्यादा नागरिकों की मौत हो गई और 250 से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल हुए। अस्पताल और रिहायशी इलाके पूरी तरह तबाह हो गए। काबुल एयरपोर्ट के पास पुराने नाटो बेस में भी भारी नुकसान हुआ। काबुल प्रशासन ने रेस्क्यू ऑपरेशन तेज कर दिया है और मृतकों और दबे लोगों को निकालने का काम चल रहा है। इसके अलावा पाकिस्तान की वायुसेना ने नंगरहार प्रांत में भी हमला किया, लेकिन वहां फिलहाल किसी के हताहत होने की सूचना नहीं मिली।
अफगानिस्तान का कड़ा विरोध
अफगान सरकार ने इस हमले की कड़ी निंदा की है। सरकार प्रवक्ता जबीउल्लाह मुजाहिद ने इसे मानवता के खिलाफ अपराध बताया और कहा कि पाकिस्तानी वायुसेना ने जानबूझकर रिहायशी इलाकों और अस्पतालों को निशाना बनाया। वहीं पाकिस्तान ने दावा किया कि हमला सिर्फ़ अफगान सेना के हथियारों के ठिकानों पर हुआ और आम लोगों की सुरक्षा का ध्यान रखा गया। पिछले साल जुलाई से अब तक पाकिस्तान की कार्रवाई में अफगानिस्तान में कम से कम 531 निर्दोष नागरिक मारे जा चुके हैं।
हामिद करजई का चेतावनी भरा संदेश
अफगानिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति हामिद करजई ने इस हमले पर कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि आम नागरिकों को भारी नुकसान हुआ और पाकिस्तान को अपनी सैन्य नीतियों की समीक्षा करनी चाहिए। करजई ने चेतावनी दी कि ऐसे हमले जारी रखने से पाकिस्तान अपने उद्देश्य में सफल नहीं होगा, बल्कि हालात और बिगड़ेंगे। उन्होंने यह भी जोर दिया कि क्षेत्रीय स्थिरता और पड़ोसी देशों के साथ अच्छे संबंध बनाए रखने के लिए संवाद और सहयोग ही सही रास्ता है।
