मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व में बांग्लादेश की विदेश नीति को लेकर लगातार सवाल उठते जा रहे हैं। भारत, जिसने 1971 में बांग्लादेश को पाकिस्तान के अत्याचारों से आज़ादी दिलाई थी, उससे दूरी और पाकिस्तान से नजदीकियां अब खुलकर दिखाई देने लगी हैं। हाल के घटनाक्रमों ने यह संकेत दिया है कि बांग्लादेश की मौजूदा सत्ता भारत के बजाय पाकिस्तान के साथ खड़े होने का संदेश दे रही है। इसी बदले हुए माहौल का फायदा उठाते हुए पाकिस्तान के नेता अब बांग्लादेश की “सुरक्षा” की बातें करने लगे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यह बदलाव सिर्फ कूटनीतिक नहीं बल्कि क्षेत्रीय राजनीति को अस्थिर करने की कोशिश भी हो सकता है। भारत के लिए यह स्थिति इसलिए संवेदनशील है क्योंकि बांग्लादेश दक्षिण एशिया में उसकी रणनीतिक सुरक्षा का अहम हिस्सा रहा है।
शहबाज शरीफ की पार्टी के नेता ने भारत को दी खुली धमकी
पाकिस्तान मुस्लिम लीग–नवाज (PML-N) के वरिष्ठ नेता और प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के करीबी माने जाने वाले कामरान सईद उस्मानी ने भारत को सीधे तौर पर धमकी भरा संदेश दिया है। उन्होंने कहा कि अगर भारत ने बांग्लादेश के खिलाफ कोई कदम उठाया तो पाकिस्तान पूरी ताकत से ढाका के साथ खड़ा होगा। उस्मानी ने मई 2025 में भारत-पाकिस्तान के बीच हुए तनाव का जिक्र करते हुए यह भी इशारा किया कि पाकिस्तान किसी भी स्थिति के लिए तैयार है। यह बयान ऐसे समय पर आया है जब भारत पहले ही क्षेत्रीय सुरक्षा को लेकर सतर्क है। राजनीतिक जानकारों के अनुसार, इस तरह के बयान केवल बयानबाजी नहीं बल्कि जानबूझकर माहौल गर्म करने की कोशिश हैं, ताकि बांग्लादेश को भारत के खिलाफ खड़ा किया जा सके।
पाकिस्तान-बांग्लादेश के झंडे के साथ जारी किया गया वीडियो
कामरान सईद उस्मानी ने अपने बयान को और ज्यादा उकसाने वाला बनाते हुए एक वीडियो भी जारी किया, जिसमें पाकिस्तान और बांग्लादेश दोनों के झंडे दिखाई दे रहे हैं। वीडियो में वह कहते सुनाई देते हैं कि वह किसी राजनेता की तरह नहीं बल्कि उस व्यक्ति की तरह बोल रहे हैं जो बांग्लादेश की मिट्टी, इतिहास, कुर्बानी और हिम्मत को सलाम करता है। उन्होंने दावा किया कि जब उन्होंने यह अभियान शुरू किया था तब उनके साथ कोई नहीं था, लेकिन अब “अल्हम्दुलिल्लाह” बांग्लादेश और पाकिस्तान एक साथ खड़े हैं। इस बयान को भारत के खिलाफ सीधा संदेश माना जा रहा है। वीडियो में इस्तेमाल की गई भाषा और प्रतीकों को जानकार एक सुनियोजित मनोवैज्ञानिक दबाव की रणनीति बता रहे हैं, जिसका मकसद भारत को उकसाना और बांग्लादेश की जनता को भावनात्मक रूप से प्रभावित करना है।
‘हमारी मिसाइलें बहुत दूर नहीं’ जैसे बयान से बढ़ी चिंता
वीडियो में सबसे ज्यादा चिंता पैदा करने वाला हिस्सा वह है, जहां उस्मानी “जुर्रत”, “दादागिरी” और “कॉलोनी” जैसे शब्दों का इस्तेमाल करते हुए भारत पर निशाना साधते हैं। अप्रत्यक्ष रूप से यह संकेत दिया गया कि पाकिस्तान की सैन्य ताकत भारत की पहुंच से दूर नहीं है। हालांकि उन्होंने सीधे मिसाइल शब्द नहीं लिया, लेकिन संदेश साफ था। इस तरह की गीदड़भभकी को भारत में गंभीरता से देखा जा रहा है। सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि पाकिस्तान की यह रणनीति नई नहीं है, लेकिन बांग्लादेश को आगे रखकर इस तरह की भाषा का इस्तेमाल करना हालात को और संवेदनशील बना सकता है। भारत ने अब तक आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है, लेकिन कूटनीतिक स्तर पर गतिविधियां तेज होने के संकेत मिल रहे हैं। साफ है कि बांग्लादेश, पाकिस्तान और भारत के बीच यह नया घटनाक्रम आने वाले समय में क्षेत्रीय राजनीति को और गर्म कर सकता है।
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