एशेज सीरीज का तीसरा टेस्ट ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड दोनों के लिए खास बन गया, लेकिन इस मुकाबले ने असली पहचान एक ऐतिहासिक रिकॉर्ड की वजह से बनाई। ऑस्ट्रेलिया के अनुभवी ऑफ स्पिनर नाथन लायन ने जैसे ही इंग्लैंड के ओपनर बेन डकेट को आउट किया, वैसे ही क्रिकेट इतिहास में एक नया अध्याय जुड़ गया। यह विकेट लायन का टेस्ट करियर का 564वां विकेट था, जिसने उन्हें ऑस्ट्रेलिया के लिए टेस्ट क्रिकेट में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाजों की सूची में नई ऊंचाई पर पहुंचा दिया। इस रिकॉर्ड के साथ ही उन्होंने अपने ही देश के दिग्गज तेज गेंदबाज ग्लेन मैक्ग्रा को पीछे छोड़ दिया। इस उपलब्धि की खास बात यह रही कि यह सब एशेज जैसे बड़े मंच पर हुआ, जहां हर रन और हर विकेट का महत्व कई गुना बढ़ जाता है।
कमेंट्री बॉक्स में बैठे मैक्ग्रा का वायरल रिएक्शन
रिकॉर्ड टूटते ही मैदान से ज्यादा नजरें कमेंट्री बॉक्स पर टिक गईं। जैसे ही अंपायर ने उंगली उठाई और बेन डकेट पवेलियन लौटे, कैमरा सीधे कमेंट्री बॉक्स में मौजूद ग्लेन मैक्ग्रा पर गया। मैक्ग्रा पहले तो मुस्कुराए, फिर अचानक अपनी सीट से उठकर मजाकिया अंदाज में पास रखी कुर्सी को उठाने और पटकने का अभिनय करने लगे। यह रिएक्शन पूरी तरह से हल्के-फुल्के अंदाज में था, लेकिन यही पल सोशल मीडिया पर आग की तरह फैल गया। फैंस ने इसे खेल भावना का शानदार उदाहरण बताया और कहा कि मैक्ग्रा ने साबित कर दिया कि रिकॉर्ड टूटना भी सम्मान और मुस्कान के साथ स्वीकार किया जा सकता है। कुछ ही मिनटों में यह वीडियो अलग-अलग प्लेटफॉर्म पर वायरल हो गया और क्रिकेट प्रेमियों के बीच चर्चा का विषय बन गया।
Glenn McGrath’s reaction to Nathan Lyon passing him on the all-time Test wickets list was absolutely hilarious 🤣 #Ashes pic.twitter.com/1jTM06M8me
— cricket.com.au (@cricketcomau) December 18, 2025
ऑस्ट्रेलिया के टेस्ट विकेट इतिहास में बदलाव
नाथन लायन की इस उपलब्धि ने ऑस्ट्रेलियाई टेस्ट क्रिकेट के आंकड़ों को नया रूप दे दिया है। अब तक ग्लेन मैक्ग्रा 563 विकेट के साथ दूसरे स्थान पर थे, लेकिन लायन के 564 विकेट लेते ही यह क्रम बदल गया। हालांकि इस सूची में शीर्ष पर अब भी महान लेग स्पिनर शेन वॉर्न का नाम दर्ज है, जिन्होंने 145 टेस्ट मैचों में 708 विकेट हासिल किए थे। लायन ने यह कारनामा अपने 141वें टेस्ट मैच में किया, जो उनकी फिटनेस, निरंतरता और लंबे करियर का प्रमाण है। ऑफ स्पिनर के तौर पर इतने लंबे समय तक शीर्ष स्तर पर बने रहना आसान नहीं होता, लेकिन लायन ने यह दिखा दिया कि मेहनत और अनुशासन से हर चुनौती को पार किया जा सकता है। यह रिकॉर्ड न सिर्फ आंकड़ों का खेल है, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा भी है।
लायन की मेहनत, अनुभव और एशेज का दबाव
एशेज सीरीज हमेशा से दबाव और प्रतिष्ठा की लड़ाई मानी जाती है। ऐसे में इस मंच पर रिकॉर्ड बनाना किसी भी खिलाड़ी के लिए बड़ी बात होती है। नाथन लायन ने सालों तक टीम के लिए लगातार प्रदर्शन किया, आलोचनाएं झेलीं, लेकिन कभी हार नहीं मानी। उनकी गेंदबाजी में अनुभव की झलक साफ दिखती है, जहां वह बल्लेबाज को फंसाने के लिए धैर्य रखते हैं। तीसरे टेस्ट में भी उन्होंने यही किया और सही समय पर बड़ा विकेट निकालकर इतिहास रच दिया। लायन की यह उपलब्धि बताती है कि क्रिकेट सिर्फ तेज गेंदबाजों का खेल नहीं, बल्कि स्पिन गेंदबाज भी लंबे समय तक मैच का रुख बदल सकते हैं। मैक्ग्रा का मजाकिया रिएक्शन और लायन का शांत जश्न, दोनों मिलकर इस पल को एशेज इतिहास का यादगार दृश्य बना देते हैं।
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