पितृ पक्ष का समय हमारे पूर्वजों को याद करने, उनकी आत्मा की शांति के लिए श्राद्ध, तर्पण और पिंडदान करने का विशेष अवसर माना जाता है। हिंदू पंचांग के अनुसार, इस साल पितृ पक्ष की शुरुआत 26 सितंबर 2026 से होने जा रही है जो 10 अक्टूबर 2026 को सर्व पितृ अमावस्या के दिन समाप्त होगी। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इन 15 दिनों के दौरान किसी भी तरह के मांगलिक और नए शुभ कार्यों की शुरुआत करने की सख्त मनाही होती है। ऐसे में यदि आप भी अपने घर में कोई बड़ा काम या नई शुरुआत करने की योजना बना रहे हैं, तो पितृ पक्ष शुरू होने से पहले ही उन जरूरी कामों को जरूर निपटा लें, अन्यथा आपको सीधे शारदीय नवरात्रि तक का लंबा इंतजार करना पड़ सकता है।
विवाह, सगाई और नए कारोबार की शुरुआत
जिन घरों में बेटे या बेटी की शादी या सगाई की बातचीत चल रही है, उन्हें पितृ पक्ष शुरू होने से पहले ही इस दिशा में पक्की बात या रस्में पूरी कर लेनी चाहिए। मान्यताओं के अनुसार, पितृ पक्ष के दौरान विवाह तय करना, सगाई करना या किसी नए बिजनेस और व्यापार की शुरुआत करना वर्जित माना गया है। यदि आप इन 15 दिनों में ऐसा नहीं कर पाते हैं, तो आपको नए कार्यों की शुरुआत करने के लिए अक्टूबर में आने वाली नवरात्रि का इंतजार करना होगा। इसलिए जरूरी है कि आप गणेश उत्सव के दौरान ही इन शुभ कार्यों का श्रीगणेश कर लें।
गृह प्रवेश और नया घर बनाने के लिए भूमि पूजन
अगर आपने नया घर खरीदा है और उसमें गृह प्रवेश करने की सोच रहे हैं, तो यह कार्य पितृ पक्ष लगने से पहले ही संपन्न कर लेना सबसे उत्तम रहता है। इसके अलावा, यदि आप अपने सपनों के आशियाने के निर्माण कार्य की शुरुआत करना चाहते हैं, तो उसकी नींव या भूमि पूजन का कार्य भी समय रहते पूरा कर लें। हालांकि, ज्योतिषविदों का मानना है कि यदि निर्माण कार्य पहले से चल रहा है, तो उसे पितृ पक्ष के दौरान भी जारी रखा जा सकता है, लेकिन नए सिरे से किसी कार्य का शुभारंभ इन दिनों में बिल्कुल न करें।
घर की रेनोवेशन, पेंट और महंगी खरीदारी
अक्सर लोग दिवाली के त्योहार को ध्यान में रखते हुए सितंबर और अक्टूबर के महीनों में अपने घरों की मरम्मत (Renovation), पेंट और डिजाइनिंग का काम शुरू करवा देते हैं। यदि आपके घर में भी ऐसा कोई बड़ा काम होना है, तो पितृ पक्ष शुरू होने से पहले ही प्रतीकात्मक रूप से थोड़ा काम शुरू करवा दें ताकि पितृ पक्ष के दौरान भी वह काम जारी रह सके। इसके अलावा, यदि आप अपने या परिवार के लिए कोई नया वाहन, कीमती आभूषण या अन्य सुख-सुविधा से जुड़ा महंगा सामान खरीदना चाहते हैं, तो उसकी खरीदारी भी अभी ही कर लेना बेहतर रहेगा।
बाल कटवाने से जुड़े जरूरी नियम
धार्मिक मान्यताओं और परंपराओं के अनुसार, जो परिवारजन अपने पितरों का श्राद्ध, तर्पण या पिंडदान करने वाले होते हैं, उन्हें पितृ पक्ष के दौरान बाल और नाखून कटवाने की मनाही होती है। कई परंपराओं में श्राद्ध करने वाले लोग इन 15 दिनों तक दाढ़ी भी नहीं बनाते हैं। ऐसे में यदि आपको बाल कटवाने हैं या ग्रूमिंग से जुड़ा कोई अन्य जरूरी काम है, तो पितृ पक्ष की तिथि शुरू होने से पहले ही इन सभी कामों से निवृत्त हो जाएं, ताकि आपको किसी भी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।
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