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10 फीट का किंग कोबरा देख कांप उठा गांव, फिर पहुंची ‘स्नेक लेडी’… लेकिन रेस्क्यू के दौरान जो हुआ उसने सबको चौंका दिया

बिहार के पश्चिम चंपारण में 10 फीट लंबे किंग कोबरा का रेस्क्यू करने पहुंचीं मशहूर ‘स्नेक लेडी’ जानकी देवी को सांप ने डस लिया। इलाज के बाद उनकी हालत स्थिर है। जानिए पूरा मामला।

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बिहार के पश्चिम चंपारण जिले से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। वाल्मीकिनगर क्षेत्र के बिसहा गांव में एक घर के अंदर करीब 10 फीट लंबा किंग कोबरा दिखाई देने से पूरे इलाके में दहशत फैल गई। बताया जा रहा है कि यह सांप गांव निवासी मुनिलाल तिवारी के घर के एक कोने में बैठा हुआ था। जैसे ही परिवार के लोगों की नजर उस पर पड़ी, घर में अफरा-तफरी मच गई। कुछ ही देर में आसपास के ग्रामीण भी मौके पर पहुंच गए और बड़ी संख्या में लोग सांप को देखने के लिए जमा हो गए। किंग कोबरा जैसे खतरनाक सांप को देखकर किसी की भी हिम्मत उसके करीब जाने की नहीं हुई। इसके बाद गांव के लोगों ने इलाके में मशहूर स्नेक कैचर जानकी देवी को सूचना दी।

‘स्नेक लेडी’ ने दिखाई हिम्मत

सूचना मिलते ही जानकी देवी मौके पर पहुंचीं और सांप को सुरक्षित पकड़ने की तैयारी शुरू की। जानकी देवी को स्थानीय लोग ‘स्नेक लेडी’ के नाम से जानते हैं क्योंकि वह कई वर्षों से जहरीले और खतरनाक सांपों का रेस्क्यू करती आ रही हैं। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार उन्होंने पूरी सावधानी के साथ किंग कोबरा को पकड़ा और उसे नियंत्रित करने की कोशिश की। रेस्क्यू के दौरान उन्होंने सांप को अपने शरीर के आसपास लपेटकर संभाला, जिसकी तस्वीरें भी सामने आई हैं। लोगों ने उनकी बहादुरी की सराहना की, लेकिन इसी दौरान एक अप्रत्याशित घटना हो गई। किंग कोबरा ने अचानक जानकी देवी को डस लिया, जिससे वहां मौजूद लोग घबरा गए। हालांकि उन्होंने घबराने के बजाय पहले रेस्क्यू पूरा किया और बाद में इलाज के लिए अस्पताल पहुंचीं।

 इलाज के बाद खतरे से बाहर

सांप के काटने के बाद जानकी देवी को तुरंत नेपाल के त्रिवेणी अस्पताल ले जाया गया, जहां उनका इलाज किया गया। राहत की बात यह रही कि समय पर चिकित्सा मिलने से उनकी हालत स्थिर हो गई और अब वह सुरक्षित हैं। जानकारी के अनुसार यह पहली बार नहीं है जब जानकी देवी को किसी सांप ने काटा हो। इससे पहले भी उन्हें कई बार जहरीले सांप डस चुके हैं, लेकिन हर बार उन्होंने साहस और सतर्कता से स्थिति का सामना किया। स्थानीय लोगों का कहना है कि जानकी देवी सिर्फ लोगों की जान बचाने के लिए ही नहीं, बल्कि सांपों को भी सुरक्षित स्थान पर छोड़ने के लिए जानी जाती हैं। यही कारण है कि इलाके में जब भी कोई जहरीला सांप निकलता है तो सबसे पहले उन्हें ही बुलाया जाता है।

बारिश के मौसम में बढ़ रहा खतरा

विशेषज्ञों का मानना है कि बरसात के मौसम में जंगलों और नदी किनारे के इलाकों से सांप अक्सर रिहायशी क्षेत्रों की ओर आ जाते हैं। वाल्मीकिनगर क्षेत्र नेपाल सीमा के करीब स्थित है, जहां पहाड़ी नदियों का जलस्तर बढ़ने के बाद वन्यजीवों का गांवों की ओर आना आम बात है। वन विभाग और स्थानीय प्रशासन ने लोगों से सावधानी बरतने की अपील की है। अधिकारियों का कहना है कि यदि घर या आसपास कोई सांप दिखाई दे तो उसे खुद पकड़ने की कोशिश न करें, बल्कि प्रशिक्षित रेस्क्यू टीम को सूचना दें। इस घटना के बाद एक बार फिर जानकी देवी की बहादुरी की चर्चा पूरे इलाके में हो रही है। लोग उन्हें साहस और सेवा का प्रतीक मान रहे हैं, जिन्होंने खतरे के बावजूद एक और सफल रेस्क्यू अभियान को अंजाम दिया।

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