Shehzad Poonawalla: बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता शहजाद पूनावाला (Shehzad Poonawalla) ने पार्टी से इस्तीफा देने का ऐलान कर राजनीतिक हलकों में चर्चा बढ़ा दी है। उन्होंने बीजेपी की सक्रिय प्राथमिक सदस्यता के साथ राष्ट्रीय प्रवक्ता के पद से भी खुद को अलग करने का फैसला किया है। पूनावाला ने अपने इस्तीफे में कहा कि यह फैसला उनके लिए आसान नहीं था। पार्टी की ओर से उनके इस्तीफे को तुरंत स्वीकार नहीं किए जाने और फैसले पर दोबारा विचार करने के अनुरोध का भी उन्होंने जिक्र किया। हालांकि, लंबे विचार-विमर्श के बाद उन्होंने अपने निर्णय पर कायम रहने का फैसला किया।
इस्तीफे के पीछे क्या है वजह? पूनावाला ने खुद किया खुलासा
शहजाद पूनावाला (Shehzad Poonawalla) ने बताया कि पिछले कुछ दिनों में हुई घटनाओं और कुछ लोगों से जुड़े मामलों ने उन्हें अपने फैसले पर दोबारा गंभीरता से सोचने के लिए मजबूर किया। उन्होंने कहा कि आर्थिक और निजी परिस्थितियों के चलते अब वह निजी क्षेत्र में जाने का फैसला कर रहे हैं। यानी उनके इस्तीफे के पीछे मुख्य वजह राजनीति से जुड़ी किसी वैचारिक असहमति के बजाय उनकी व्यक्तिगत और आर्थिक परिस्थितियां बताई जा रही हैं। पूनावाला ने अपने पत्र में बीजेपी के शीर्ष नेतृत्व के प्रति सम्मान और आभार भी जताया। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, पार्टी अध्यक्ष नितिन नबीन, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और संगठन महामंत्री बीएल संतोष का नाम लेते हुए पार्टी में मिले अवसरों के लिए धन्यवाद दिया।
Resignation Letter.
With utmost humility, sense of affection & gratitude i have once again submitted my resignation letter to @BJP4India & Hon’ble Shri @NitinNabin ji & have requested that the same be accepted.
Eternally grateful for guidance, love, respect and platform that… pic.twitter.com/yUvyJiWNdX
— Shehzad Jai Hind (@Shehzad_Ind) August 17, 2026
‘पार्टी की व्यवस्था छोड़ रहा हूं, विचार और व्यक्ति नहीं’
इस्तीफे के बाद शहजाद पूनावाला (Shehzad Poonawalla) ने अपनी राजनीतिक स्थिति को लेकर भी तस्वीर साफ करने की कोशिश की। उन्होंने कहा कि वह बीजेपी की संगठनात्मक व्यवस्था से अलग हो रहे हैं, लेकिन पार्टी के विचारों और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व के प्रति उनका समर्थन बना रहेगा। उन्होंने संकेत दिया कि निजी क्षेत्र में जाने के बावजूद वह अपनी क्षमता के अनुसार प्रधानमंत्री मोदी और बीजेपी के कामकाज व विचारों का समर्थन करते रहेंगे। उनका यह बयान इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि उन्होंने पार्टी छोड़ने के साथ अपने राजनीतिक विचारों से दूरी बनाने की बात नहीं कही है। पूनावाला ने यह भी बताया कि बीजेपी ने उनका इस्तीफा तुरंत स्वीकार करने से इनकार किया था और उनसे अपने फैसले पर पुनर्विचार करने को कहा गया था। इसके बावजूद उन्होंने लंबी चर्चा और सोच-विचार के बाद इस्तीफा देने का अंतिम फैसला लिया।
कांग्रेस से बीजेपी तक का सफर, अब निजी क्षेत्र में जाने का फैसला
शहजाद पूनावाला (Shehzad Poonawalla) का राजनीतिक सफर भी काफी चर्चा में रहा है। उन्होंने 2017 में कांग्रेस से इस्तीफा दिया था। इसके बाद वह बीजेपी के साथ जुड़े और पार्टी के प्रमुख टीवी प्रवक्ताओं में शामिल रहे। न्यूज चैनलों की डिबेट में वह लगातार बीजेपी का पक्ष रखते हुए नजर आते थे और कई राजनीतिक मुद्दों पर विपक्षी दलों के खिलाफ पार्टी का रुख सामने रखते थे। अब बीजेपी से इस्तीफा देने के उनके फैसले ने एक बार फिर उनके राजनीतिक भविष्य को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। हालांकि, फिलहाल पूनावाला ने स्पष्ट किया है कि वह निजी क्षेत्र में कदम रखने जा रहे हैं। साथ ही उन्होंने यह भी कहा है कि पार्टी से अलग होने के बावजूद प्रधानमंत्री मोदी और बीजेपी के विचारों के प्रति उनका समर्थन जारी रहेगा। ऐसे में आने वाले समय में उनका अगला कदम क्या होगा, इस पर राजनीतिक नजरें बनी रहेंगी।
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