राम मंदिर में चढ़ावे की अनियमितताओं को लेकर देश की राजनीति लगातार गर्म होती जा रही है। इसी बीच हिमाचल प्रदेश की मंडी लोकसभा सीट से बीजेपी सांसद कंगना रनौत ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस इस पूरे मामले का इस्तेमाल राजनीतिक फायदा उठाने के लिए कर रही है। कंगना का कहना है कि जिस पार्टी ने वर्षों तक अयोध्या में राम मंदिर निर्माण का विरोध किया, वही अब इस मुद्दे पर जनता की भावनाओं को प्रभावित करने की कोशिश कर रही है। उनका बयान ऐसे समय आया है जब राम मंदिर में चढ़ावे के कथित गबन का मामला चर्चा में है और इस पर अलग-अलग राजनीतिक दलों की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।
मुख्यमंत्री के बयान के बाद तेज हुई बयानबाजी
हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने हाल ही में कहा था कि राम मंदिर में चढ़ावे से जुड़ी कथित अनियमितताएं केवल धन की चोरी नहीं, बल्कि करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़ा मामला हैं। इसके बाद प्रदेश की राजनीति और तेज हो गई। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने भी कहा कि अगर ऐसा मामला कांग्रेस सरकार के समय सामने आता, तो बीजेपी पूरे देश में बड़ा आंदोलन खड़ा कर देती। इन बयानों के बाद कंगना रनौत ने कांग्रेस को निशाने पर लेते हुए कहा कि जनता अब राजनीतिक बयानबाजी और वास्तविक नीयत के बीच का फर्क अच्छी तरह समझती है। उन्होंने दावा किया कि बीजेपी हमेशा धार्मिक आस्था का सम्मान करती आई है और उसे चुनावी मुद्दा बनाने में विश्वास नहीं रखती।
मंदिरों की व्यवस्था और सनातन संस्कृति पर भी रखी अपनी बात
कंगना रनौत ने अपने बयान में हिमाचल प्रदेश सरकार पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार ने पहले मंदिरों की निधियों और धार्मिक संस्थाओं के संसाधनों पर नियंत्रण स्थापित करने की कोशिश की थी। उनके मुताबिक, अब वही नेता राम मंदिर और श्रद्धालुओं की भावनाओं की बात कर रहे हैं। कंगना ने कहा कि भगवान श्रीराम करोड़ों लोगों की आस्था के केंद्र हैं और राम मंदिर का निर्माण लंबे संघर्ष और बलिदान के बाद संभव हो पाया है। उन्होंने कहा कि बीजेपी हमेशा सनातन संस्कृति, धार्मिक विरासत और देश की सांस्कृतिक पहचान की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध रही है। उनके अनुसार, आस्था को राजनीति का माध्यम नहीं बल्कि समाज की सांस्कृतिक शक्ति के रूप में देखा जाना चाहिए।
जांच जारी, ट्रस्ट में भी हुए बदलाव
राम मंदिर में चढ़ावे की कथित गड़बड़ी के मामले की जांच फिलहाल जारी है। उत्तर प्रदेश पुलिस की विशेष जांच टीम (SIT) इस मामले में कार्रवाई कर रही है और अब तक आठ आरोपियों की गिरफ्तारी की जानकारी सामने आ चुकी है। इसी बीच विवाद बढ़ने के बाद मंदिर ट्रस्ट में भी बदलाव किए गए हैं। ट्रस्ट ने महासचिव चंपत राय और सदस्य अनिल मिश्रा के इस्तीफे स्वीकार कर लिए हैं, जबकि कृष्ण मोहन को अंतरिम महासचिव की जिम्मेदारी सौंपी गई है। अब सभी की नजर जांच की अंतिम रिपोर्ट पर है, जिससे पूरे मामले की तस्वीर साफ होने की उम्मीद है। वहीं दूसरी ओर, इस मुद्दे को लेकर राजनीतिक बयानबाजी लगातार जारी है और आने वाले दिनों में यह मामला और अधिक चर्चा का विषय बन सकता है।
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