उत्तर प्रदेश की राजनीति में सहारनपुर से जुड़ी एक नई तस्वीर ने चर्चाओं को तेज कर दिया है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कांग्रेस सांसद इमरान मसूद के रिश्ते में दामाद शायान मसूद को सपा में शामिल करा लिया है। शायान पूर्व केंद्रीय मंत्री रशीद मसूद के बेटे बताए जाते हैं। उनके साथ शाजान मसूद ने भी समाजवादी पार्टी की सदस्यता ली। लखनऊ स्थित सपा कार्यालय में हुए इस कार्यक्रम के दौरान बेहट से सपा विधायक और देवबंद के पूर्व विधायक माविया अली भी मौजूद रहे। जानकारी के मुताबिक, सदस्यता लेने से पहले अखिलेश यादव और शायान मसूद के बीच करीब एक घंटे तक बातचीत हुई।
एक महीने से चल रही थीं सपा में जाने की अटकलें
शायान मसूद के सपा में शामिल होने की चर्चा पिछले करीब एक महीने से चल रही थी। इन अटकलों को उस समय और हवा मिली थी, जब इमरान मसूद ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा था कि उनके परिवार के किसी सदस्य को विधानसभा चुनाव में पार्टी का उम्मीदवार नहीं बनाया जाएगा। इसके बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चा शुरू हो गई कि शायान कांग्रेस से अलग रास्ता अपना सकते हैं। अब सपा में शामिल होने के बाद इन अटकलों पर काफी हद तक विराम लग गया है। हालांकि, शायान को पार्टी में शामिल कराने के पीछे भविष्य की राजनीतिक रणनीति क्या है, इसे लेकर अभी तस्वीर पूरी तरह साफ नहीं है।
सहारनपुर की सीटों को लेकर पहले से चल रही खींचतान
सहारनपुर में कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के स्थानीय नेताओं के बीच चुनावी तैयारियों को लेकर अलग-अलग दावे सामने आते रहे हैं। इमरान मसूद कई मौकों पर कह चुके हैं कि कांग्रेस जिले की सभी विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ने की तैयारी कर रही है। दूसरी तरफ सपा के स्थानीय नेता भी अपने स्तर पर चुनावी दावे करते रहे हैं। हालांकि दोनों दलों के वरिष्ठ नेताओं ने इन बयानों पर खुलकर कोई स्पष्ट रणनीति सामने नहीं रखी है। ऐसे में शायान मसूद का सपा में जाना आने वाले चुनावों को लेकर सहारनपुर की राजनीति में अहम घटनाक्रम माना जा रहा है।
अब सबसे बड़ा सवाल- क्या आमने-सामने होंगे दामाद और ससुर?
शायान मसूद के सपा में जाने के बाद सबसे ज्यादा चर्चा इस बात की हो रही है कि क्या आने वाले विधानसभा चुनाव में दामाद और ससुर अलग-अलग राजनीतिक खेमों से मैदान में दिखाई देंगे। फिलहाल ऐसा कोई आधिकारिक ऐलान नहीं हुआ है कि शायान को सपा किस सीट से चुनाव मैदान में उतारेगी। लेकिन उनके पार्टी में शामिल होने के बाद टिकट को लेकर कयास जरूर तेज हो गए हैं। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि शायान ने सपा में शामिल होने का फैसला किन राजनीतिक उम्मीदों के साथ लिया है और पार्टी उन्हें आने वाले चुनाव में क्या जिम्मेदारी देती है।
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