बिहार सरकार की हालिया कैबिनेट बैठक में कई अहम और दूरगामी फैसले लिए गए, जिसने प्रशासनिक और राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज कर दी है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में कुल 64 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। इनमें सबसे ज्यादा ध्यान खींचने वाला फैसला राजधानी पटना के प्रसिद्ध संजय गांधी जैविक उद्यान के नाम को बदलने का रहा। सरकार के इस कदम को एक बड़े प्रशासनिक बदलाव के रूप में देखा जा रहा है, जिसके साथ अन्य कई महत्वपूर्ण योजनाओं को भी मंजूरी मिली है।
संजय गांधी जैविक उद्यान का नया नाम क्या होगा?
कैबिनेट के फैसले के अनुसार अब संजय गांधी जैविक उद्यान को “पटना जू” के नाम से जाना जाएगा। यह स्थान वर्षों से राजधानी का एक प्रमुख पर्यटन केंद्र रहा है और हर दिन यहां बड़ी संख्या में लोग घूमने आते हैं। सरकार ने इसके संचालन के लिए बनी प्रबंधन एवं विकास सोसाइटी के नाम में भी बदलाव को मंजूरी दी है। इसके अलावा, राज्य में पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए “बिहार हरित जलवायु कोष” के गठन का भी निर्णय लिया गया है, जिससे जलवायु से जुड़े प्रोजेक्ट्स को वित्तीय सहायता मिल सकेगी।
शिक्षा, सड़क और संग्रहालय से जुड़े फैसले
कैबिनेट बैठक में शिक्षा और बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए भी कई अहम कदम उठाए गए। बिहार वानिकी महाविद्यालय एवं शोध संस्थान, मुंगेर में पदों की संख्या बढ़ाकर 250 करने का फैसला लिया गया है, जिससे शिक्षा और शोध कार्यों को बढ़ावा मिलेगा। वहीं, बक्सर-आरा-मनेर गंगा पथ परियोजना को पीपीपी मॉडल पर लागू करने को मंजूरी दी गई है, जो राज्य में कनेक्टिविटी को बेहतर बनाएगा। इसके अलावा, जननायक कर्पूरी ठाकुर स्मृति संग्रहालय का नाम बदलकर “भारत रत्न जननायक कर्पूरी ठाकुर स्मृति संग्रहालय-सह-वाचनालय” करने का निर्णय भी लिया गया है।
स्वास्थ्य क्षेत्र में भी नई पहल
सरकार ने स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए भी कई महत्वपूर्ण फैसले लिए हैं। पटना के गर्दनीबाग क्षेत्र में एक मल्टी स्पेशियलिटी अस्पताल के तहत “सेंटर ऑफ एक्सीलेंस” स्थापित करने की मंजूरी दी गई है, जहां ऑटिज्म से प्रभावित लोगों के इलाज की बेहतर व्यवस्था होगी। इसके संचालन के लिए देश के प्रतिष्ठित संस्थानों के चयन का प्रस्ताव भी पास किया गया है। इसके अलावा, कैंसर के इलाज और रिसर्च को बढ़ावा देने के लिए बिहार कैंसर केयर एंड रिसर्च सोसाइटी के लिए नए पदों का सृजन किया गया है। इन सभी फैसलों को राज्य के विकास की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।
