Chandrashekhar Azad: लोकसभा में पब्लिक एग्जामिनेशंस (प्रिवेंशन ऑफ अनफेयर मीन्स) संशोधन विधेयक, 2026 पर चर्चा के दौरान नगीना से सांसद और आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के प्रमुख चंद्रशेखर आजाद (Chandrashekhar Azad) ने छात्रों और प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़े मुद्दों को जोरदार तरीके से उठाया। उन्होंने कहा कि देश के लाखों छात्र वर्षों तक मेहनत करते हैं, लेकिन पेपर लीक जैसी घटनाएं उनके सपनों और भविष्य पर बड़ा असर डालती हैं। अपने भाषण में उन्होंने सरकार से सवाल किया कि जब परीक्षार्थियों की पहचान के लिए आधार, बायोमेट्रिक और कई स्तर की सुरक्षा व्यवस्था लागू की जा सकती है, तो प्रश्नपत्रों की सुरक्षा पूरी तरह सुनिश्चित क्यों नहीं हो पा रही है। उनका कहना था कि सरकार को इस समस्या का स्थायी समाधान निकालना चाहिए, ताकि छात्रों का परीक्षा प्रणाली पर भरोसा बना रहे।
छात्र आंदोलन और पुलिस कार्रवाई का भी किया जिक्र
चंद्रशेखर आजाद (Chandrashekhar Azad) ने अपने संबोधन में छात्र आंदोलन का भी उल्लेख किया। उन्होंने आरोप लगाया कि आंदोलन के दौरान प्रदर्शन कर रहे छात्रों के साथ सख्त कार्रवाई की गई। उन्होंने कहा कि कई जगह लाठीचार्ज, आंसू गैस और अन्य सख्त उपायों का इस्तेमाल किया गया, जिससे छात्रों में डर और नाराजगी का माहौल बना। अपने भाषण में उन्होंने एक विवादित तुलना करते हुए कहा कि हालात ऐसे थे, जैसे सरकार अपने ही छात्रों के बजाय किसी बड़े खतरे का सामना कर रही हो। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में अपनी बात रखने वाले छात्रों की आवाज सुनी जानी चाहिए और संवाद के जरिए समाधान तलाशना चाहिए। उनका कहना था कि युवाओं की चिंताओं को नजरअंदाज करना किसी भी सरकार के लिए सही नहीं होगा।
आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवारों का भी उठाया मुद्दा
नगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद (Chandrashekhar Azad) ने उन छात्रों का भी जिक्र किया, जिन्होंने परीक्षा से जुड़े विवादों और तनाव के बीच कथित तौर पर अपनी जान गंवाई। उन्होंने कहा कि ऐसे परिवारों को सरकार की ओर से सहारा और संवेदना मिलनी चाहिए। उन्होंने सुझाव दिया कि देश के प्रधानमंत्री प्रभावित परिवारों से मुलाकात कर उनका दर्द सुनें और उन्हें भरोसा दिलाएं कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएंगे। चंद्रशेखर आजाद (Chandrashekhar Azad) ने कहा कि आज का छात्र सिर्फ परीक्षा की तैयारी से नहीं, बल्कि इस चिंता से भी गुजर रहा है कि कहीं परीक्षा रद्द न हो जाए या पेपर लीक की वजह से उसकी मेहनत बेकार न चली जाए। उन्होंने कहा कि युवाओं का विश्वास बनाए रखना सरकार और व्यवस्था दोनों की जिम्मेदारी है।
कई बड़ी परीक्षाओं का जिक्र, व्यवस्था पर उठाए सवाल
अपने भाषण के अंतिम हिस्से में चंद्रशेखर आजाद (Chandrashekhar Azad) ने पिछले कुछ वर्षों में विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में सामने आए पेपर लीक के मामलों का उल्लेख किया। उन्होंने नीट, यूजीसी नेट, सीयूईटी, जेईई, उत्तर प्रदेश पुलिस कांस्टेबल भर्ती, यूपीपीसीएस और यूपीटीईटी जैसी परीक्षाओं का नाम लेते हुए कहा कि लगातार सामने आ रही ऐसी घटनाएं छात्रों का भरोसा कमजोर कर रही हैं। उन्होंने सरकार से मांग की कि परीक्षा प्रणाली को पूरी तरह सुरक्षित और पारदर्शी बनाया जाए, ताकि किसी भी छात्र की मेहनत पर सवाल न उठे। वहीं सरकार का कहना है कि नया संशोधन विधेयक परीक्षा में गड़बड़ी करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करेगा और भविष्य में पेपर लीक जैसी घटनाओं पर प्रभावी रोक लगाने में मदद करेगा। अब इस विधेयक और संसद में हुई बहस पर छात्रों, अभिभावकों और शिक्षा जगत की नजर बनी हुई है।
