उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले के फुलत गांव स्थित दारुल उलूम रहीमिया मदरसे को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। योग साधना आश्रम के महंत स्वामी यशवीर महाराज ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी कर मदरसे पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने दावा किया कि मदरसे में लंबे समय से बड़े पैमाने पर धर्मांतरण कराया जा रहा है। उनके वीडियो के सामने आने के बाद यह मामला चर्चा में आ गया। हालांकि, इन आरोपों की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस का कहना है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है और जांच पूरी होने के बाद ही सच्चाई सामने आएगी।
स्वामी यशवीर ने लगाए कई गंभीर आरोप
स्वामी यशवीर महाराज ने अपने वीडियो में दावा किया कि मदरसे में हजारों हिंदू युवक-युवतियों का धर्म परिवर्तन कराया गया और बाद में उनकी शादियां भी कराई गईं। उन्होंने मदरसे के संचालकों की संपत्ति और आय के स्रोतों की भी जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि किसी तरह की अनियमितता हुई है तो उसकी पूरी सच्चाई सामने आनी चाहिए। उन्होंने यह भी मांग की कि इस मामले की जांच केवल स्थानीय स्तर पर नहीं, बल्कि किसी केंद्रीय जांच एजेंसी से कराई जाए, ताकि किसी तरह का संदेह न रहे। फिलहाल ये सभी आरोप स्वामी यशवीर जी महाराज के दावे हैं, जिनकी आधिकारिक पुष्टि जांच पूरी होने तक नहीं हुई है।
पुलिस ने बनाई संयुक्त जांच टीम
मामले को गंभीरता से लेते हुए मुजफ्फरनगर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजय कुमार वर्मा ने बताया कि सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो और लगाए गए आरोपों का संज्ञान लेने के बाद एसपी ग्रामीण के नेतृत्व में एक संयुक्त जांच टीम बनाई गई है। इस टीम में एलआईयू, आईबी, सीओ बुढ़ाना और स्थानीय पुलिस के अधिकारी शामिल हैं। पुलिस का कहना है कि सभी पहलुओं की जांच की जाएगी और जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई होगी। अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि जांच पूरी होने से पहले किसी भी तरह की अफवाह पर भरोसा न करें।
जांच पूरी होने के बाद होगी आगे की कार्रवाई
स्वामी यशवीर महाराज का कहना है कि यदि इस मामले में उचित कार्रवाई नहीं हुई तो वह हिंदू समाज के साथ मदरसे के बाहर धरना-प्रदर्शन करेंगे। दूसरी ओर, पुलिस का कहना है कि जांच पूरी तरह निष्पक्ष होगी और किसी भी पक्ष के साथ भेदभाव नहीं किया जाएगा। फिलहाल प्रशासन का पूरा ध्यान तथ्यों की जांच पर है। जांच एजेंसियां वायरल वीडियो, आरोपों और अन्य उपलब्ध जानकारी की पड़ताल कर रही हैं। पुलिस ने साफ किया है कि जांच पूरी होने के बाद जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसी के आधार पर कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। ऐसे में इस मामले में अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।
