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रामगंगा पुल से हाथ पकड़कर कूदे थे दोनों… प्रेमी का शव पहले मिला, अब 8 किमी दूर से आई वो खबर जिससे कांप उठा मुरादाबाद!

मुरादाबाद के रामगंगा पुल से हाथ पकड़कर नदी में कूदने वाले प्रेमी युगल की कहानी का दर्दनाक अंत। चार दिनों की मशक्कत के बाद किशोरी का शव घटनास्थल से 8 किमी दूर बरामद हुआ

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उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद जिले से एक ऐसी झकझोर देने वाली खबर सामने आई है, जिसने न सिर्फ दो परिवारों को जिंदगी भर का दर्द दे दिया बल्कि पूरे इलाके को सन्न कर दिया है। कटघर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले रामगंगा पुल पर शनिवार की दोपहर एक ऐसा खौफनाक मंजर देखने को मिला था, जिसकी कल्पना शायद ही किसी ने की थी। सूरजनगर के रहने वाले तुषार ने अपनी नाबालिग प्रेमिका का हाथ थामकर उफनती रामगंगा नदी की लहरों में छलांग लगा दी थी। इस दर्दनाक कदम को उठाने के पीछे क्या मजबूरियां थीं, यह तो जांच का विषय है, लेकिन इस आत्मघाती कदम ने दोनों की जीवनलीला हमेशा के लिए समाप्त कर दी। घटना के तुरंत बाद हरकत में आई स्थानीय प्रशासन और गोताखोरों की टीम ने दोनों को बचाने और ढूंढने के लिए दिन-रात एक कर दिया था।

चार दिनों की अंतहीन तलाश और आख़िरकार मिला लापता शव

हादसे के फौरन बाद पुलिस, प्रांतीय रक्षक दल (पीएसी) और स्थानीय गोताखोरों की पांच अलग-अलग टीमों ने नदी में सघन सर्च ऑपरेशन शुरू किया था। लगातार बहते पानी के बीच रेस्क्यू ऑपरेशन बेहद चुनौतीपूर्ण साबित हो रहा था। तलाश के शुरुआती दौर में ही प्रेमी तुषार का शव तो बरामद कर लिया गया था, लेकिन किशोरी का कुछ पता नहीं चल पा रहा था। जैसे-जैसे समय बीत रहा था, नदी किनारे टकटकी लगाए बैठे परिजनों की सांसें अटक रही थीं। शनिवार से लेकर बुधवार तक, चार दिनों की कड़ी मशक्कत के बाद आखिरकार गोताखोरों को बड़ी सफलता मिली। किशोरी का बेजान शरीर घटनास्थल से लगभग आठ किलोमीटर दूर बहाव की दिशा में पाया गया, जिसे देखते ही वहां मौजूद हर शख्स की आंखें नम हो गईं।

किनारे पर टकटकी लगाए बैठे माता-पिता के आंसुओं का सैलाब

इन चार दिनों के भीतर रामगंगा का किनारा एक ऐसे इंतजार का गवाह बना, जो बेहद दर्दनाक था। लापता बेटी के माता-पिता और सगे-संबंधी उम्मीद और मायूसी के बीच झूलते हुए नदी के घाट पर ही डेरा डाले हुए थे। वे हर पल इस आस में भगवान से प्रार्थना कर रहे थे कि शायद कोई चमत्कार हो जाए। लेकिन बुधवार को जैसे ही गोताखोरों की टीम ने नदी से शव को बाहर निकाला, परिजनों की आखिरी उम्मीद भी टूट गई और घाट पर चीख-पुकार मच गई। पुलिस ने तुरंत शव को अपनी कस्टडी में लेकर पंचनामा भरा और उसे पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया है, ताकि मौत के वास्तविक समय और कारणों का स्पष्ट रूप से पता लगाया जा सके।

पुलिस की कार्रवाई और समाज के लिए एक गंभीर चेतावनी

इस पूरे संवेदनशील मामले पर मुरादाबाद के एसपी सिटी (सिटी एसपी) कुमार रणविजय सिंह ने बताया कि पुलिस इस मामले में बेहद संवेदनशीलता और कानून के दायरे में काम कर रही है। पोस्टमार्टम की अंतिम रिपोर्ट आने के बाद ही आगे की वैधानिक कार्रवाई को अंतिम रूप दिया जाएगा। वहीं, इस दुखद घटना के बाद स्थानीय प्रबुद्ध नागरिकों और समाजसेवियों ने युवाओं से एक बेहद जरूरी अपील की है। लोगों का कहना है कि आज की युवा पीढ़ी अपनी समस्याओं और आपसी मतभेदों को परिवार से साझा करने के बजाय ऐसे आत्मघाती रास्ते चुन रही है, जो बेहद चिंताजनक है। किसी भी समस्या का समाधान जान गंवाना नहीं, बल्कि बातचीत और अपनों के सहयोग से निकाला जाना चाहिए।

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