अजमेर विकास प्राधिकरण (ADA) ने आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) और अल्प आय वर्ग (LIG) के परिवारों के लिए एक नई और किफायती आवासीय योजना लॉन्च की है। ‘श्यामा प्रसाद मुखर्जी नगर’ नाम की यह योजना माखूपुरा क्षेत्र में विकसित की जा रही है, जो अजमेर-नसीराबाद रोड (NH-79) पर स्थित है। इस योजना का उद्देश्य ऐसे परिवारों को सुरक्षित और सुलभ आवास उपलब्ध कराना है, जिनके पास अपना प्लॉट खरीदने की क्षमता सीमित है।
ADA का कहना है कि योजना में ऐसे लोगों को प्राथमिकता दी जाएगी, जो वास्तव में घर या प्लॉट की तलाश में हैं और अपनी आर्थिक क्षमता के अनुसार सुरक्षित आवास चाहते हैं।
इस योजना में कुल 288 आवासीय भूखंड प्रस्तावित हैं, जिनमें से 202 सामान्य भूखंड लॉटरी के माध्यम से आवंटित किए जाएंगे। शेष प्लॉटों में कॉर्नर प्लॉट और प्रीमियम कैटेगरी शामिल है। यह योजना ADA की 10वीं आवासीय योजना है, जो रणनीतिक लोकेशन, सुविधाओं और सरकारी रेट पर उपलब्ध होने की वजह से बेहद आकर्षक मानी जा रही है।
आवेदन की प्रक्रिया और महत्वपूर्ण तिथियां
ADA ने स्पष्ट किया है कि इस योजना के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। आवेदक केवल ऑनलाइन मोड में ही फॉर्म भर सकते हैं। किसी भी प्रकार का ऑफलाइन आवेदन स्वीकार नहीं किया जाएगा। आवेदन जमा करने की आखिरी तारीख 31 दिसंबर तय की गई है, इसलिए इच्छुक आवेदकों को समय रहते आवेदन कर लेना चाहिए।
ऑनलाइन आवेदन फॉर्म और योजना की विस्तृत बुकलेट ADA की आधिकारिक वेबसाइट
https://ada.rajasthan.gov.in
पर उपलब्ध है। आवेदन करने के लिए 1000 रुपए का शुल्क जमा कराना अनिवार्य है।
योजना की लॉटरी 14 जनवरी को निकाली जाएगी, जिसमें सफल आवेदकों के नाम घोषित होंगे।
इसके अलावा, आवेदकों को सलाह दी गई है कि वे आवेदन से पहले वेबसाइट पर उपलब्ध दिशा-निर्देशों को ध्यान से पढ़ें ताकि फॉर्म भरते समय कोई गलती न हो। किसी भी प्रकार की जानकारी के लिए लोग ADA कार्यालय में कार्यालय समय के दौरान संपर्क कर सकते हैं।
202 भूखंड लॉटरी से होंगे आवंटित
इस योजना में कुल 288 प्लॉट हैं, जिनमें से सबसे अधिक 202 प्लॉट सामान्य श्रेणी में आते हैं, जिन्हें लॉटरी सिस्टम के माध्यम से EWS-LIG वर्ग को दिया जाएगा।
इन प्लॉटों का साइज, श्रेणी और लोकेशन सभी योजना की बुकलेट में विस्तार से बताया गया है।
कॉर्नर प्लॉट और बड़े आकार वाले प्लॉट प्रीमियम कैटेगरी में आते हैं, जिनका मूल्य सामान्य प्लॉटों की तुलना में अधिक होगा। लेकिन इन पर भी सरकारी रेट का लाभ मिलेगा, जिससे खरीदारों पर आर्थिक बोझ कम पड़ेगा।
ADA का कहना है कि प्लॉटों की बुनियादी सुविधाओं जैसे सड़क, बिजली, पानी, सीवरेज और पार्क आदि को ध्यान में रखकर इस योजना को डिजाइन किया गया है, ताकि लोग यहां बसने के बाद किसी प्रकार की समस्या का सामना न करें।
रणनीतिक लोकेशन के कारण यह जगह निवेशकों और आम परिवारों दोनों के लिए भविष्य में काफी फायदेमंद साबित हो सकती है।
वाणिज्यिक संपत्तियों की नीलामी भी शुरू
इस योजना में सिर्फ आवासीय प्लॉट ही नहीं, बल्कि वाणिज्यिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए 35 प्रस्तावित दुकानों का भी प्रावधान किया गया है। खास बात यह है कि इन दुकानों का आवंटन लॉटरी से नहीं, बल्कि पब्लिक ऑक्शन (नीलामी) के जरिए किया जाएगा।
इसके अलावा योजना में 51 कॉर्नर प्लॉट भी शामिल हैं, जो प्रीमियम कैटेगरी में रखे गए हैं।
ADA का उद्देश्य है कि इस क्षेत्र को मिश्रित विकास वाला मॉडल बनाया जाए, जिसमें आवासीय और व्यापारीक दोनों प्रकार के अवसर उपलब्ध हों।
सरकार चाहती है कि कम आय वर्ग के लोग भी आधुनिक मूलभूत सुविधाओं के साथ किफायती दर पर अपना घर बना सकें और साथ ही क्षेत्र में व्यापारिक गतिविधियां भी विकसित हों, जिससे रोजगार और आर्थिक विकास को गति मिले।
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