Karnal: कांवड़ यात्रा को आमतौर पर युवा अपनी श्रद्धा और ऊर्जा का प्रतीक मानते हैं, लेकिन इस बार हरियाणा के करनाल से एक ऐसी प्रेरणादायक कहानी सामने आई है जिसने सभी का दिल छू लिया। करनाल की अंजली और उनके पति बलवान ने इस साल की कांवड़ यात्रा को कुछ खास बनाने का संकल्प लिया। उन्होंने अपनी बुजुर्ग सास, जिनका चलना-फिरना मुश्किल है, की वर्षों पुरानी इच्छा पूरी करने का बीड़ा उठाया। मां हमेशा से गंगा जल लेने हरिद्वार जाना चाहती थीं, लेकिन उम्र और सेहत के कारण यह सपना अधूरा रह गया था।
कांवड़ में सास को बैठाकर पूरी की हरिद्वार यात्रा
अंजली और बलवान ने एक विशेष कांवड़ तैयार की जिसमें बैठने की व्यवस्था थी। सास को उसमें सम्मानपूर्वक बैठाकर दोनों पति-पत्नी ने मिलकर हरिद्वार तक पैदल यात्रा की। रास्ते भर श्रद्धालुओं ने इस अनोखी श्रद्धा को देखा और भावुक हो उठे। जहां आम तौर पर कांवड़िए खुद के लिए कठिनाई झेलते हैं, वहीं इस जोड़ी ने दूसरों की सेवा को प्राथमिकता दी। इस सेवा भाव और मातृभक्ति की तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हो रही हैं और लोग इन्हें “आदर्श बहू-बेटा” कहकर सराहना कर रहे हैं।
मां की आंखों से झलका आशीर्वाद, भावुक कर देने वाला पल
हरिद्वार पहुंचने पर मां की आंखों से खुशी के आंसू छलक पड़े। उन्होंने कहा कि ऐसा सुकून उन्होंने जीवन में पहली बार महसूस किया। अंजली ने बताया कि उनके लिए मां का आशीर्वाद ही सबसे बड़ी उपलब्धि है। यह कहानी न केवल एक श्रद्धा की यात्रा है, बल्कि एक उदाहरण है कि जब सेवा और प्रेम मिलते हैं तो हर कठिन राह आसान हो जाती है। आज अंजली और बलवान हर किसी के लिए एक प्रेरणा बन चुके हैं।
Read More-क्या बंद हो जाएंगे गांवों के स्कूल? डिंपल यादव ने उठाए सवाल, योगी सरकार से मांगा जवाब
