दिल्ली के जंतर-मंतर पर अनशन कर रहे शिक्षाविद और पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की तबीयत को लेकर चिंता बढ़ गई है। वह पिछले 11 दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे हैं। डॉक्टरों की ओर से जारी ताजा हेल्थ बुलेटिन के अनुसार, उनका वजन अब 59.40 किलो रह गया है। अनशन शुरू होने के बाद से उनका वजन 7 किलो से ज्यादा कम हो चुका है। डॉक्टर लगातार उनकी जांच कर रहे हैं और उनकी सेहत पर नजर रखे हुए हैं।
डॉक्टरों ने जारी की हेल्थ रिपोर्ट
बुधवार को जारी मेडिकल रिपोर्ट के मुताबिक, सोनम वांगचुक का ब्लड प्रेशर और अन्य जरूरी जांच की गई। डॉक्टरों ने बताया कि फिलहाल उनका शरीर पानी की कमी से प्रभावित नहीं है और वह पूरी तरह होश में हैं। उनका ऑक्सीजन लेवल भी सामान्य है। हालांकि लगातार कई दिनों से खाना नहीं खाने की वजह से उनका वजन तेजी से घट रहा है। इसी कारण डॉक्टर उनकी नियमित जांच कर रहे हैं।
इन मांगों को लेकर कर रहे हैं प्रदर्शन
सोनम वांगचुक जिस प्रदर्शन में शामिल हैं, उसमें कथित पेपर लीक और परीक्षा में गड़बड़ी के मामलों को लेकर कार्रवाई की मांग की जा रही है। प्रदर्शनकारी चाहते हैं कि इस मामले में जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएं। साथ ही केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की भी मांग की जा रही है। प्रदर्शन से जुड़े लोगों का कहना है कि परीक्षा में हुई गड़बड़ियों से लाखों छात्रों का भविष्य प्रभावित हुआ है।
सरकार की प्रतिक्रिया का इंतजार
जंतर-मंतर पर यह आंदोलन लगातार जारी है। कई छात्र संगठन भी इस प्रदर्शन का समर्थन कर रहे हैं। वहीं डॉक्टर लगातार सोनम वांगचुक की सेहत पर नजर बनाए हुए हैं। प्रदर्शनकारी उम्मीद कर रहे हैं कि सरकार उनकी मांगों पर जल्द फैसला लेगी। फिलहाल सबसे बड़ी चिंता सोनम वांगचुक की बिगड़ती सेहत को लेकर बनी हुई है।
