उत्तर प्रदेश के आगरा से एक ऐसी सनसनीखेज वारदात सामने आई है, जिसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। सिकंदरा क्षेत्र में एक पत्नी ने अपने ही पति की बेरहमी से हत्या कर दी और उसके शव को घर के ही बाथरूम में गड्ढा खोदकर गाड़ दिया। आरोपी महिला का नाम रूबी है, जो इस खौफनाक वारदात को अंजाम देने के बाद करीब 15 दिनों तक पुलिस की आंखों में धूल झोंकती रही। वह लगातार पुलिस को गुमराह करने के लिए नई-नई कहानियां गढ़ रही थी। लेकिन कानून के लंबे हाथों से वह ज्यादा दिन बच नहीं सकी। पुलिस ने जब कड़ाई से तफ्तीश की, तो रूबी की इस साजिश की परतें खुल गईं और जमीन के नीचे छुपा खौफनाक राज सबके सामने आ गया। पुलिस ने आरोपी महिला को गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे पहुंचा दिया है।
अदालत का मंजर: जज के सामने टूट गई रूबी, नहीं मिला कोई वकील
गिरफ्तारी के बाद कल शाम जब रूबी को भारी पुलिस सुरक्षा के बीच आगरा की मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (CJM) अदालत में पेश किया गया, तो वहां का नजारा पूरी तरह बदला हुआ था। जो महिला 15 दिनों तक पुलिस के सामने शातिर बनी रही, वह कोर्ट रूम में कदम रखते ही बुरी तरह टूट गई। रूबी ने साड़ी के पल्लू से अपना चेहरा पूरी तरह ढक रखा था और वह सिर झुकाए चल रही थी। जज के सामने खड़े होते ही वह फूट-फूटकर रोने लगी। पूरी अदालती कार्यवाही के दौरान वह लगातार आंसू बहाती रही। हैरान करने वाली बात यह रही कि कोर्ट में रूबी की तरफ से पैरवी करने के लिए कोई भी वकील खड़ा नहीं हुआ। बिना किसी कानूनी सहारे के अकेली खड़ी रूबी का पूरा आत्मविश्वास डगमगा चुका था।
गुनाह का कबूलनामा: ‘पति की इस लत से तंग आकर उठाना पड़ा कदम’
सुनवाई के दौरान कोर्ट रूम में मौजूद अभियोजन पक्ष के वकीलों के अनुसार, रूबी ने जज के सामने हाथ जोड़कर रोते हुए अपना गुनाह स्वीकार कर लिया। उसने अदालत से कहा, “साहब, मुझसे बहुत बड़ी गलती हो गई… मेरा पति हद से ज्यादा शराब पीता था। उसकी इस लत और रोज-रोज के झगड़ों से मैं पूरी तरह तंग आ चुकी थी। इसी हताशा में मैंने उसकी हत्या कर दी।” अभियोजन पक्ष ने बताया कि रूबी के हाव-भाव और उसके आंसुओं को देखकर पहली नजर में ऐसा लग रहा था कि उसे अपने किए पर बेहद पछतावा हो रहा है। उसने कोर्ट के सामने बिना किसी दबाव के अपनी पूरी कहानी बयां कर दी कि कैसे एक घरेलू विवाद ने उसे हत्यारा बना दिया।
कोर्ट का बड़ा फैसला: आरोपी महिला को मिली 14 दिनों की जेल
अदालत ने मामले की संवेदनशीलता, अपराध की गंभीरता और आरोपी महिला के इकबालिया बयान को ध्यान में रखते हुए तुरंत बड़ा कदम उठाया। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने मामले की सुनवाई के बाद आरोपी रूबी को 14 दिन की न्यायिक हिरासत (Judicial Custody) में जेल भेजने का आदेश सुरक्षित कर दिया। इसके बाद पुलिस उसे तुरंत आगरा की जिला जेल ले गई। भले ही रूबी को कोर्ट रूम में अपने किए पर पछतावा हो रहा हो, लेकिन कानून की नजर में एक इंसान की जान लेने और सबूत मिटाने की कोशिश करने का जुर्म बेहद संगीन है। फिलहाल पुलिस इस मामले में आगे के कानूनी दस्तावेज और सबूत जुटाने में लगी है, ताकि आरोपी को कड़ी से कड़ी सजा दिलाई जा सके।
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