पैलेट गन से घायल साहिल लोचब मामले में दिल्ली पुलिस द्वारा FIR दर्ज किए जाने के बाद राजनीतिक माहौल गर्म हो गया है। कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने इस कार्रवाई को न्याय की दिशा में पहला कदम बताया है। उन्होंने कहा कि काफी दबाव और धरने के बाद पुलिस ने मामला दर्ज किया। राहुल गांधी के मुताबिक, उन्होंने पीड़ित साहिल और उसके परिवार को न्याय दिलाने की मांग को लेकर आवाज उठाई थी।
राहुल गांधी ने कहा कि घटना को लगभग एक महीना बीत चुका है, लेकिन साहिल के शरीर से अभी भी पैलेट यानी छर्रे पूरी तरह नहीं निकाले जा सके हैं। उन्होंने दावा किया कि साहिल की आंख में तीन छर्रे फंसे हुए हैं, जिसकी वजह से उसकी देखने की क्षमता प्रभावित हुई है। राहुल गांधी ने इस मामले को गंभीर बताते हुए कहा कि एक नागरिक को न्याय पाने के लिए इतनी लंबी लड़ाई लड़नी पड़ रही है, यह चिंता की बात है।
राहुल गांधी का आरोप- FIR दर्ज करने में हुई देरी, ऊपर से रोक का दावा
राहुल गांधी ने दिल्ली पुलिस की कार्रवाई पर सवाल खड़े करते हुए आरोप लगाया कि FIR दर्ज करने में जानबूझकर देरी की गई। उन्होंने कहा कि उनके धरने के करीब सात घंटे बाद मामला दर्ज किया गया। राहुल गांधी का दावा है कि FIR दर्ज करने के लिए उच्च स्तर से मंजूरी का इंतजार किया जा रहा था।
उन्होंने कहा कि अगर राजधानी दिल्ली के बीचों-बीच स्थित पुलिस स्टेशन में किसी पीड़ित को शिकायत दर्ज कराने के लिए इतना संघर्ष करना पड़ता है, तो छोटे शहरों और गांवों में आम लोगों की स्थिति का अंदाजा लगाया जा सकता है। राहुल गांधी ने यह भी कहा कि उन्होंने कोई गलत काम नहीं किया था, बल्कि सिर्फ एक घायल नागरिक और उसके परिवार के लिए न्याय की मांग की थी।
कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि पुलिस अधिकारी FIR दर्ज करना चाहते थे, लेकिन फैसले लेने में देरी की गई। हालांकि, इस मामले में पुलिस या सरकार की ओर से आरोपों पर अंतिम प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
संसद मार्ग थाने के बाहर दिखा राजनीतिक तनाव, कांग्रेस नेताओं ने भी उठाई आवाज
FIR की मांग को लेकर राहुल गांधी संसद मार्ग थाने पहुंचे थे। इस दौरान थाने के बाहर कांग्रेस नेताओं और पुलिस अधिकारियों के बीच तीखी बहस देखने को मिली। कांग्रेस का कहना था कि साहिल लोचब के साथ हुई घटना में उचित कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए और पुलिस को मामले की निष्पक्ष जांच करनी चाहिए।
कांग्रेस सांसद जयराम रमेश ने भी इस मुद्दे पर पार्टी का पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि यह सामान्य मामला नहीं है, बल्कि कथित तौर पर पुलिस कार्रवाई और पैलेट गन के इस्तेमाल से जुड़ा गंभीर मामला है। उन्होंने बताया कि साहिल के वकील लंबे समय से FIR दर्ज करने की मांग कर रहे थे।
वहीं, राहुल गांधी ने पुलिस से यह सुनिश्चित करने की मांग की कि पीड़ित को न्याय मिले और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई हो। इस पूरे घटनाक्रम के बाद मामला राजनीतिक बहस का केंद्र बन गया है।
अब जांच पर नजर, FIR के बाद आगे की कार्रवाई होगी अहम
FIR दर्ज होने के बाद अब सभी की नजर पुलिस जांच पर है। इस मामले में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि जांच किस दिशा में आगे बढ़ती है और आरोपों की पुष्टि के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं। पीड़ित पक्ष लगातार निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहा है।
पैलेट गन के इस्तेमाल को लेकर पहले भी कई बार सवाल उठते रहे हैं। ऐसे मामलों में सुरक्षा बलों की कार्रवाई, नियमों के पालन और आम नागरिकों की सुरक्षा को लेकर बहस होती रही है। साहिल लोचब मामले में भी अब जांच रिपोर्ट और पुलिस की आगे की कार्रवाई ही तय करेगी कि मामले की सच्चाई क्या है।
Read more-चीनी के दाम 65 रुपये किलो पहुंचे, फिर भी किसान क्यों परेशान? 16 हजार करोड़ से ज्यादा का भुगतान अटका
