झारखंड की राजधानी रांची में भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी के विरोध में प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर पुलिस कार्रवाई का मामला अब राजनीतिक मुद्दा बन गया है। कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने छात्रों पर लाठीचार्ज और बल प्रयोग को गलत बताया है। उन्होंने कहा कि शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांग रखने वाले छात्रों को प्रदर्शन करने का अधिकार है। राहुल गांधी ने झारखंड सरकार से छात्रों की बात सुनने और बातचीत के जरिए समस्या का समाधान निकालने की अपील की। उन्होंने साफ कहा कि छात्रों के खिलाफ हिंसा किसी भी स्थिति में सही नहीं है।
राहुल बोले- बातचीत से ही निकलेगा रास्ता
राहुल गांधी ने कहा कि युवाओं और छात्रों की समस्याओं को दबाने के बजाय उनकी बात सुनी जानी चाहिए। उनका कहना है कि अगर छात्र शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं तो उनके साथ बातचीत होनी चाहिए। रांची में प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने कई बैरिकेड पार कर विधानसभा के पास पहुंचने की कोशिश की थी। इसके बाद पुलिस ने उन्हें रोकने के लिए पानी की बौछारें छोड़ीं और आंसू गैस का इस्तेमाल किया। पुलिस की ओर से लाठीचार्ज किए जाने की भी बात सामने आई। राहुल गांधी ने इसी कार्रवाई को लेकर सरकार से संवेदनशील रवैया अपनाने की मांग की है।
झारखंड में विरोध-प्रदर्शन कर रहे छात्रों के ख़िलाफ़ बल का इस्तेमाल ग़लत है।
छात्रों को शांतिपूर्ण विरोध का अधिकार है और बातचीत से ही समाधान निकल सकता है।
झारखंड सरकार को इन छात्रों की बात सुननी चाहिए और हर समस्या का तुरंत समाधान करना चाहिए।
The use of force against students…
— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) August 10, 2026
दिल्ली के प्रदर्शन से जोड़ा मुद्दा, अमित शाह पर भी निशाना
राहुल गांधी ने अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंस में झारखंड के साथ दिल्ली में हुए छात्र प्रदर्शन का भी जिक्र किया। उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से युवाओं पर पुलिस कार्रवाई को लेकर जवाब मांगा। राहुल गांधी ने सवाल उठाया कि प्रदर्शनकारियों पर बल प्रयोग या गोली चलाने की अनुमति किसने दी थी। उन्होंने कहा कि गृह मंत्री को यह स्पष्ट करना चाहिए कि ऐसी कार्रवाई के आदेश उनकी ओर से दिए गए थे या नहीं। राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह पर संसद में इन मुद्दों पर जवाब देने से बचने का आरोप भी लगाया। उनके मुताबिक, युवाओं से जुड़े सवालों पर सरकार को जवाब देना चाहिए।
झारखंड में गठबंधन की सरकार
रांची में छात्रों के प्रदर्शन और पुलिस कार्रवाई के बाद झारखंड की राजनीति में भी आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं। झारखंड में झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM), कांग्रेस, वाम दल और RJD के गठबंधन की सरकार है। ऐसे में बीजेपी इस मुद्दे पर कांग्रेस और सरकार को घेर रही है। बीजेपी की ओर से सवाल उठाया जा रहा था कि जब झारखंड में कांग्रेस सत्ता में साझेदार है तो छात्रों पर लाठीचार्ज को लेकर पार्टी क्या रुख अपनाएगी। अब राहुल गांधी के बयान के बाद कांग्रेस ने छात्रों के पक्ष में अपना रुख स्पष्ट कर दिया है। वहीं छात्रों की मुख्य मांग भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं से जुड़ी है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि उनकी समस्याओं का समाधान होने तक आंदोलन जारी रहेगा। ऐसे में आने वाले दिनों में यह मुद्दा झारखंड की सियासत में और गर्मा सकता है।
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