देश की राजधानी दिल्ली आज एक बार फिर विरोध-प्रदर्शन का गवाह बनने जा रही है। ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) के समर्थक परीक्षा प्रणाली में कथित गड़बड़ियों के खिलाफ जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करने जा रहे हैं। यह प्रदर्शन दोपहर 1 बजे आयोजित किया जाएगा, जिसमें देश के अलग-अलग हिस्सों से युवा और छात्र शामिल होने की बात कही जा रही है। संगठन का दावा है कि उन्हें इस प्रदर्शन के लिए दिल्ली पुलिस से अनुमति मिल चुकी है। इससे पहले भी यह समूह पुणे, लखनऊ, अमृतसर, बेंगलुरु, हैदराबाद और जयपुर जैसे शहरों में प्रदर्शन कर चुका है।
थाली और चम्मच की अपील से बढ़ा सियासी संदेश
प्रदर्शन से पहले संगठन के संस्थापक अभिजीत दीपके ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी कर समर्थकों से थाली और चम्मच साथ लाने की अपील की है। उन्होंने कहा कि प्रदर्शन में लोग प्रतीकात्मक रूप से शोर करके अपनी आवाज उठाएं। उनकी यह अपील 2020 में कोविड महामारी के दौरान प्रधानमंत्री द्वारा दिए गए उस संदेश की याद दिलाती है, जिसमें नागरिकों से फ्रंटलाइन वर्कर्स के समर्थन में बर्तन बजाने की अपील की गई थी। इस प्रतीकात्मक अपील के बाद प्रदर्शन को लेकर राजनीतिक और सामाजिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है।
परीक्षा विवाद और इस्तीफे की मांग
CJP इस प्रदर्शन के जरिए NEET परीक्षा और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों को मुख्य मुद्दा बना रही है। संगठन का आरोप है कि परीक्षा प्रक्रिया में अनियमितताओं के कारण छात्रों का भविष्य प्रभावित हो रहा है। इसी के साथ वे केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की भी मांग कर रहे हैं। अभिजीत दीपके ने कहा है कि जब तक जिम्मेदारी तय नहीं होती, तब तक छात्रों का भरोसा बहाल नहीं हो सकता। प्रदर्शन में इस मुद्दे को लेकर बड़े स्तर पर आवाज उठाने की तैयारी है।
मुआवजे और आत्महत्या के दावों पर बढ़ा विवाद
प्रदर्शन से पहले संगठन के संस्थापक ने एक गंभीर दावा करते हुए कहा कि परीक्षा विवादों के बीच अब तक 11 छात्रों ने आत्महत्या की है, जिनमें से 5 घटनाएं हाल के 48 घंटों में हुई हैं। हालांकि, इन आंकड़ों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है। उन्होंने सरकार से मांग की है कि ऐसे प्रत्येक प्रभावित परिवार को 1 करोड़ रुपये का मुआवजा दिया जाए। साथ ही उन्होंने प्रधानमंत्री से इस मामले में सीधे हस्तक्षेप की अपील भी की है। इन दावों के बाद मामला और अधिक संवेदनशील हो गया है और इसे लेकर सोशल मीडिया पर भी बहस तेज है।
