संसद के मानसून सत्र के बीच शुक्रवार को PM नरेंद्र मोदी और पश्चिम बंगाल की राजनीति से जुड़े कुछ नेताओं की मुलाकात चर्चा में आ गई। पीएम मोदी ने ममता बनर्जी की पार्टी से अलग होकर अब नेशनलिस्ट सिटिजन्स पार्टी ऑफ इंडिया (NCPI) में शामिल हुए नेताओं के साथ ब्रेकफास्ट किया। इस दौरान कई राजनीतिक और राष्ट्रीय मुद्दों पर बातचीत हुई। बैठक के बाद NCPI नेता और बीरभूम से सांसद शताब्दी रॉय ने मीडिया से बातचीत में मुलाकात की जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री ने नेताओं से आगे की रणनीति और राष्ट्रहित में मिलकर काम करने को लेकर बातचीत की।
PM मोदी ने नेताओं से कहा- मिलकर करना है काम
शताब्दी रॉय ने बताया कि NCPI के नेता PM के साथ हुई ब्रेकफास्ट मीटिंग में मौजूद थे। उनके मुताबिक, बातचीत के दौरान पीएम मोदी ने आगे की दिशा और काम करने के तरीके पर चर्चा की। प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि देश के हित में सभी को मिलकर काम करना चाहिए। हालांकि, बैठक में किसी खास राजनीतिक फैसले या भविष्य की रणनीति को लेकर कोई विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है। शताब्दी रॉय ने बताया कि बैठक का माहौल सामान्य और सकारात्मक रहा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उनके साथ अन्य बागी सांसद भी मौजूद थे। पीएम मोदी के साथ हुई इस मुलाकात को ऐसे समय में अहम माना जा रहा है, जब पश्चिम बंगाल की राजनीति में दल-बदल और नए राजनीतिक समीकरणों को लेकर चर्चा तेज है।
चाय-नाश्ते के साथ हुई बातचीत, ये नेता भी रहे मौजूद
बैठक के बाद शताब्दी रॉय ने बताया कि उन्होंने PM के साथ नाश्ता किया और चाय भी पी। उन्होंने बांग्ला में बातचीत करते हुए इस मुलाकात का जिक्र किया। उनके अनुसार, प्रधानमंत्री के साथ हुई बातचीत में केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन भी मौजूद थे। बैठक में नेताओं के बीच कई मुद्दों पर चर्चा हुई। हालांकि, मुलाकात में किन-किन विषयों पर विस्तार से बात हुई, इसकी पूरी जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है। प्रधानमंत्री के साथ इस तरह की अनौपचारिक बैठक को राजनीतिक नजरिए से भी देखा जा रहा है, क्योंकि इसमें ऐसे नेता शामिल हुए जो हाल में अपनी पुरानी राजनीतिक पारी से अलग होकर नए दल में गए हैं।
कौन हैं शताब्दी रॉय और क्यों है उनका राजनीतिक सफर खास?
शताब्दी रॉय राजनीति में आने से पहले बंगाली फिल्मों की जानी-मानी अभिनेत्री रही हैं। उन्होंने 2009 में पश्चिम बंगाल की बीरभूम लोकसभा सीट से पहली बार चुनाव जीता था। इसके बाद उन्होंने 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव में भी इसी सीट से जीत दर्ज की। लंबे समय तक वह तृणमूल कांग्रेस के साथ जुड़ी रहीं और लोकसभा में पार्टी की उपनेता की जिम्मेदारी भी संभाली। अब वह उन नेताओं में शामिल हैं, जिन्होंने तृणमूल कांग्रेस से अलग होकर NCPI का रुख किया है। ऐसे में PM के साथ उनकी मुलाकात को लेकर राजनीतिक गलियारों में चर्चा होना स्वाभाविक है। हालांकि, इस बैठक के आधार पर किसी बड़े राजनीतिक गठबंधन या चुनावी रणनीति को लेकर अभी कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है।
एनडीए की बैठकों के बीच हुई ये मुलाकात
PM मोदी की यह बैठक ऐसे समय में हुई है, जब संसद के मानसून सत्र के दौरान एनडीए के नेताओं के बीच लगातार बैठकें हो रही हैं। इससे पहले 4 अगस्त को संसद भवन में एनडीए संसदीय दल की साप्ताहिक बैठक आयोजित हुई थी। इसमें पीएम मोदी के अलावा गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, विदेश मंत्री एस. जयशंकर समेत कई नेता शामिल हुए थे। इससे पहले 28 जुलाई को भी एनडीए गठबंधन की बैठक हुई थी। अब पीएम मोदी का NCPI नेताओं के साथ ब्रेकफास्ट करना राजनीतिक चर्चा का नया विषय बन गया है। हालांकि, बैठक में हुई बातचीत को लेकर अभी जितनी जानकारी सामने आई है, उसमें मुख्य जोर राष्ट्रहित में मिलकर काम करने और आगे की दिशा पर चर्चा का बताया गया है। आने वाले दिनों में इस मुलाकात का राजनीतिक असर कितना दिखाई देता है, इस पर सभी की नजर रहेगी।
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