पुलिस एनकाउंटर में जान गंवाने वाले भरत भूषण तिवारी मामले को लेकर बिहार के भोजपुर जिले के बिलौटी गांव में आज एक बड़ी महापंचायत आयोजित की जा रही है। इस कार्यक्रम को भरत तिवारी न्याय आंदोलन का अहम पड़ाव माना जा रहा है। आयोजन को लेकर गांव और आसपास के इलाकों में कई दिनों से तैयारियां चल रही हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस महापंचायत का उद्देश्य भरत तिवारी की मौत से जुड़े सवालों को उठाना और न्याय की मांग को मजबूत करना है। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोगों के शामिल होने की संभावना जताई जा रही है, जिसके चलते पूरे क्षेत्र में चर्चा का माहौल बना हुआ है। महापंचायत को लेकर प्रशासन भी हालात पर नजर बनाए हुए है।
कई राज्यों से पहुंचेंगे लोग, संगठनों ने बढ़ाया समर्थन
आयोजकों के अनुसार इस महापंचायत में बिहार के अलावा उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, झारखंड, पश्चिम बंगाल, दिल्ली, महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना सहित कई राज्यों से लोग शामिल होंगे। विभिन्न सामाजिक, धार्मिक और सांस्कृतिक संगठनों ने भी कार्यक्रम को समर्थन दिया है। बताया जा रहा है कि करणी सेना, परशुराम महासभा, हिंदू महासभा, ब्राह्मण महासभा और हिंदू जागरण मंच जैसे कई संगठन अपने प्रतिनिधियों के साथ कार्यक्रम में मौजूद रहेंगे। इसके अलावा विभिन्न समाजों के पदाधिकारी और कार्यकर्ता भी बड़ी संख्या में पहुंच सकते हैं। आयोजकों का दावा है कि यह सिर्फ एक सभा नहीं बल्कि न्याय की मांग को राष्ट्रीय स्तर पर उठाने का प्रयास है।
कानूनी रणनीति पर होगी चर्चा, वकील भी देंगे राय
महापंचायत के दौरान मामले के कानूनी पहलुओं पर भी विस्तार से चर्चा की जाएगी। इसके लिए उच्च न्यायालय और अन्य अदालतों से जुड़े कई वरिष्ठ अधिवक्ताओं को आमंत्रित किया गया है। मंच से विशेषज्ञ भरत तिवारी प्रकरण में अब तक हुई कार्रवाई, कानूनी विकल्पों और आगे की संभावित रणनीति पर अपने विचार रख सकते हैं। पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए कौन-कौन से कानूनी कदम उठाए जा सकते हैं, इस पर भी चर्चा होने की संभावना है। वहीं विभिन्न राजनीतिक दलों के नेता और कार्यकर्ता भी कार्यक्रम में भाग लेकर अपनी बात रख सकते हैं। ऐसे में महापंचायत के दौरान कई महत्वपूर्ण घोषणाएं और निर्णय सामने आने की उम्मीद जताई जा रही है।
हजारों लोगों के पहुंचने का अनुमान
महापंचायत के लिए बिलौटी गांव में बक्सर-आरा फोरलेन के पास स्थित एक बड़े बगीचे को आयोजन स्थल बनाया गया है। यहां विशाल पंडाल, मंच, पेयजल, भोजन और पार्किंग जैसी सुविधाओं की व्यवस्था की गई है। आयोजन समिति का अनुमान है कि कार्यक्रम में पांच हजार से लेकर दस हजार या उससे अधिक लोग शामिल हो सकते हैं। भीड़ को देखते हुए स्वयंसेवकों की अलग-अलग टीमें बनाई गई हैं, जो व्यवस्था संभालने में जुटी हुई हैं। कार्यक्रम को सफल बनाने में पंकज त्रिपाठी, अंजनी तिवारी, राजा तिवारी और भोजपुरी समाज के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजू ओझा समेत कई सामाजिक कार्यकर्ता सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। अब सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि महापंचायत से न्याय आंदोलन को कौन-सी नई दिशा और रणनीति मिलती है।
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