देश में चीनी की बढ़ती कीमतों के बीच कांग्रेस ने केंद्र सरकार की E20 नीति को लेकर सवाल खड़े किए हैं। कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने आरोप लगाया है कि पेट्रोल में 20 फीसदी इथेनॉल मिलाने की नीति का असर अब आम लोगों की रसोई पर भी दिखाई दे रहा है। उनका कहना है कि गन्ने और अनाज का एक हिस्सा इथेनॉल बनाने में इस्तेमाल होने से खाद्य वस्तुओं की उपलब्धता पर असर पड़ा है। कांग्रेस का दावा है कि सरकार की इस नीति की कीमत लोगों को एक तरफ महंगे सफर और दूसरी तरफ महंगी रसोई के रूप में चुकानी पड़ रही है।
‘गन्ने का बड़ा हिस्सा इथेनॉल में गया’
जयराम रमेश ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए दावा किया कि करीब 25 लाख टन चीनी बनाने में इस्तेमाल होने वाला गन्ना इथेनॉल उत्पादन की ओर चला गया। कांग्रेस के मुताबिक, इसका असर चीनी और गुड़ की कीमतों पर पड़ा है। पार्टी का दावा है कि पिछले तीन महीनों में चीनी की कीमत करीब 48 रुपये से बढ़कर 67 रुपये प्रति किलो और गुड़ की कीमत 50 रुपये से बढ़कर 65 रुपये प्रति किलो हो गई है। इसके अलावा चावल, मक्के के आटे और पशु आहार की कीमतों में भी बढ़ोतरी का दावा किया गया है। हालांकि, इन कीमतों और E20 नीति के बीच कारणात्मक संबंध कांग्रेस के आरोप के रूप में सामने रखे गए हैं।
पेट्रोल के दाम और माइलेज को लेकर भी सरकार घिरी
कांग्रेस ने सिर्फ खाद्य वस्तुओं की कीमतों को लेकर ही सरकार को नहीं घेरा, बल्कि पेट्रोल के दाम और E20 से वाहनों के प्रदर्शन पर भी सवाल उठाए हैं। जयराम रमेश का आरोप है कि इथेनॉल मिलाने से लागत में कमी आने और अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट के बावजूद पेट्रोल के दामों में आम लोगों को राहत नहीं मिली। कांग्रेस ने यह भी दावा किया है कि कुछ वाहन मालिकों को E20 ईंधन के कारण माइलेज और वाहनों की अनुकूलता से जुड़ी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। पार्टी ने E20 नीति की समीक्षा करने और उपभोक्ताओं को बिना इथेनॉल वाला पेट्रोल विकल्प उपलब्ध कराने की मांग की है।
चीनी महंगी हुई तो सरकार ने उठाया बड़ा कदम
चीनी की कीमतों पर नियंत्रण के लिए केंद्र सरकार ने भी बड़ा फैसला लिया है। सरकार ने 20 अगस्त को 10 लाख मीट्रिक टन कच्ची चीनी को शून्य शुल्क पर आयात करने की अनुमति दी है। इसका मकसद घरेलू बाजार में चीनी की उपलब्धता बढ़ाकर कीमतों को काबू में रखना है। बताया जा रहा है कि करीब एक दशक बाद भारत बड़े स्तर पर चीनी का आयात करने जा रहा है। वहीं, दिल्ली में 21 अगस्त को चीनी की कीमत करीब 65 रुपये प्रति किलो बताई गई। अब सरकार के आयात वाले फैसले से आने वाले दिनों में चीनी की कीमतों पर कितना असर पड़ता है, इस पर सभी की नजर रहेगी।
