जम्मू-कश्मीर में नियंत्रण रेखा (LoC) के पास एक बार फिर पाकिस्तान की ओर से संदिग्ध गतिविधि सामने आई है। भारतीय सेना ने खौड़ सेक्टर में एक संदिग्ध सर्विलांस ड्रोन को उड़ान भरते हुए देखा और तुरंत कार्रवाई करते हुए उसे मार गिराया। शुरुआती जानकारी के अनुसार, यह ड्रोन भारतीय सैन्य ठिकानों के आसपास मंडरा रहा था। सेना ने समय रहते इसे निष्क्रिय कर दिया, जिससे किसी भी संभावित सुरक्षा खतरे को टाल दिया गया। घटना के बाद पूरे इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी गई है और एजेंसियां मामले की गहराई से जांच कर रही हैं।
ड्रोन में मिला मेमोरी कार्ड, जांच में जुटीं सुरक्षा एजेंसियां
सूत्रों के अनुसार, बरामद ड्रोन आधुनिक तकनीक से लैस था और इसमें नेविगेशन सिस्टम के साथ ऑब्जेक्ट पहचानने की क्षमता भी मौजूद थी। जांच के दौरान ड्रोन से 64 जीबी का मेमोरी कार्ड बरामद हुआ है। शुरुआती जांच में आशंका जताई जा रही है कि इसमें भारतीय सेना की अग्रिम चौकियों और संवेदनशील सैन्य इलाकों की तस्वीरें और वीडियो हो सकते हैं। हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि फॉरेंसिक रिपोर्ट आने के बाद ही होगी। फिलहाल ड्रोन और उसके उपकरणों को विशेषज्ञ जांच के लिए भेज दिया गया है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि इसका इस्तेमाल किस उद्देश्य से किया गया था।
क्या सीमा पर बढ़ रही है जासूसी की कोशिश?
पिछले कुछ महीनों में जम्मू-कश्मीर के कई इलाकों में संदिग्ध ड्रोन देखे जाने की घटनाएं लगातार सामने आई हैं। राजौरी, पुंछ, सांबा और सुंदरबनी जैसे सीमावर्ती क्षेत्रों में भी पहले ऐसे ड्रोन मिलने की खबरें आ चुकी हैं। सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि इन ड्रोन का इस्तेमाल सीमा पार से निगरानी और खुफिया जानकारी जुटाने के लिए किया जा सकता है। इसी वजह से भारतीय सेना और अन्य सुरक्षा बलों ने सीमा पर निगरानी और भी मजबूत कर दी है। हर संदिग्ध गतिविधि पर तुरंत कार्रवाई की जा रही है ताकि किसी भी तरह की घुसपैठ या सुरक्षा खतरे को रोका जा सके।
फॉरेंसिक रिपोर्ट से सामने आएगी पूरी सच्चाई
इस पूरे मामले में अब सबसे अहम भूमिका फॉरेंसिक जांच की होगी। विशेषज्ञ यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि ड्रोन कहां से आया, इसे किसने संचालित किया और इसका वास्तविक मिशन क्या था। यदि जांच में यह साबित होता है कि ड्रोन का इस्तेमाल भारतीय सैन्य गतिविधियों की जानकारी जुटाने के लिए किया गया था, तो यह सीमा पार से जासूसी की गंभीर कोशिश मानी जाएगी। फिलहाल सुरक्षा एजेंसियां सभी पहलुओं की जांच कर रही हैं और सीमा पर अतिरिक्त सतर्कता बरती जा रही है। सेना ने साफ किया है कि देश की सुरक्षा से जुड़े किसी भी खतरे का मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा और सीमाओं की सुरक्षा में कोई ढिलाई नहीं बरती जाएगी।
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