Homeदेशभगवा वेश में प्रदर्शन बना कानूनी संकट! राहुल गांधी, पप्पू यादव और...

भगवा वेश में प्रदर्शन बना कानूनी संकट! राहुल गांधी, पप्पू यादव और अवधेश प्रसाद पर FIR दर्ज

संसद परिसर में राम मंदिर से जुड़े कथित चंदा विवाद पर हुए प्रदर्शन के बाद वाराणसी में राहुल गांधी, पप्पू यादव और अवधेश प्रसाद के खिलाफ एफआईआर दर्ज। जानिए शिकायत, पुलिस कार्रवाई और पूरे मामले की पूरी जानकारी।

-

संसद परिसर में राम मंदिर से जुड़े कथित चंदा गड़बड़ी के मुद्दे पर हुए विपक्षी प्रदर्शन का असर अब कानूनी कार्रवाई के रूप में सामने आया है। वाराणसी के कोतवाली थाने में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, पूर्णिया से सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव और समाजवादी पार्टी के सांसद अवधेश प्रसाद के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। यह कार्रवाई पातालपुरी पीठाधीश्वर बालकदास के नेतृत्व में संत समाज की ओर से दी गई शिकायत के आधार पर की गई। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि संसद परिसर में हुए प्रदर्शन के दौरान धार्मिक प्रतीकों और भगवा वेशभूषा का जिस तरह इस्तेमाल किया गया, उससे करोड़ों लोगों की धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं। पुलिस ने शिकायत मिलने के बाद मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

 संसद में विरोध प्रदर्शन को लेकर उठे सवाल

यह पूरा मामला संसद के मानसून सत्र के दौरान हुए एक विरोध प्रदर्शन से जुड़ा है। विपक्षी दलों के नेताओं ने अयोध्या के राम मंदिर से जुड़े कथित चंदा अनियमितता के मुद्दे को उठाते हुए प्रतीकात्मक प्रदर्शन किया था। प्रदर्शन के दौरान पप्पू यादव भगवा वस्त्र और पुजारी जैसी वेशभूषा में दिखाई दिए। उनके हाथ में भगवान राम की तस्वीर और एक दान पेटी भी थी। विपक्ष के अन्य नेताओं ने भी इस प्रतीकात्मक प्रदर्शन में भाग लिया। प्रदर्शन के दौरान दान पेटी और नकदी को लेकर किए गए सांकेतिक अभिनय पर विवाद खड़ा हो गया। शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि इस प्रस्तुति से मंदिर, संत समाज और धार्मिक परंपराओं का अपमान हुआ। वहीं विपक्ष का कहना रहा कि उनका विरोध केवल कथित अनियमितताओं के खिलाफ था, किसी धर्म या आस्था के खिलाफ नहीं।

संत समाज ने जताई आपत्ति, पुलिस ने शुरू की जांच

वाराणसी में संत समाज के प्रतिनिधियों ने पुलिस को दिए गए प्रार्थना पत्र में कहा कि संसद परिसर में हुआ प्रदर्शन धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाला था। शिकायत में विशेष रूप से भगवा वस्त्रों के इस्तेमाल और पुजारी के पात्र को कथित रूप से नकारात्मक रूप में दिखाने पर आपत्ति दर्ज कराई गई। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, शिकायत के साथ सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो और अन्य उपलब्ध सामग्री को भी जांच का हिस्सा बनाया गया है। मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी। फिलहाल पुलिस ने संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है और पूरे घटनाक्रम का कानूनी परीक्षण किया जा रहा है।

जांच के बाद होगी आगे की कार्रवाई

पुलिस का कहना है कि एफआईआर दर्ज होने का मतलब किसी व्यक्ति का दोषी होना नहीं है। जांच के दौरान सभी पक्षों की बात सुनी जाएगी और उपलब्ध साक्ष्यों की जांच की जाएगी। यदि जांच में किसी तरह की आपराधिक जिम्मेदारी सामने आती है, तो कानून के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। इस बीच मामला राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर चर्चा का विषय बना हुआ है। एक ओर संत समाज इसे धार्मिक आस्था से जुड़ा मुद्दा बता रहा है, वहीं दूसरी ओर विपक्ष अपने प्रदर्शन को भ्रष्टाचार के आरोपों के खिलाफ प्रतीकात्मक विरोध बता रहा है। अब सभी की नजर पुलिस जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया पर टिकी हुई है।

Read More-पुलिस ने रोका ट्रैक्टर, ईंटों के ढेर में फिर जो मिला उसे देखकर अधिकारी भी रह गए हैरान

 

Related articles

Leave a reply

Please enter your comment!
Please enter your name here

Stay Connected

0FansLike
0FollowersFollow
0FollowersFollow
0SubscribersSubscribe

Latest posts