Delhi News: राजधानी दिल्ली में सरकारी जमीन पर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई लगातार जारी है। इसी कड़ी में मंगलवार को पीतमपुरा-शालीमार बाग इलाके में दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) ने बड़ा अभियान चलाया। अधिकारियों ने सड़क के बीच बनी एक अवैध मजार को हटाने की कार्रवाई की। बताया जा रहा है कि यह कदम सड़क चौड़ीकरण परियोजना के तहत उठाया गया है। लंबे समय से इस मार्ग पर बढ़ते ट्रैफिक और जाम की समस्या को देखते हुए सड़क को चौड़ा करने की योजना बनाई गई थी। इसी योजना के तहत रास्ते में आने वाले अतिक्रमणों को हटाया जा रहा है। कार्रवाई के दौरान बड़ी संख्या में सुरक्षा बल भी मौजूद रहे ताकि किसी तरह की अप्रिय स्थिति न बने।
ट्रैफिक जाम कम करने पर सरकार का फोकस
दिल्ली सरकार और डीडीए का कहना है कि इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य लोगों को बेहतर यातायात सुविधा देना है। पीतमपुरा, शालीमार बाग, आजादपुर और रिंग रोड से जुड़े इलाकों में रोजाना बड़ी संख्या में वाहन गुजरते हैं, जिससे कई बार लंबा जाम लग जाता है। अधिकारियों के अनुसार सड़क चौड़ी होने के बाद लोगों को सफर में कम समय लगेगा और ट्रैफिक का दबाव भी कम होगा। इसी वजह से परियोजना को प्राथमिकता के आधार पर आगे बढ़ाया जा रहा है। स्थानीय प्रशासन का मानना है कि सड़क चौड़ीकरण पूरा होने के बाद आसपास के आवासीय और व्यावसायिक क्षेत्रों को भी सीधा लाभ मिलेगा।
पहले भी चल चुका है अतिक्रमण हटाओ अभियान
यह पहली बार नहीं है जब इस परियोजना के तहत कार्रवाई की गई हो। इससे पहले शालीमार बाग के हैदरपुर क्षेत्र में भी अतिक्रमण हटाने का अभियान चलाया गया था। उस दौरान कई अवैध कब्जों को हटाया गया और प्रभावित परिवारों के लिए आर्थिक सहायता की व्यवस्था भी की गई थी। अधिकारियों ने बताया कि परियोजना से प्रभावित पात्र परिवारों को एकमुश्त सहायता राशि देने का प्रावधान रखा गया है। प्रशासन का कहना है कि विकास कार्यों को आगे बढ़ाने के साथ-साथ प्रभावित लोगों की सुविधाओं का भी ध्यान रखा जा रहा है। हालांकि अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई को लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं भी सामने आती रही हैं।
DDA ने दी सख्त चेतावनी
डीडीए ने हाल ही में सरकारी जमीन पर कब्जा करने वालों को सख्त चेतावनी जारी की थी। प्राधिकरण ने साफ कहा है कि सरकारी जमीन पर किसी भी तरह का अवैध निर्माण, कब्जा या अनधिकृत पार्किंग पाए जाने पर तुरंत कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों के मुताबिक, कई मामलों में पहले से नोटिस देने की जरूरत भी नहीं होगी। इसके अलावा अवैध निर्माण हटाने में होने वाले खर्च की वसूली भी संबंधित लोगों से की जा सकती है। डीडीए ने यह भी कहा है कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। ऐसे में आने वाले दिनों में दिल्ली के अन्य इलाकों में भी अतिक्रमण के खिलाफ अभियान और तेज होने की संभावना है।
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