Homeउत्तर प्रदेशशंकराचार्य के कार्यक्रम से पहले अचानक आया नोटिस! आखिर प्रशासन ने क्यों...

शंकराचार्य के कार्यक्रम से पहले अचानक आया नोटिस! आखिर प्रशासन ने क्यों उठाया यह कदम?

श्रावस्ती में शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के कार्यक्रम से पहले पुलिस प्रशासन ने नोटिस जारी किया। इसके बाद समर्थकों और आयोजकों में नाराजगी देखने को मिली। जानिए पूरा मामला।

-

उत्तर प्रदेश के श्रावस्ती जिले में ज्योतिष्पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के प्रस्तावित दौरे को लेकर चर्चा तेज हो गई है। उनके आगमन से पहले स्थानीय पुलिस प्रशासन की ओर से एक नोटिस जारी किए जाने के बाद मामला सुर्खियों में आ गया है। शंकराचार्य को भिनगा क्षेत्र में आयोजित एक धार्मिक कार्यक्रम में शामिल होना था, लेकिन कार्यक्रम से पहले प्रशासन द्वारा जारी किए गए नोटिस ने नई बहस शुरू कर दी है। प्रशासन ने नोटिस में कानून-व्यवस्था और सुरक्षा व्यवस्था का हवाला देते हुए कुछ दिशा-निर्देशों का पालन करने की बात कही है। इस घटनाक्रम के बाद जिले में राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है।

समर्थकों और श्रद्धालुओं में दिखी नाराजगी

नोटिस जारी होने के बाद शंकराचार्य के समर्थकों, संत समाज और श्रद्धालुओं में नाराजगी देखने को मिली। कई लोगों का कहना है कि यह कार्यक्रम पूरी तरह धार्मिक स्वरूप का है और इसे लेकर पहले से जानकारी संबंधित अधिकारियों को दी जा चुकी थी। समर्थकों का मानना है कि इस तरह के कदम से लोगों की धार्मिक भावनाएं प्रभावित हो सकती हैं। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना जताई जा रही थी, इसलिए प्रशासन की कार्रवाई को लेकर लोगों के बीच अलग-अलग तरह की चर्चाएं हो रही हैं। हालांकि प्रशासन का कहना है कि उसका उद्देश्य केवल सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखना है और किसी भी तरह की अव्यवस्था से बचना है।

आयोजकों ने प्रशासन के फैसले पर उठाए सवाल

कार्यक्रम के आयोजकों ने प्रशासन द्वारा जारी नोटिस पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि कार्यक्रम एक निजी परिसर में आयोजित होना था और इसकी जानकारी पहले से दी गई थी। आयोजकों के अनुसार यह धार्मिक आयोजन था, जिसमें चरण पादुका पूजन और दर्शन जैसे कार्यक्रम शामिल थे। उनका कहना है कि निजी स्थान पर आयोजित होने वाले धार्मिक कार्यक्रम के लिए अतिरिक्त अनुमति की आवश्यकता नहीं होती। आयोजकों ने यह भी कहा कि कार्यक्रम से किसी प्रकार की सार्वजनिक व्यवस्था प्रभावित होने की संभावना नहीं थी। इसी वजह से वे प्रशासन की ओर से उठाए गए कदम को लेकर अपनी आपत्ति जता रहे हैं। उनका कहना है कि वे केवल धार्मिक आयोजन को शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराना चाहते हैं।

 प्रशासन और आयोजकों के बीच बना चर्चा का विषय

इस पूरे मामले के बाद अब लोगों की नजर प्रशासन और आयोजकों की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई है। एक तरफ प्रशासन सुरक्षा और कानून-व्यवस्था को प्राथमिकता देने की बात कर रहा है, वहीं दूसरी ओर आयोजक और समर्थक इसे धार्मिक कार्यक्रम में अनावश्यक हस्तक्षेप के रूप में देख रहे हैं। फिलहाल क्षेत्र में स्थिति सामान्य बताई जा रही है, लेकिन मामले को लेकर चर्चाएं लगातार जारी हैं। आने वाले समय में प्रशासन और आयोजकों के बीच बातचीत के बाद स्थिति और स्पष्ट हो सकती है। फिलहाल श्रावस्ती में शंकराचार्य के कार्यक्रम को लेकर बना यह विवाद लोगों के बीच चर्चा का प्रमुख विषय बना हुआ है।

Read More-चौराहों से गायब होने वाले हैं ट्रैफिक पुलिसकर्मी? जानिए उस ‘अदृश्य दिमाग’ का सच जो अब बदलेगा आपकी किस्मत!

Related articles

Leave a reply

Please enter your comment!
Please enter your name here

Stay Connected

0FansLike
0FollowersFollow
0FollowersFollow
0SubscribersSubscribe

Latest posts