पंजाब की सियासत में इन दिनों बयानों के तीर खूब चल रहे हैं। इसी कड़ी में मुख्यमंत्री भगवंत मान ने होशियारपुर जिले के मुकेरियां में एक जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस पर तीखा हमला बोला है। सीएम मान ने अपने चिरपरिचित मजाकिया और चुटीले अंदाज में कांग्रेस की राज्य इकाई के भीतर चल रही गुटबाजी की धज्जियां उड़ा दीं। मुख्यमंत्री ने कांग्रेस के शीर्ष नेताओं के आपसी रिश्तों पर चुटकी लेते हुए कहा कि पार्टी के भीतर सिरफुटौव्वल की स्थिति बनी हुई है। उन्होंने जनता से एक ऐसी अपील कर दी है जिससे कांग्रेस की रही-सही उम्मीदों पर भी पानी फिर सकता है। मान के इस बयान के बाद पंजाब का सियासी पारा अचानक चढ़ गया है।
कुर्सी एक, दावेदार अनेक: भगवंत मान ने गिनाई कांग्रेस की ‘महाभारत’
मुकेरियां की रैली में मुख्यमंत्री ने मंच से कांग्रेस के बड़े चेहरों का नाम लेकर उनकी आपसी खींचतान को उजागर किया। उन्होंने व्यंग्य कसते हुए कहा कि कांग्रेस की हालत आज ऐसी हो गई है जहां कोई भी नेता दूसरे को बर्दाश्त करने के लिए तैयार नहीं है। मान ने सिलसिलेवार ढंग से नेताओं के नाम लेते हुए कहा कि प्रदेश अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वडिंग की पूर्व सीएम चरणजीत सिंह चन्नी से नहीं पटती, चन्नी की प्रताप सिंह बाजवा से नहीं बनती और बाजवा की सुखजिंदर सिंह रंधावा से ठनी हुई है। बात यहीं खत्म नहीं हुई, उन्होंने आगे जोड़ा कि रंधावा की वडिंग से और वडिंग की नवजोत सिंह सिद्धू से नहीं बनती। आखिर में उन्होंने सिद्धू पर सबसे बड़ा तंज कसते हुए कहा कि सिद्धू की तो खैर किसी से भी नहीं बनती है। मुख्यमंत्री ने हंसते हुए कहा कि कांग्रेस की यह लड़ाई इतनी बढ़ चुकी है कि अब इसे खत्म करवाने के लिए शायद उन्हें खुद ही बीच-बचाव करने आना पड़ेगा।
‘न रहेगा बांस, न बजेगी बांसुरी’: सीएम ने जनता से मांगी अनोखी मदद
भगवंत मान ने कांग्रेसियों की मुख्यमंत्री बनने की होड़ पर निशाना साधते हुए जनता के सामने एक अनोखा फॉर्मूला पेश किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के नेता आज इस कदर व्यवहार कर रहे हैं, जैसे राज्यपाल ने उन्हें मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने का समय दे दिया हो और अब बस यह तय करना बाकी है कि उस कुर्सी पर कौन बैठेगा। मान ने याद दिलाया कि पंजाब में सरकार बनाने के लिए जादुई आंकड़ा 59 सीटों का है, लेकिन कांग्रेस के नेता जमीन पर सीटें जीतने की मेहनत करने के बजाय पहले ही मुख्यमंत्री की कुर्सी के लिए आपस में लड़े जा रहे हैं। इसी को लेकर मान ने जनता से अपील की कि वे चुनाव में कांग्रेस को इतनी कम सीटें दें कि उनके मुख्यमंत्री बनने की नौबत ही न आए। उन्होंने मुहावरे का इस्तेमाल करते हुए कहा— “न रहेगा बांस, न बजेगी बांसुरी।”
कांग्रेस की ‘बस यात्रा’ पर मजेदार भविष्यवाणी, मुफ्त योजनाओं के बंद होने का जताया डर
अपने संबोधन के दौरान सीएम मान ने कांग्रेस की प्रस्तावित बस यात्रा का भी जमकर मजाक उड़ाया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी भले ही दिल्ली से आकर पंजाब के इन सभी नेताओं को एक बस में साथ बैठा देंगे, लेकिन जब यह बस सफर पूरा करके रुकेगी, तो नजारा कुछ और ही होगा। मान ने हंसते हुए कहा कि बस से उतरते समय कोई भी नेता साथ नहीं होगा; किसी की पगड़ी हाथ में होगी, किसी का माथा फूटा होगा, तो किसी की नाक टूटी होगी। उन्होंने सलाह दी कि कांग्रेस को अपनी इस बस में दो-चार ऐसे लोगों को भी बैठाना चाहिए जो सिर्फ इनकी लड़ाई छुड़ाने का काम कर सकें। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने एक गंभीर आरोप लगाते हुए जनता को आगाह किया कि कांग्रेस नेता पंजाब को लूटने के लिए सत्ता में आना चाहते हैं। उन्होंने दावा किया कि यदि कांग्रेस गलती से भी सत्ता में आ गई, तो आम आदमी पार्टी द्वारा चलाई जा रही मुफ्त बिजली और अन्य जनहित की योजनाएं तुरंत बंद कर दी जाएंगी, क्योंकि कांग्रेस नेता खुद सार्वजनिक तौर पर मुफ्त सुविधाओं का विरोध कर चुके हैं।
