80वें स्वतंत्रता दिवस पर कांग्रेस मुख्यालय में हुए कार्यक्रम के दौरान ‘वंदे मातरम्’ के गायन को लेकर बीजेपी और कांग्रेस के बीच राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। बीजेपी के राज्यसभा सांसद और प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने आरोप लगाया कि राष्ट्रगीत के गायन के दौरान कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एक-दूसरे से बातचीत करते और इशारे करते नजर आए। बीजेपी ने इसे ‘वंदे मातरम्’ का अपमान बताते हुए कांग्रेस से देश से माफी मांगने की मांग की है। वहीं कांग्रेस ने इन आरोपों को खारिज करते हुए पूरे मामले पर अपना पक्ष रखा है।
वंदे मातरम् के दौरान नेताओं के व्यवहार पर BJP ने उठाए सवाल
सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि ‘वंदे मातरम्’ भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन से जुड़ा महत्वपूर्ण राष्ट्रीय गीत है और आजादी के संघर्ष में इसका विशेष स्थान रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस मुख्यालय में गीत के गायन के दौरान सोनिया गांधी, राहुल गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के बीच बातचीत और इशारे होते दिखाई दिए। बीजेपी नेता के मुताबिक, इसी दौरान एक व्यक्ति भी कांग्रेस नेताओं के पास आकर कुछ जानकारी देता नजर आया। त्रिवेदी ने कहा कि इस तरह का व्यवहार करोड़ों भारतीयों की भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाला है। उन्होंने कांग्रेस नेतृत्व से इस पूरे मामले पर स्पष्टीकरण देने और देश से माफी मांगने की मांग की। बीजेपी का यह भी आरोप है कि कांग्रेस आज भी ‘वंदे मातरम्’ के पूर्ण रूप को लेकर सहज नहीं है।
सोनिया गांधी के बयान को लेकर भी BJP ने घेरा
बीजेपी की ओर से यह आरोप भी लगाया गया कि कांग्रेस मुख्यालय में स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम के दौरान सोनिया गांधी ने ‘वंदे मातरम्’ के सभी छह अंतरों के गायन पर आपत्ति जताई। इस दावे के बाद विवाद और बढ़ गया। बीजेपी ने कांग्रेस से सवाल किया कि स्वतंत्रता दिवस जैसे राष्ट्रीय पर्व पर राष्ट्रगीत के दौरान ऐसा व्यवहार क्यों हुआ। त्रिवेदी ने कहा कि कांग्रेस को अपने नेताओं के कथित आचरण पर स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर पार्टी इस मामले में जवाब नहीं देती है तो इससे उसके संविधान और स्वतंत्रता आंदोलन के प्रति रुख को लेकर सवाल उठेंगे। हालांकि, बीजेपी के इन आरोपों की व्याख्या को लेकर कांग्रेस ने अलग तस्वीर पेश की है।
कांग्रेस ने आरोपों को नकारा, बताया पूरा मामला क्या था
कांग्रेस ने ‘वंदे मातरम्’ के अपमान और गायन में बाधा डालने के आरोपों को साफ तौर पर खारिज किया है। पार्टी का कहना है कि कांग्रेस मुख्यालय में राष्ट्रगीत के सभी छह अंतरे गाए गए थे। कांग्रेस के मुताबिक, सोनिया गांधी ने गीत के दौरान किसी तरह की आपत्ति नहीं जताई थी। पार्टी ने सफाई देते हुए कहा कि सोनिया गांधी केवल मल्लिकार्जुन खरगे के लिए कुर्सी लाने के लिए कह रही थीं, क्योंकि खरगे काफी देर से खड़े थे। इस तरह बीजेपी और कांग्रेस के दावों में अंतर सामने आया है। अब इस मामले को लेकर दोनों दलों के बीच राजनीतिक बयानबाजी तेज होने के आसार हैं।
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