बिहार की चर्चित बांकीपुर विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव को लेकर राजनीतिक माहौल लगातार गर्म होता जा रहा है। चुनाव की तारीख घोषित होने के बाद सभी दल अपनी रणनीति बनाने में जुट गए हैं। इसी बीच भारतीय जनता पार्टी (BJP) के उम्मीदवार नीरज सिन्हा को लेकर नया विवाद सामने आ गया है। विपक्षी दल राष्ट्रीय जनता दल (RJD) ने भाजपा उम्मीदवार के बायोडाटा में कथित गड़बड़ी का मुद्दा उठाया है। राजद नेताओं का दावा है कि उम्मीदवार की जन्मतिथि और पार्टी से जुड़ने के वर्ष में विरोधाभास दिखाई दे रहा है। इस आरोप के बाद राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है और चुनावी माहौल में नया मोड़ आ गया है। हालांकि इस मामले पर आधिकारिक स्तर पर स्थिति स्पष्ट होना अभी बाकी है।
बायोडाटा की जानकारी को लेकर उठे सवाल
राजद की ओर से कहा गया है कि BJP उम्मीदवार के सार्वजनिक बायोडाटा में उनकी जन्मतिथि के अनुसार उम्र और पार्टी में शामिल होने का वर्ष मेल नहीं खाता। विपक्ष का दावा है कि उपलब्ध जानकारी के मुताबिक उम्मीदवार बहुत कम उम्र में ही पार्टी के सदस्य बताए गए हैं, जिस पर सवाल खड़े हो रहे हैं। राजद नेताओं ने इसे गंभीर मामला बताते हुए BJP से स्पष्टीकरण मांगा है। विपक्ष का कहना है कि चुनाव में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए उम्मीदवारों की जानकारी पूरी तरह सही और स्पष्ट होनी चाहिए। वहीं BJP की ओर से अभी तक इस मुद्दे पर विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि चुनावी मौसम में इस तरह के आरोप-प्रत्यारोप आम बात हैं, लेकिन यदि दस्तावेजों में कोई त्रुटि है तो उसे स्पष्ट करना जरूरी होगा।
पहले उम्मीदवार बदला, अब नया विवाद
बांकीपुर उपचुनाव में BJP पहले ही उम्मीदवार बदलने को लेकर चर्चा में आ चुकी है। पार्टी के पहले घोषित प्रत्याशी अभिषेक कुमार ने नामांकन दाखिल करने के बाद अपना नाम वापस ले लिया था। उन्होंने अपने फैसले के पीछे निजी और पारिवारिक कारण बताए थे। इसके बाद BJP ने नीरज सिन्हा को मैदान में उतारा। अब नए उम्मीदवार के नाम पर भी सवाल उठने से सियासी चर्चा और तेज हो गई है। विपक्ष इसे भाजपा की अंदरूनी स्थिति से जोड़कर देख रहा है, जबकि भाजपा समर्थक इसे चुनावी रणनीति के तहत फैलाया जा रहा भ्रम बता रहे हैं। चुनावी मैदान में उतरने से पहले ही उम्मीदवारों को लेकर चल रही बहस ने इस सीट को राज्य की सबसे चर्चित सीटों में शामिल कर दिया है।
चुनावी मुकाबले पर सबकी नजर
बांकीपुर सीट का उपचुनाव केवल एक विधानसभा क्षेत्र का चुनाव नहीं माना जा रहा, बल्कि इसे राजनीतिक प्रतिष्ठा से भी जोड़कर देखा जा रहा है। इस सीट पर सभी प्रमुख दल अपनी ताकत झोंक रहे हैं। ऐसे में उम्मीदवारों से जुड़े हर मुद्दे पर राजनीतिक दलों की नजर बनी हुई है। आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि BJP इस विवाद पर क्या स्पष्टीकरण देती है और विपक्ष इसे कितना बड़ा चुनावी मुद्दा बनाता है। फिलहाल चुनाव प्रचार के बीच आरोपों और जवाबों का दौर जारी है। मतदाता भी अब उम्मीदवारों की छवि, उनके काम और राजनीतिक दलों के दावों को ध्यान से देख रहे हैं। यही वजह है कि बांकीपुर उपचुनाव राज्य की राजनीति का केंद्र बनता जा रहा है।
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