UP News: स्मार्ट सिटी के नाम पर हो रहे विकास कार्यों को लेकर अक्सर सवाल उठते रहे हैं, लेकिन आगरा में एक बीजेपी पार्षद ने विरोध का ऐसा तरीका अपनाया जिसने सभी का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। वार्ड संख्या 12 के पार्षद किशन नायक अपने जन्मदिन के दिन भूमिगत नाले में उतर गए और वहीं खड़े होकर केक काटा। उनका कहना था कि जब तक क्षेत्र की जनता जलभराव और गंदगी से परेशान रहेगी, तब तक उनके लिए जन्मदिन का जश्न मनाने का कोई मतलब नहीं है। इस अनोखे विरोध प्रदर्शन का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और लोग इसे स्मार्ट सिटी की जमीनी हकीकत से जोड़कर देख रहे हैं।
बार-बार शिकायत के बावजूद नहीं हुई नाले की सफाई
पार्षद किशन नायक ने आरोप लगाया कि उनके वार्ड का भूमिगत नाला करीब 14 साल पुराना है और लंबे समय से उसकी सफाई नहीं कराई गई है। उन्होंने बताया कि शासन की ओर से मानसून शुरू होने से पहले 31 मई तक नालों की सफाई पूरी करने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन संबंधित अधिकारियों ने इस पर गंभीरता नहीं दिखाई। उनका दावा है कि उन्होंने नगर निगम के अधिकारियों से करीब 12 बार शिकायत की, लेकिन हर बार सिर्फ आश्वासन मिला। नतीजा यह रहा कि बारिश शुरू होते ही वाल्मीकि बस्ती, लंगड़े की चौकी और महाराणा प्रताप बस्ती समेत कई इलाकों में जलभराव की स्थिति बन गई। लोगों के घरों में पानी घुस गया और पूरी रात उन्हें मुश्किल हालात का सामना करना पड़ा। कई परिवारों को बिजली और अंधेरे के बीच मोबाइल की टॉर्च जलाकर बच्चों की सुरक्षा करनी पड़ी।
पहले भी हो चुके हैं हादसे, फिर भी नहीं जागा प्रशासन
पार्षद का कहना है कि यह सिर्फ सफाई का मामला नहीं बल्कि लोगों की सुरक्षा से जुड़ा गंभीर मुद्दा है। उनके अनुसार, खराब नाले की वजह से पहले भी कई दुर्घटनाएं हो चुकी हैं। नगर निगम का एक कर्मचारी नाले में गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गया था और उसे कई महीनों तक इलाज कराना पड़ा। वहीं एक छोटा बच्चा भी नाले में गिर गया था, जिसे समय रहते अस्पताल पहुंचाकर बचाया गया। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि जल्द सफाई और मरम्मत नहीं कराई गई तो भविष्य में बड़ा हादसा हो सकता है। प्रदर्शन के दौरान क्षेत्र के कई निवासी भी मौके पर पहुंचे और नगर निगम के खिलाफ नारेबाजी करते हुए जल्द कार्रवाई की मांग की। लोगों का कहना है कि स्मार्ट सिटी परियोजना का लाभ तब ही दिखाई देगा, जब बुनियादी समस्याओं का समाधान समय पर होगा।
‘जनता की राहत ही सबसे बड़ा जन्मदिन का तोहफा’
किशन नायक ने कहा कि प्रधानमंत्री के स्वच्छता अभियान का उद्देश्य हर मोहल्ले और बस्ती को साफ-सुथरा बनाना है, लेकिन अधिकारियों की लापरवाही के कारण यह लक्ष्य प्रभावित हो रहा है। उन्होंने दावा किया कि कई वरिष्ठ अधिकारियों को मौके पर बुलाकर समस्या दिखाई गई, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। पार्षद ने साफ कहा कि उनके लिए जन्मदिन का सबसे बड़ा उपहार तभी होगा, जब उनके वार्ड के लोगों को जलभराव और गंदगी से राहत मिलेगी। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द नाले की सफाई और आवश्यक मरम्मत नहीं कराई गई तो स्थानीय लोगों के साथ मिलकर आंदोलन को और तेज किया जाएगा। वहीं इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है और लोग इसे जनप्रतिनिधि के अनोखे विरोध के रूप में देख रहे हैं।
