बिहार के चर्चित भरत तिवारी एनकाउंटर मामले में अब नया मोड़ सामने आया है। घटना के करीब 45 दिन बाद मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने शुक्रवार को पटना स्थित मुख्यमंत्री आवास पर भरत तिवारी के परिजनों से मुलाकात की। इस दौरान भरत तिवारी की मां आशा देवी समेत परिवार के अन्य सदस्य भी मौजूद रहे। मुलाकात के दौरान परिवार ने पूरे मामले की जानकारी मुख्यमंत्री के सामने रखी और निष्पक्ष जांच की मांग दोहराई। मुख्यमंत्री ने परिजनों को भरोसा दिलाया कि सरकार इस मामले को गंभीरता से देख रही है और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि कानून के अनुसार पूरी कार्रवाई की जाएगी ताकि पीड़ित परिवार को न्याय मिल सके। इस मुलाकात को लेकर बिहार की राजनीति और प्रशासनिक हलकों में भी काफी चर्चा शुरू हो गई है।
मां ने लगाए गंभीर आरोप, दो अधिकारियों की भूमिका पर उठाए सवाल
मुख्यमंत्री से बातचीत के दौरान भरत तिवारी की मां आशा देवी ने उस समय के प्रशासनिक अधिकारियों की कार्यशैली पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि मामले में तत्कालीन एसडीपीओ और एसडीओ की भूमिका की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। परिवार का आरोप है कि घटना के बाद उन्हें न्याय पाने के लिए लगातार संघर्ष करना पड़ा। आशा देवी ने मुख्यमंत्री से कहा कि पूरे मामले की गहराई से जांच कराई जाए ताकि सच्चाई सामने आ सके। मुख्यमंत्री ने उनकी बात ध्यान से सुनी और भरोसा दिलाया कि शिकायतों की निष्पक्ष जांच होगी। गौरतलब है कि जून महीने में भोजपुर जिले के बिलौटी गांव में पुलिस कार्रवाई के दौरान भरत तिवारी की मौत हो गई थी। इस मामले में तत्कालीन पुलिस अधिकारियों और कुछ पुलिसकर्मियों के खिलाफ हत्या सहित अन्य धाराओं में मामला दर्ज किया जा चुका है और जांच प्रक्रिया जारी है।
मुलाकात के कुछ घंटे बाद बड़ा प्रशासनिक फैसला
परिवार से मुलाकात के कुछ समय बाद ही मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने प्रशासनिक स्तर पर बड़ा फैसला लिया। सरकार ने एनकाउंटर के समय जगदीशपुर में तैनात रहे दोनों प्रमुख अधिकारियों को उनके वर्तमान पदों से हटा दिया। तत्कालीन एसडीपीओ राजेश कुमार शर्मा को वापस पुलिस मुख्यालय भेज दिया गया है। इससे पहले उन्हें मद्य निषेध विभाग में डीएसपी के रूप में तैनाती मिली थी। वहीं, उस समय के एसडीओ संजीत कुमार को भी उनके पद से हटाकर सामान्य प्रशासन विभाग में योगदान देने का निर्देश दिया गया है। सरकार के इस कदम को मामले में जवाबदेही तय करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। हालांकि अधिकारियों के खिलाफ अंतिम निर्णय जांच रिपोर्ट आने के बाद ही लिया जाएगा।
जांच पर टिकी सबकी नजर, न्याय की उम्मीद में परिवार
भरत तिवारी एनकाउंटर मामला पिछले कई सप्ताह से बिहार में चर्चा का विषय बना हुआ है। परिवार लगातार निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग करता रहा है। अब मुख्यमंत्री की सीधी मुलाकात और उसके बाद हुए प्रशासनिक फैसलों से यह मामला फिर सुर्खियों में आ गया है। राजनीतिक दल भी इस पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं। आने वाले दिनों में जांच एजेंसियों की रिपोर्ट और सरकार की आगे की कार्रवाई इस मामले की दिशा तय करेगी। फिलहाल पीड़ित परिवार को उम्मीद है कि सरकार के आश्वासन के बाद उन्हें न्याय मिलेगा और यदि किसी स्तर पर लापरवाही या गलत कार्रवाई हुई है तो जिम्मेदार लोगों पर कानून के अनुसार कार्रवाई होगी।
