CAG Report on Railway Stations: रेलवे स्टेशनों पर यात्रियों को मिलने वाली सुविधाओं को लेकर नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) की रिपोर्ट ने गंभीर सवाल खड़े किए हैं। रिपोर्ट में कई स्टेशनों के पीने के पानी में E. Coli और टोटल कोलीफॉर्म बैक्टीरिया मिलने की बात सामने आई है। इसके अलावा कई स्टेशनों पर शौचालय, बैठने की जगह और अन्य जरूरी सुविधाएं भी तय मानकों के मुताबिक नहीं मिलीं।
कई स्टेशनों के पानी में मिले खतरनाक बैक्टीरिया
CAG की यह जांच वर्ष 2019-20 से 2023-24 के बीच देश के 512 गैर-उपनगरीय रेलवे स्टेशनों पर की गई। जांच के दौरान कुछ स्टेशनों के वाटर कूलर और नलों से लिए गए पानी के नमूनों में E. Coli और टोटल कोलीफॉर्म बैक्टीरिया पाए गए। मुंबई के CSMT, कल्याण, लोनावाला और भिवंडी रोड जैसे स्टेशनों के वाटर कूलर के पानी में E. Coli मिला। वहीं कोयंबटूर, पलक्कड़ जंक्शन और हैदराबाद स्टेशन के पानी में भी बैक्टीरिया की मौजूदगी सामने आई। मधुपुर स्टेशन का पानी भी गुणवत्ता जांच में मानकों पर खरा नहीं उतरा।
कई जगह पानी की जांच तक नहीं कराई गई
रिपोर्ट में रेलवे की पानी की जांच व्यवस्था पर भी सवाल उठाया गया है। छह रेलवे जोन के 59 स्टेशनों पर पीने के पानी की बैक्टीरियोलॉजिकल जांच ही नहीं कराई गई। इसके अलावा 2022-23 में आठ जोन के 49 और 2023-24 में नौ जोन के 56 स्टेशनों के प्लेटफॉर्म पर लगे नलों के पानी में टोटल कोलीफॉर्म पाया गया। ऐसे बैक्टीरिया दूषित पानी के जरिए पेट और पाचन तंत्र से जुड़ी बीमारियों का कारण बन सकते हैं। रिपोर्ट के मुताबिक रेलवे बोर्ड ने पानी और यात्री सुविधाओं को लेकर नियम बनाए थे, लेकिन कई जगह उनका सही तरीके से पालन नहीं हुआ।
शौचालय और दूसरी सुविधाएं भी बदहाल
CAG ने अपनी जांच में सिर्फ पेयजल की स्थिति ही नहीं देखी, बल्कि स्टेशनों की दूसरी बुनियादी सुविधाओं का भी आकलन किया। रिपोर्ट के अनुसार 2,035 स्टेशनों पर पानी के नलों की कमी पाई गई। वहीं 403 स्टेशनों पर पर्याप्त मूत्रालय और 201 स्टेशनों पर जरूरत के हिसाब से शौचालय उपलब्ध नहीं थे। रेलवे बोर्ड ने 2018 में स्टेशनों पर पीने का पानी, बैठने की जगह, शेड, शौचालय, पंखे और सूचना बोर्ड जैसी जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए थे।
512 में से 458 स्टेशनों पर मानक पूरे नहीं
ऑडिट किए गए 512 स्टेशनों में से 458 स्टेशनों पर न्यूनतम यात्री सुविधाएं या तो मौजूद नहीं थीं या तय मानकों से कम थीं। हैरानी की बात यह है कि नई दिल्ली, हावड़ा, सियालदह, मुंबई सेंट्रल और CSMT जैसे प्रमुख स्टेशनों पर भी कुछ जरूरी सुविधाओं की कमी या खराब स्थिति सामने आई। CAG ने रेलवे प्रशासन को पानी की गुणवत्ता और सप्लाई सिस्टम की नियमित जांच करने की सलाह दी है, ताकि यात्रियों को सुरक्षित पेयजल और बेहतर स्वच्छता सुविधाएं मिल सकें।
Read more-चाय बनाते-बनाते रानू मंडल ने छेड़ा देशभक्ति का तराना, आवाज सुनकर सोशल मीडिया पर मच गई हलचल
