लोकसभा में एंटी पेपर लीक बिल पर चर्चा के दौरान भाजपा सांसद बांसुरी स्वराज ने विपक्ष पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर राजनीति नहीं, बल्कि युवाओं के भविष्य की बात होनी चाहिए। अपने भाषण में उन्होंने कहा कि संसद में बहस तथ्यों के आधार पर होनी चाहिए, न कि आरोपों और पूर्वाग्रहों के आधार पर। बांसुरी स्वराज ने कहा कि पेपर लीक जैसी घटनाएं लंबे समय से होती रही हैं, इसलिए अब सख्त कानून की जरूरत है। उन्होंने सभी राजनीतिक दलों से अपील की कि इस विधेयक को राजनीति से ऊपर उठकर देखें और इसे सर्वसम्मति से पारित करने में सहयोग करें।
विपक्ष से पूछा- सरकार बदलते ही सोच क्यों बदल जाती है?
अपने संबोधन में बांसुरी स्वराज ने विपक्ष से कई सवाल भी पूछे। उन्होंने कहा कि अगर यह वास्तव में सिद्धांतों की लड़ाई है, तो अलग-अलग राज्यों में सरकार बदलने के साथ नेताओं का रुख क्यों बदल जाता है। उन्होंने पंजाब में हाल ही में सामने आए एक भर्ती परीक्षा मामले का जिक्र करते हुए कहा कि वहां कथित तौर पर तकनीक का गलत इस्तेमाल कर परीक्षा में गड़बड़ी की कोशिश हुई। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या विपक्ष ने उस मामले में भी उतनी ही सख्ती से कार्रवाई की मांग की थी। बांसुरी स्वराज ने कहा कि कानून सभी राज्यों और सभी सरकारों के लिए बराबर होना चाहिए। उनके अनुसार, पेपर लीक पर किसी भी तरह की राजनीति नहीं होनी चाहिए, क्योंकि इससे सबसे ज्यादा नुकसान छात्रों का होता है।
मोदी सरकार की मंशा और शिक्षा सुधार का किया जिक्र
भाजपा सांसद ने कहा कि एंटी पेपर लीक बिल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार की गंभीर सोच को दिखाता है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री पहले भी कई बार पेपर लीक को गंभीर अपराध बता चुके हैं और सरकार इस समस्या को खत्म करने के लिए लगातार कदम उठा रही है। बांसुरी स्वराज ने कहा कि इस कानून के जरिए जांच को मजबूत किया जाएगा और परीक्षा माफिया के खिलाफ सख्त कार्रवाई का रास्ता साफ होगा। उन्होंने यह भी कहा कि पिछले वर्षों में देश में उच्च शिक्षा संस्थानों की संख्या बढ़ी है और विभिन्न वर्गों के छात्रों को शिक्षा के अधिक अवसर मिले हैं। उनके अनुसार, सरकार का लक्ष्य केवल कानून बनाना नहीं, बल्कि पूरी परीक्षा व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और भरोसेमंद बनाना है।
शिक्षा माफिया को दी चेतावनी, सर्वसम्मति से बिल पास करने की अपील
बांसुरी स्वराज ने अपने भाषण के अंत में कहा कि शिक्षा व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों के लिए अब कोई जगह नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि परीक्षा माफिया को यह समझ लेना चाहिए कि संसद छात्रों के भविष्य की रक्षा के लिए एकजुट है। उन्होंने सभी सांसदों से इस संशोधन विधेयक का समर्थन करने की अपील करते हुए कहा कि यह किसी एक पार्टी का नहीं, बल्कि देश के करोड़ों छात्रों के हित का कानून है। भाषण के अंत में उन्होंने “जय जगन्नाथ” का उद्घोष भी किया। एंटी पेपर लीक बिल पर लोकसभा में जारी बहस के बीच सत्ता पक्ष और विपक्ष अपने-अपने तर्क रख रहे हैं। अब सभी की नजर इस बात पर है कि चर्चा के बाद इस विधेयक को किस रूप में मंजूरी मिलती है।
