राजस्थान के अजमेर जिले से इंसानियत को झकझोर देने वाली एक घटना सामने आई है। मांगलियावास थाना क्षेत्र के मायापुर गांव में 15 साल की एक किशोरी के साथ कथित तौर पर अंधविश्वास के नाम पर बेरहमी की गई। पीड़िता की मां का आरोप है कि जब वह खेत पर काम करने गई हुई थी, तब गांव के कुछ लोग उसकी बेटी को जबरन घर से उठाकर एक मंदिर ले गए। वहां उसके साथ मारपीट की गई और गर्म लोहे की रॉड से हाथ, पैर और माथे पर दाग दिया गया। घटना के बाद परिवार ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई, जिसके आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। इस घटना के सामने आने के बाद इलाके में भी काफी चर्चा है।
गर्म लोहे की रॉड से दागने का आरोप
पीड़िता की मां रामप्यारी ने अपनी शिकायत में बताया कि घटना के समय उनकी बेटी घर पर अन्य बच्चों के साथ थी। आरोप है कि गांव के कुछ लोग उसे जबरन मंदिर ले गए, जहां उसके साथ मारपीट की गई। शिकायत के मुताबिक, एक आरोपी ने गर्म लोहे की रॉड से किशोरी के शरीर को कई जगह दाग दिया। परिवार का कहना है कि बच्ची के हाथ, पैर और माथे पर जलने के निशान साफ दिखाई दे रहे हैं। साथ ही उसे जान से मारने की धमकी भी दी गई। पुलिस ने शिकायत मिलने के बाद मामला दर्ज कर लिया है और जांच की जिम्मेदारी एएसआई हुकुम सिंह राठौड़ को सौंपी गई है। फिलहाल पुलिस सभी आरोपों की जांच कर रही है।
मेडिकल रिपोर्ट और जांच के बाद साफ होगी पूरी सच्चाई
घटना की जानकारी मिलने के बाद कार्यवाहक ग्रामीण डिप्टी एसपी शमशेर खान भी थाने पहुंचे और पीड़िता से बातचीत कर पूरे मामले की जानकारी ली। पुलिस के अनुसार शुरुआती जांच में मंदिर ले जाकर मारपीट किए जाने और शरीर पर चोट के निशान मिलने की पुष्टि हुई है। हालांकि, परिवार की ओर से लगाए गए अंधविश्वास और प्रताड़ना से जुड़े सभी आरोपों की अभी जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि मेडिकल रिपोर्ट आने के बाद यह और स्पष्ट हो सकेगा कि किशोरी को किस तरह की चोटें आई हैं और घटना की पूरी सच्चाई क्या है। इसलिए जांच पूरी होने से पहले किसी अंतिम निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं होगा।
आरोपियों की तलाश तेज, कई जगह पुलिस की दबिश
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए अलग-अलग टीमें बनाई हैं। संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दी जा रही है ताकि सभी आरोपियों को जल्द गिरफ्तार किया जा सके। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मेडिकल रिपोर्ट, पीड़िता के बयान और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित धाराओं के तहत सख्त कार्रवाई होगी। फिलहाल पुलिस हर पहलू की बारीकी से जांच कर रही है। इस घटना ने एक बार फिर अंधविश्वास के नाम पर होने वाली कथित हिंसा और समाज में जागरूकता की जरूरत पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
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