Homeदेशबिलौटी में बनने जा रही थी भरत तिवारी की स्मारक, फिर अचानक...

बिलौटी में बनने जा रही थी भरत तिवारी की स्मारक, फिर अचानक प्रशासन ने क्यों लगा दी रोक? खड़ा हुआ नया विवाद

भरत तिवारी एनकाउंटर मामले में नया विवाद। जहां भरत को गोली लगी थी, वहां बन रहे स्मारक पर प्रशासन ने लगाई रोक। जानिए क्या है पूरा मामला।

-

भोजपुर के बिलौटी गांव में हुए भरत भूषण तिवारी के एनकाउंटर का मामला अब एक नए विवाद में फंस गया है। इस घटना के बाद से ही इलाके के लोग दुखी और गुस्से में हैं। अब नया बवाल भरत तिवारी की याद में बनने वाले स्मारक (यादगार स्थल) को लेकर शुरू हुआ है। जिस जगह पर भरत तिवारी को पुलिस की गोली लगी थी और वे गिरे थे, उस जगह को गांव वालों ने घेर दिया है। लोग वहां की मिट्टी को सम्मान से अपने माथे पर लगा रहे हैं और वहां एक स्मारक बनाना चाहते हैं। लेकिन प्रशासन ने इस काम पर अचानक रोक लगा दी है, जिससे गांव में तनाव और बढ़ गया है।

सरकारी जमीन का बहाना या कानूनी नियम?

स्मारक बनाने के काम पर रोक लगाने के पीछे प्रशासन ने जमीन के कागजात का हवाला दिया है। शाहपुर के अंचलाधिकारी (सीओ) आनंद प्रकाश ने साफ कहा है कि जिस जमीन पर लोग स्मारक बना रहे हैं, वह असल में बिहार सरकार की जमीन है। सरकारी नियम कहते हैं कि बिना सरकारी इजाजत या एनओसी (अनापत्ति प्रमाण पत्र) के सरकारी जमीन पर कोई भी निर्माण नहीं किया जा सकता। अधिकारियों का कहना है कि अगर बिना परमिशन के वहां कोई भी ढांचा खड़ा किया गया, तो प्रशासन उसे हटा देगा। इसी वजह से वहां ईंटें तो रख दी गई हैं, लेकिन आगे का काम रुक गया है।

उत्तराखंड के महाराज ने दी मदद, रखी पहली ईंट

इस मामले में मोड़ तब आया जब उत्तराखंड के एक बड़े मठ के स्वामी आनंद स्वरूप महाराज खुद बिलौटी गांव पहुंचे। उन्होंने भरत तिवारी के परिवार से मिलकर उनका दुख बांटा। महाराज ने ऐलान किया कि स्मारक को बनाने में जो भी खर्चा आएगा, वह पूरा का पूरा खुद उठाएंगे। उन्होंने खुद अपने हाथों से स्मारक की पहली ईंट भी रखी थी। गांव वालों का कहना है कि वे इस जगह को भरत की याद के तौर पर संजोकर रखना चाहते हैं, लेकिन अब इस काम के बीच में कानूनी अड़चन आ गई है।

‘शहीद’ का दर्जा देने की मांग और लोगों का गुस्सा

प्रशासन द्वारा काम रोके जाने से स्थानीय लोग बेहद नाराज हैं। लोगों का कहना है कि भरत तिवारी के साथ गलत हुआ है और वे उसे ‘शहीद’ का दर्जा देने की मांग कर रहे हैं। पूरे गांव में पुलिस और प्रशासन के खिलाफ काफी गुस्सा है। गांव वालों को अभी भी उम्मीद है कि जमीन का यह विवाद बातचीत से सुलझ जाएगा और स्मारक का काम फिर से शुरू हो सकेगा। अब देखना यह है कि प्रशासन इस मामले में क्या रास्ता निकालता है और लोगों का गुस्सा शांत होता है या नहीं।

Read more-चढ़ावा चोरी मामले में कोर्ट का बड़ा फैसला, सभी 8 आरोपी के खिलाफ क्या दिया आदेश?

Related articles

Leave a reply

Please enter your comment!
Please enter your name here

Stay Connected

0FansLike
0FollowersFollow
0FollowersFollow
0SubscribersSubscribe

Latest posts