BCCI: जीसीसी कप के दौरान एक ऐसा दृश्य सामने आया जिसने खेल से कहीं आगे जाकर राजनीतिक और राष्ट्रीय भावनाओं को छू लिया। पाकिस्तान के अंतरराष्ट्रीय कबड्डी खिलाड़ी उबैदुल्लाह राजपूत को भारत की जर्सी में खेलते हुए और मैच जीतने के बाद भारतीय तिरंगा कंधों पर लहराते देखा गया। जैसे ही यह वीडियो और तस्वीरें सोशल मीडिया पर सामने आईं, मामला तेजी से वायरल हो गया। कुछ लोगों ने इसे खेल भावना से जोड़ा, तो कई ने इसे नियमों और राष्ट्रीय अनुशासन का उल्लंघन बताया। देखते ही देखते यह मुद्दा पाकिस्तान में चर्चा का केंद्र बन गया और सवाल उठने लगे कि एक पाकिस्तानी खिलाड़ी भारतीय टीम का प्रतिनिधित्व कैसे कर सकता है।
राजपूत द्वारा पहनी गई जर्सी और तिरंगे की तस्वीरें खासतौर पर इसलिए संवेदनशील मानी गईं क्योंकि भारत और पाकिस्तान के बीच खेल संबंध पहले से ही सीमित और तनावपूर्ण रहे हैं। ऐसे माहौल में एक पाकिस्तानी खिलाड़ी का भारतीय रंग में दिखना पाकिस्तान कबड्डी महासंघ के लिए गंभीर मामला बन गया। सोशल मीडिया पर बहस तेज हो गई और दबाव बढ़ता चला गया कि इस पर आधिकारिक कार्रवाई होनी चाहिए।
जीसीसी कप और निजी टूर्नामेंट की पूरी कहानी
जिस टूर्नामेंट में यह घटना हुई, वह जीसीसी कप था, जिसे एक निजी प्रतियोगिता बताया गया है। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, उबैदुल्लाह राजपूत को इस टूर्नामेंट में खेलने के लिए किसी आधिकारिक एनओसी की अनुमति नहीं मिली थी। पाकिस्तान कबड्डी महासंघ के नियमों के अनुसार, कोई भी राष्ट्रीय या अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी बिना महासंघ की अनुमति के विदेश यात्रा नहीं कर सकता और न ही किसी विदेशी टीम का प्रतिनिधित्व कर सकता है।
Pakistan Kabaddi Federation has imposed ban on Pakistani player Ubaidullah Rajput for representing Indian team in Bahrain Kabaddi Cup. Rajput has right to appeal but disciplinary committee is unlikely to grant any relief#Kabaddi #PakistanKabaddi pic.twitter.com/bA2t7Av3ze
— Shakeel Khan Khattak (@ShakeelktkKhan) December 27, 2025
राजपूत ने बाद में यह दावा किया कि उन्हें यह नहीं बताया गया था कि वह जिस टीम के लिए खेल रहे हैं, उसे भारतीय टीम के रूप में पेश किया जाएगा। उनका कहना है कि यह पूरी घटना एक गलतफहमी का नतीजा है। हालांकि, महासंघ ने इस दलील को स्वीकार करने से इनकार कर दिया। महासंघ का साफ कहना है कि चाहे टूर्नामेंट निजी हो या आमंत्रण आधारित, नियमों का पालन करना हर खिलाड़ी के लिए अनिवार्य है। इसी नियम उल्लंघन को इस पूरे विवाद की जड़ माना गया।
पाकिस्तान कबड्डी महासंघ का सख्त फैसला
वीडियो वायरल होने और विवाद बढ़ने के बाद पाकिस्तान कबड्डी महासंघ (PKF) ने शनिवार को आपातकालीन बैठक बुलाई। बैठक के बाद महासंघ ने उबैदुल्लाह राजपूत पर अनिश्चितकालीन प्रतिबंध लगाने का फैसला किया। पीकेएफ के सचिव राणा सरवर ने बताया कि राजपूत पर बिना एनओसी विदेश यात्रा करने, निजी टूर्नामेंट में खेलने और भारत की टीम का प्रतिनिधित्व करने जैसे गंभीर आरोप साबित हुए हैं।
सरवर ने यह भी स्पष्ट किया कि राजपूत ने न सिर्फ भारतीय जर्सी पहनी, बल्कि एक मुकाबले में जीत के बाद भारतीय ध्वज को अपने कंधों पर लपेटा, जिसे महासंघ ने अनुशासनहीनता माना। हालांकि महासंघ ने यह भी कहा कि राजपूत को अनुशासनात्मक समिति के सामने अपील करने का पूरा अधिकार है। इसके अलावा, जीसीसी कप में एनओसी के बिना खेलने वाले अन्य खिलाड़ियों पर भी प्रतिबंध और आर्थिक जुर्माना लगाया गया है, जिससे यह संदेश साफ है कि नियमों के उल्लंघन पर किसी को बख्शा नहीं जाएगा।
सोशल मीडिया प्रतिक्रिया और खिलाड़ी का भविष्य
इस घटना के बाद सोशल मीडिया पर मिली-जुली प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं। कुछ यूजर्स ने इसे खेल को राजनीति से ऊपर रखने की मिसाल बताया, जबकि कई लोगों ने इसे राष्ट्रीय नियमों और भावनाओं का अपमान करार दिया। पाकिस्तान में यह बहस भी तेज हो गई कि खिलाड़ियों को निजी टूर्नामेंट खेलने की कितनी आज़ादी होनी चाहिए और महासंघ के नियम कितने सख्त होने चाहिए।
उबैदुल्लाह राजपूत के करियर पर इस फैसले का गहरा असर पड़ सकता है। अनिश्चितकालीन बैन का मतलब है कि जब तक अनुशासनात्मक समिति कोई नया फैसला नहीं लेती, तब तक वह किसी भी राष्ट्रीय या अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में हिस्सा नहीं ले पाएंगे। यह मामला आने वाले समय में अन्य खिलाड़ियों के लिए भी चेतावनी बन सकता है कि नियमों की अनदेखी भारी पड़ सकती है। अब सबकी नजरें इस बात पर टिकी हैं कि राजपूत की अपील पर महासंघ क्या रुख अपनाता है और क्या उन्हें दोबारा कबड्डी के मैदान पर उतरने का मौका मिलेगा।
