उत्तर प्रदेश सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों में सार्वजनिक परिवहन सुविधा बढ़ाने के लिए मुख्यमंत्री ग्राम परिवहन योजना शुरू की है। इस योजना के तहत प्रदेश के हजारों गांवों में मई 2026 से मिनी बसों का संचालन शुरू किया जाएगा। परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने शुक्रवार को अधिकारियों के साथ बैठक में सभी आवश्यक निर्देश दिए, ताकि योजना समय पर शुरू हो सके और सड़क सुरक्षा नियमों का पालन सुनिश्चित किया जा सके।
योजना का उद्देश्य गांवों को बेहतर कनेक्टिविटी देना है, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों के लोग आसानी से जिला मुख्यालय और नजदीकी कस्बों तक यात्रा कर सकें। कुल 59,163 ग्राम पंचायतों को इस योजना से जोड़ने की तैयारी की जा रही है।
आवेदन प्रक्रिया और बसों की जानकारी
मुख्यमंत्री ग्राम परिवहन योजना के तहत 15 से 28 सीट वाली मिनी बसों के लिए निजी वाहन मालिक आवेदन कर सकते हैं। आवेदन करने की आखिरी तारीख 28 मार्च 2026 है। आवेदन पत्र संबंधित जिले के सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक (ARM) कार्यालय से प्राप्त किए जा सकते हैं।
चयनित वाहन मालिकों को हर महीने 1500 रुपये संरक्षण शुल्क देना होगा और साथ ही पांच हजार रुपये की सुरक्षा राशि जमा करनी होगी। आवेदन के साथ दो हजार रुपये का बैंक ड्राफ्ट भी अनिवार्य है। परिवहन मंत्री ने कहा कि इस योजना के माध्यम से निजी वाहन मालिक भी कमाई कर सकेंगे और प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्र बेहतर सार्वजनिक परिवहन सुविधा का लाभ उठा सकेंगे।
गांव वालों और वाहन मालिकों को होगा लाभ
उत्तर प्रदेश सरकार की इस योजना से ग्रामीण क्षेत्रों के निवासियों को प्रतिदिन यात्रा में सुविधा होगी। लोग अब दूर-दराज़ के बाज़ार, अस्पताल और शैक्षिक संस्थानों तक आसानी से पहुँच पाएंगे। इससे न केवल समय की बचत होगी, बल्कि ग्रामीण इलाकों में रोजगार और व्यवसाय के अवसर भी बढ़ेंगे।
वहीं निजी बस मालिकों के लिए यह योजना नियमित कमाई का अवसर लेकर आई है। केवल 1500 रुपये मासिक शुल्क में वे अपनी बसों का संचालन कर सकते हैं और एक स्थायी आय स्रोत बना सकते हैं। मंत्री दयाशंकर सिंह ने कहा कि यह पहल ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूत करेगी और युवाओं को रोजगार के नए अवसर देगी।
योजना की विशेषताएँ और सुरक्षा उपाय
उत्तर प्रदेश सरकार की योजना में शामिल सभी बसों को सुरक्षा नियमों का पालन करना अनिवार्य होगा। परिवहन विभाग द्वारा नियमित निरीक्षण किया जाएगा और सड़क सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ड्राइवरों का प्रशिक्षण दिया जाएगा। अधिकारियों ने कहा कि योजना का उद्देश्य सिर्फ बस चलाना नहीं, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में सुरक्षित और विश्वसनीय परिवहन व्यवस्था प्रदान करना है।
उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि आवेदन प्रक्रिया और चयन में पारदर्शिता बरती जाए। सभी इच्छुक वाहन मालिकों को योजना का पूरा लाभ मिलना चाहिए। इस पहल से राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों में न केवल लोगों की यात्रा आसान होगी, बल्कि स्थानीय रोजगार और व्यवसाय को भी बढ़ावा मिलेगा।
Read More-रसोई गैस पर बड़ा झटका! यूपी में LPG के नए रेट जारी, आपके शहर में सिलेंडर कितने का हुआ?
