कानपुर देहात के शिवली थाना क्षेत्र से सामने आया यह मामला सिर्फ एक हत्या नहीं, बल्कि अंधविश्वास और एकतरफा प्यार का खौफनाक उदाहरण है। 26 साल का राजाबाबू अपने ही गांव की एक युवती से लंबे समय से प्रेम करता था, लेकिन यह प्रेम कभी भी उसकी ओर से स्वीकार नहीं किया गया। अप्रैल 2025 में युवती की शादी हो गई और यहीं से राजाबाबू का मानसिक संतुलन डगमगाने लगा। वह इस सच्चाई को स्वीकार नहीं कर पाया कि जिस लड़की को वह चाहता है, वह अब किसी और की पत्नी बन चुकी है। इसी टूटन और निराशा में वह ऐसे रास्ते पर चल पड़ा, जहां से वापसी संभव नहीं थी। उसने हालात बदलने के लिए मेहनत या समझदारी का सहारा नहीं लिया, बल्कि अंधविश्वास की दुनिया में कदम रख दिया।
तंत्र-मंत्र का झांसा देकर फसाया
प्रेमिका को “वश में” करने की चाह में राजाबाबू की मुलाकात तांत्रिक नीलू से हुई। नीलू ने खुद को सिद्ध तांत्रिक बताकर उसे भरोसे में लिया और तंत्र क्रिया के नाम पर पहले 36 हजार रुपये ऐंठ लिए। इसी दौरान संयोग से जब महिला का अपने पति से विवाद हुआ और वह कुछ दिनों के लिए मायके आई, तो राजाबाबू को लगने लगा कि तंत्र विद्या असर दिखा रही है। लेकिन यह भ्रम ज्यादा दिन नहीं चला। महिला दोबारा ससुराल लौट गई तो राजाबाबू और बेचैन हो उठा। इसी कमजोरी का फायदा उठाते हुए तांत्रिक ने इस बार 6 लाख रुपये की मांग कर दी, जिसे बाद में 2 लाख में “बड़ी पूजा” के नाम पर तय किया गया। राजाबाबू इस कदर अंधविश्वास में डूब चुका था कि उसे यह समझ ही नहीं आया कि वह ठगा जा रहा है।
शराब पीने के बाद हुआ विवाद
24 नवंबर की शाम राजाबाबू और तांत्रिक नीलू औनहा की ओर निकले। रास्ते में दोनों ने शराब और मिठाई खरीदी और सैयद बाबा की मजार के पास खेत में बैठ गए। शराब पीने के बाद दोनों के बीच कहासुनी शुरू हो गई। नशे में राजाबाबू लगातार सवाल करने लगा और तंत्र क्रिया के असर को लेकर बहस तेज हो गई। पुलिस पूछताछ में आरोपी नीलू ने कबूल किया कि उसे डर था कि कहीं राजाबाबू को सच्चाई समझ न आ जाए। जैसे ही राजाबाबू ज्यादा नशे में जमीन पर गिरा, नीलू ने मौका देखकर चाकू से उसके सीने पर कई वार कर दिए। अंधेरे खेत में एक युवक की सांसें थम गईं और तांत्रिक वहां से फरार हो गया, यह सोचकर कि उसका झूठ हमेशा के लिए दब गया है।
पुलिस जांच में खुला पूरा राज
घटना के बाद जब राजाबाबू घर नहीं लौटा, तो परिजनों ने तलाश शुरू की। खेत में उसका शव मिलने से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई। पुलिस ने मामले की जांच शुरू की और कॉल डिटेल, लेनदेन और स्थानीय लोगों से पूछताछ के आधार पर तांत्रिक नीलू तक पहुंची। कड़ाई से पूछताछ करने पर आरोपी टूट गया और उसने पूरी साजिश कबूल कर ली। पुलिस ने हत्या में इस्तेमाल चाकू भी बरामद कर लिया है और आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। यह मामला न सिर्फ एक युवक की मौत की कहानी है, बल्कि समाज के लिए एक चेतावनी भी है कि अंधविश्वास, तंत्र-मंत्र और लालच किस तरह इंसान को बर्बादी की ओर धकेल देते हैं। एकतरफा प्यार में लिया गया गलत फैसला आखिरकार राजाबाबू के लिए मौत का कारण बन गया।
