उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में 23 दिसंबर 2025 को पुलिस और RPF व CRPF की संयुक्त टीम ने ऑपरेशन टॉर्च के तहत थाना कौशांबी क्षेत्र में अवैध बांग्लादेशी और रोहिंग्या नागरिकों की तलाश के लिए अभियान चलाया। इस दौरान SHO अजय शर्मा का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। वीडियो में वह एक व्यक्ति की पीठ पर मोबाइल रखकर कहते दिखे कि “मशीन तो बांग्लादेशी बता रही है।” यह वीडियो तेजी से वायरल होने के बाद गाजियाबाद पुलिस की आलोचना शुरू हो गई।
सियासी और सामाजिक प्रतिक्रियाएं
इस मामले ने स्थानीय राजनीति और समाज में भी हलचल मचा दी। आलोचकों का कहना है कि पुलिस गरीबों और अल्पसंख्यकों को निशाना बना रही है। पुलिस अधिकारियों ने इसे गंभीर मामला मानते हुए SHO अजय शर्मा को चेतावनी दी और कहा कि भविष्य में इस तरह के कदम न उठाए जाएँ। एसीपी इंदिरापुरम अभिषेक श्रीवास्तव ने भी सभी पुलिसकर्मियों से संयम और सही व्यवहार की अपील की।
पीड़ित परिवार की प्रतिक्रिया
वीडियो में दिख रहे व्यक्ति मोहम्मद कौसर हैं, जिनके परिवार के साथ यह घटना हुई। मीडिया जब वैशाली सेक्टर-3 स्थित झुग्गियों में पहुंची तो कौसर परिवार ने बताया कि वे यहां सालों से रह रहे हैं और वोट डालते आए हैं। मोहम्मद कौसर की साली रोशनी खातून ने कहा कि पुलिस आने पर वे डरने के बजाय अपने आधार कार्ड, पैन कार्ड और वोटर आईडी कार्ड दिखाकर सभी चीजें स्पष्ट कर दी। परिवार का कहना है कि वे हमेशा कानून का पालन करते आए हैं।
पुलिस की चेतावनी और भविष्य की कार्रवाई
वीडियो वायरल होने के बाद गाजियाबाद पुलिस ने स्पष्ट किया कि SHO को चेतावनी दी गई है। अधिकारियों ने कहा कि भविष्य में इस तरह की कार्रवाई करने पर सख्त एक्शन लिया जाएगा। साथ ही पुलिस ने सभी कर्मियों को सार्वजनिक व्यवहार में संयम बरतने और किसी भी समुदाय को परेशान न करने के निर्देश दिए हैं। यह मामला अब तक सोशल मीडिया और स्थानीय मीडिया में चर्चा का विषय बना हुआ है।
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