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अमिताभ बच्चन के पैतृक गांव से बड़ी खबर, हरिवंश राय बच्चन मेमोरियल लाइब्रेरी जल्द होगी जमींदोज,जानिए वजह

प्रतापगढ़ के बाबूपट्टी गांव में स्थित हरिवंश राय बच्चन मेमोरियल लाइब्रेरी जर्जर हालत के चलते ध्वस्त होगी. जानिए क्यों लिया गया ये फैसला और क्या बनेगा नया.

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उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिले के बाबूपट्टी गांव में स्थित हरिवंश राय बच्चन मेमोरियल लाइब्रेरी को लेकर बड़ा प्रशासनिक फैसला सामने आया है. महान कवि और साहित्यकार हरिवंश राय बच्चन की स्मृति में बने इस पुस्तकालय की इमारत अब अपनी खराब हालत के चलते जल्द ही ध्वस्त की जाएगी. ग्रामीणों और पंचायत स्तर से लगातार मिल रही शिकायतों के बाद प्रशासन ने इसकी तकनीकी जांच कराई, जिसमें इमारत को असुरक्षित घोषित किया गया. छत से पानी टपकना, दीवारों में दरारें और जर्जर ढांचा किसी भी समय बड़े हादसे का कारण बन सकता है. इसी को देखते हुए ग्राम पंचायत के प्रस्ताव पर जिला पंचायत राज अधिकारी ने लोक निर्माण विभाग को ध्वस्तीकरण की प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए हैं.

2006 में हुआ था उद्घाटन, अब नए रूप में लौटेगा पुस्तकालय

हरिवंश राय बच्चन मेमोरियल लाइब्रेरी का उद्घाटन वर्ष 2006 में हुआ था. उस समय राज्यसभा सांसद जया बच्चन ने इस पुस्तकालय का लोकार्पण किया था. यह लाइब्रेरी लंबे समय तक गांव और आसपास के छात्रों के लिए अध्ययन का प्रमुख केंद्र रही, लेकिन बीते कुछ वर्षों से इसके रखरखाव पर ध्यान नहीं दिया गया. समय के साथ भवन की हालत खराब होती चली गई. अब प्रशासन ने निर्णय लिया है कि पुराने भवन को पूरी तरह हटाकर उसी स्थान पर एक नया, आधुनिक और सुविधाओं से लैस पुस्तकालय बनाया जाएगा. प्रस्तावित नए पुस्तकालय पर लगभग 60 लाख रुपये खर्च किए जाने की योजना है, जिसमें डिजिटल स्टडी जोन, आधुनिक रीडिंग हॉल और लाइब्रेरी मैनेजमेंट सिस्टम शामिल होगा.

बाबूपट्टी को हाईटेक गांव बनाने की बड़ी योजना

अमिताभ बच्चन के पैतृक गांव बाबूपट्टी को एक मॉडल और हाईटेक गांव के रूप में विकसित करने की दिशा में बड़े कदम उठाए जा रहे हैं. हरिवंश राय बच्चन प्रबोधन प्रतिष्ठान महाराष्ट्र द्वारा इस गांव को गोद लिया गया है. ‘मातृ भूमि योजना’ के तहत गांव में आधारभूत सुविधाओं को आधुनिक स्वरूप देने का काम प्रस्तावित है. इसमें चौड़ी और मजबूत सड़कें, बेहतर जल निकासी व्यवस्था, स्कूलों का नवीनीकरण, खेल मैदान, गार्डन, कॉलेज और नया पुस्तकालय शामिल हैं. इस परियोजना पर करोड़ों रुपये खर्च होने की संभावना है. स्थानीय लोगों का मानना है कि इससे गांव का शैक्षणिक और सामाजिक स्तर दोनों मजबूत होंगे.

ग्रामीणों में उम्मीद, जल्द शुरू होगा निर्माण कार्य

ग्राम प्रधान और ग्रामीणों का कहना है कि पुराने पुस्तकालय को गिराने का फैसला भावनात्मक जरूर है, लेकिन सुरक्षा और भविष्य को देखते हुए जरूरी भी है. उनका मानना है कि नया पुस्तकालय हरिवंश राय बच्चन की स्मृति को और भव्य तरीके से संजोएगा. लोक निर्माण विभाग द्वारा अंतिम तकनीकी प्रक्रिया पूरी करने के बाद जल्द ही बुलडोजर की कार्रवाई शुरू की जाएगी. इसके तुरंत बाद नए भवन के निर्माण की प्रक्रिया तेज किए जाने की तैयारी है. ग्रामीणों को उम्मीद है कि आने वाले समय में बाबूपट्टी गांव शिक्षा और विकास का नया उदाहरण बनेगा और हरिवंश राय बच्चन की साहित्यिक विरासत नई पीढ़ी तक और बेहतर ढंग से पहुंचेगी.

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