सहारनपुर में रहने वाले एक परिवार की ज़िंदगी उस रात अचानक थम गई, जब रात 11 बजे दिपांशी के पिता के फोन पर एक डरावनी खबर आई। फोन दिपांशी के ससुर ने किया था और उन्होंने घबराई हुई आवाज़ में कहा—”आपकी बेटी ठंडी हो चुकी है।” इस एक घटना ने परिवार की दुनिया ही उजाड़ दी। 24 साल की दिपांशी कुछ ही महीने पहले शादी करके अपने सपनों का नया घर बसाने गई थी। लेकिन जैसे-जैसे उसकी ससुराल से खबरें आती रहीं, परिवार को एहसास होने लगा कि दिपांशी की दुनिया वैसी नहीं थी, जैसी उसे दिखती थी। परिवार के अनुसार, उनकी बेटी को अक्सर ससुराल में तनाव और टॉर्चर झेलना पड़ता था। उनके मुताबिक, एक तरफ पति का लगातार दबाव और झगड़े थे, वहीं दूसरी ओर दारोगा पद पर तैनात ससुर का सख्त रवैया उसे मानसिक रूप से तोड़ रहा था।
शादी के बाद शुरू हुआ दर्द
दिपांशी के पिता बताते हैं कि शादी के शुरुआती दिनों में सब कुछ सामान्य लग रहा था, पर जल्द ही हालात बदलने लगे। परिवार का आरोप है कि ससुराल वालों ने दिपांशी के ऊपर घर के नियम-कानून का दबाव इतना बढ़ा दिया कि वह मानसिक रूप से टूटने लगी। पति, जो पेशे से वकील बताया जा रहा है, कथित तौर पर दिपांशी पर लगातार घरेलू दबाव बनाता रहा। उसके पिता के अनुसार, झगड़े आए दिन की बात हो गई थी। वहीं दारोगा ससुर की कड़ाई कभी-कभी धमकी जैसी महसूस होती थी। परिवार कहता है कि दिपांशी अपने दर्द को छुपाते-छुपाते खुद ही अंदर से खत्म होती चली गई। कई बार उसने फोन पर अपनी मां को बताया कि ससुराल का माहौल उसे घुटन देता है। वह अपने माता-पिता का घर याद करती रहती थी, लेकिन हालात इतने कठिन थे कि वह कुछ कर भी नहीं पा रही थी।
मौत की खबर और चौंकाने वाली घटनाएं
जिस रात यह घटना हुई, परिवार को सिर्फ एक फोन कॉल मिला—और वह भी बेहद ठंडे शब्दों में।
जब परिजन ससुराल पहुंचे, तो उन्हें कई बातें सामान्य नहीं लगीं। परिवार को यह भी बताया गया कि दिपांशी की तबीयत अचानक खराब हुई थी, लेकिन कोई स्पष्ट कारण सामने नहीं आया।
परिवार ने आशंका जताई कि दिपांशी की मौत सामान्य नहीं थी। उन्हें लगा कि शायद लंबे समय से चल रही प्रताड़ना ही इस दर्दनाक अंत का कारण बनी हो। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई और मामले में जांच शुरू कर दी गई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फोरेंसिक जांच के आधार पर पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि दिपांशी की मौत कैसे हुई और इसके पीछे क्या कारण रहे। मामला गंभीर है, स्थानीय प्रशासन भी अब इस पर कड़ी नजर बनाए हुए है। महिला सुरक्षा से जुड़े संगठनों ने भी घटना की पूरी जांच की मांग की है।
सवालों के घेरे में ससुराल
दिपांशी का परिवार अपनी बेटी को न्याय दिलाने के लिए पूरी ताकत से लड़ रहा है। उनका दावा है कि दिपांशी को शादी के बाद से ही मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा था। परिवार का कहना है कि वह हमेशा मुस्कुराती रहती थी, लेकिन ससुराल में उसके सपने टूटते चले गए। मामला अब पूरी तरह जांच के अधीन है। पुलिस सभी पहलुओं पर काम कर रही है, ताकि दिपांशी की मौत की असल वजह सामने आ सके।
स्थानीय लोग भी इस घटना से हिल गए हैं और मांग कर रहे हैं कि दोषी, चाहे कोई भी हो, उसे कड़ी सज़ा मिले। दिपांशी की अधूरी कहानी आज समाज के सामने कई सवाल खड़े करती है—क्या एक लड़की की जिंदगी शादी के बाद भी उसकी अपनी नहीं रह जाती? क्या घरेलू तनाव और परिवार का दबाव किसी की जान ले सकता है? दिपांशी अब इस दुनिया में नहीं है, लेकिन उसकी कहानी हर उस लड़की की आवाज़ बनकर सामने आई है, जो चुपचाप सब कुछ सहती रहती है।
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