उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने होमगार्ड भर्ती को लेकर एक अहम फैसला लिया है। सीएम योगी ने बताया कि प्रदेश में चल रही 45 हजार होमगार्ड की भर्ती में “आपदा मित्रों” को प्राथमिकता दी जाएगी। इसका मतलब यह है कि जो लोग पहले से आपदा के समय राहत और बचाव कार्य में काम कर चुके हैं, उन्हें होमगार्ड बनने का ज्यादा मौका मिलेगा। मुख्यमंत्री यह जानकारी 75 जिलों में कराई गई मॉक ड्रिल और ब्लैकआउट अभ्यास के बाद दे रहे थे। उन्होंने कहा कि आज के समय में नागरिक सुरक्षा संगठन की भूमिका बहुत बढ़ गई है। अब यह संगठन सिर्फ त्योहारों या कार्यक्रमों तक सीमित नहीं है, बल्कि हर तरह की आपदा और आपात स्थिति में समाज की मदद करता है।
आपदा और आपात स्थिति में क्यों जरूरी हैं होमगार्ड
सीएम योगी ने होमगार्ड भर्ती को लेकर कहा कि चाहे बाढ़ हो, आग लगने की घटना हो, सड़क दुर्घटना हो या कोई बड़ा धार्मिक आयोजन, हर स्थिति में होमगार्ड और नागरिक सुरक्षा स्वयंसेवकों की जरूरत पड़ती है। उन्होंने बताया कि मॉक ड्रिल का मकसद लोगों को तैयार करना है ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत मदद पहुंचाई जा सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि हादसे के बाद पहला एक घंटा यानी “गोल्डन आवर” बहुत अहम होता है। अगर इस समय घायल व्यक्ति को सही इलाज मिल जाए, तो उसकी जान बच सकती है। इसी वजह से होमगार्ड और आपदा मित्रों को लगातार ट्रेनिंग दी जाएगी, ताकि वे मौके पर पहुंचकर तुरंत काम शुरू कर सकें।
एसडीआरएफ के जरिए मजबूत होगी आपदा मित्रों की टीम
होमगार्ड भर्ती को लेकर मुख्यमंत्री योगी ने बताया कि प्रदेश में एसडीआरएफ के जरिए आपदा मित्रों की भर्ती और ट्रेनिंग की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जा रहा है। जो लोग आपदा मित्र के रूप में काम करेंगे, उन्हें होमगार्ड भर्ती में प्राथमिकता मिलेगी। जरूरत पड़ने पर उन्हें अतिरिक्त प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि आज उत्तर प्रदेश में तेजी से विकास हो रहा है। ऊंची इमारतें बन रही हैं, पर्यटन बढ़ रहा है और सड़कें व पुल आधुनिक बन रहे हैं। ऐसे में अगर किसी ऊंची इमारत में आग लग जाए या कोई बड़ा हादसा हो जाए, तो आपदा मित्र और नागरिक सुरक्षा संगठन सबसे पहले पहुंचकर लोगों की मदद कर सकते हैं। इसके लिए नियमित अभ्यास और मॉक ड्रिल बहुत जरूरी है।
आपदा से पहले तैयारी से कम होगा नुकसान
होमगार्ड भर्ती को लेकर सीएम योगी ने कहा कि अगर कहीं बाढ़ जैसी स्थिति बनती है, तो एनडीआरएफ और एसडीआरएफ के आने से पहले ही नागरिक सुरक्षा संगठन प्रशासन की मदद कर सकता है। इससे जान-माल का नुकसान कम किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि आपदा से निपटने के लिए सिर्फ सरकार नहीं, बल्कि समाज के हर व्यक्ति को जागरूक होना चाहिए। इस कार्यक्रम में होमगार्ड और नागरिक सुरक्षा विभाग के मंत्री धर्मवीर प्रजापति, विधायक डॉ. नीरज बोरा, डॉ. लाल जी प्रसाद निर्मल, रामचंद्र प्रधान, ओपी श्रीवास्तव, अपर मुख्य सचिव गृह संजय प्रसाद और प्रमुख सचिव नागरिक सुरक्षा संयुक्ता समद्दार समेत कई अधिकारी मौजूद रहे। सरकार का साफ संदेश है कि उत्तर प्रदेश को आपदा प्रबंधन के मामले में और मजबूत बनाया जाएगा, ताकि हर स्थिति में लोगों की जान बचाई जा सके।
